मध्य प्रदेश में उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने के लिए 24 हजार करोड़ रुपये अनुदान देगी सरकार

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भोपाल। प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को बिजली की दरों में दी जाने वाली छूट से विद्युत वितरण कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार अनुदान के रूप में करेगी। विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए निर्धारित दर के अनुरूप अंतर की राशि 24 हजार करोड़ रुपये अनुदान के रूप विद्युत वितरण कंपनियों को दिए जाएंगे। इसके लिए ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
इसके साथ ही खरगोन, धार, भिंड, बालाघाट, टीकमगढ़ और सीधी में सौ-सौ एमबीबीएस सीट प्रवेश क्षमता के मेडिकल कालेज खोलने की सैद्धांतिक सहमति दी जा सकती है।विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2023-24 के लिए विद्युत कंपनियों के प्रस्ताव और जनसुनवाई के बाद दरें निर्धारित की हैं। सरकार इससे कम दर पर उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराती है।
विद्युत वितरण कंपनियों को अतंर की राशि अनुदान के रूप में दी जाती है। इसका प्रस्ताव ऊर्जा विभाग ने तैयार किया है। इसमें सर्वाधिक राशि किसानों को कम दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए दी जाएगी। इसके साथ ही दीनदयाल रसोई योजना के तीसरे चरण में शासन प्रति हितग्राही अनुदान पांच के स्थान पर दस रुपये देगी।
मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के चौथे चरण में नगरीय निकायों को कुल एक हजार 700 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें से 954 करोड़ रुपये का ऋण और 745 करोड़ रुपये का अनुदान होगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छह जिलों में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति का प्रस्ताव है, जिस पर कैबिनेट में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इन पर भी होगा विचार
– पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के उपचार के लिए लागू पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को निरंतर रखने की स्वीकृति।
– भोज वेटलैंड की भूमि पर्यावरण वानिकी वनमंडल भोपाल का हस्तांतरित करना।
– सीहोर जिले की भैरूंदा अंतर्गत सीप-अंबर कांप्लेक्स सिंचाई परियोजना के दूसरे चरण को प्रशासकीय स्वीकृति।
– समर्थन मूल्य पर खरीदी ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द को निराश्रित शुल्क से छूट