डॉ हेमलता (राजगुरु) जैन की पुस्तक का विमोचन उदयपुर में संपन्न

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साबिर पटेल
सीतामऊ:- उदयपुर राजस्थान विद्यापीठ के संस्थापक पंडित जनार्दन राय नागर 112 वी जयंती पर आयोजित सात दिवसीय समारोह के तहत प्रताप नगर स्थित आईटी सभागार में डॉक्टर हेमलता जैन द्वारा लिखित पुस्तक “रमसा की वस्तुस्थिति एवं क्रियान्वयन में आने वाली समस्याएं” का विमोचन किया गया।
उल्लेखनीय है कि डॉ हेमलता जैन सीतामऊ नगर के प्रतिष्ठित राजगुरु परिवार की पुत्री एवं उदयपुर की पुत्रवधू है।
आपके पिता सेवानिवृत्त शिक्षक लक्ष्मण सिंह राजगुरु द्वारा बताया गया कि मेरी पुत्री की प्रारंभिक शिक्षा सरस कुंवर कन्या माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीतामऊ में हुई।
तत्पश्चात उच्च अध्ययन हेतु आपने राजस्थान विश्वविद्यालय उदयपुर में प्रवेश लिया जहां से “राष्ट्रीय शिक्षा अभियान विषय में पीएचडी” की उपाधि प्राप्त कर नगर को गौरवान्वित किया।
गौरतलब है कि नगर के श्रीराम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं सरस कुंवर कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सीतामऊ से विद्या अध्ययन कर कई प्रतिभाओं ने देश-विदेश में नगर का नाम रोशन किया है इसी कड़ी में आज एक और नाम डॉक्टर हेमलता (राजगुरु) जैन का जुड़ गया पुस्तक विमोचन से नगर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन होगा।
रमसा की वस्तुस्थिति एवं क्रियान्वयन में आने वाली समस्याएं पुस्तक का विमोचन डॉ तरुण श्रीमाली, डॉ हिना खान, डॉ नीरू राठौड़, डाॅ दिनेश श्रीमाली, डॉ अमी राठौड़, डॉ बलिदान जैन, डॉ सुनीता मुर्डीया, सुभाष बोहरा, डॉ ममता कुमावत, डॉ सुभाष पुरोहित, डॉ सरिता मेनारिया आदि अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ।
मेरी पुस्तक रमसा की वस्तु स्थिति एवं क्रियान्वयन में आने वाली समस्या जो एक सरकारी प्रयोजना है जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों का माध्यमिक शिक्षा हेतु शत-प्रतिशत नामांकन एवं पूर्णता प्राप्त करना है।