किसान को सड़क पर मिला पर्स, संबंधित को लौटाकर मानवता की मिसाल पेश की

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अपना पर्स पाकर युवक ने कहा ईमानदारी आज भी जीवित
कुचड़ौद। (राहुल पंवार) गांव के एक किसान को सड़क पर निकलते हुए पर्स मिला। खोलकर देखा तो उसमें जरूरी कागजात एवं रुपए थे। किसान ने पर्स संबंधित को ढूंढ कर पुलिस के समक्ष, लोटा कर मानवता की मिसाल पेश की। कुचड़ोद के किसान फरीद शाह ने बताया ट्रैक्टर से रसूल शाह के खेत की हकाई कर लौट रहे थे। तभी सड़क पर पर्स दिखा। जिसे लेकर खोलकर देखा तो उसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित कागजात के साथ रुपए भी थे। पर्स मिलने की सूचना कुचड़ोद के जागरूक पत्रकार दिनेश हाबरिया को दी। पत्रकार ने अफजलपुर थाना पुलिस के कुचड़ोद बीट प्रभारी एएसआई भैरू दास बैरागी के समक्ष अस्थाई पुलिस चौकी कुचड़ौद पर पहुंचकर पर्स को सुपुर्द किया। बीट प्रभारी बैरागी ने पर्स से कागज में मिले मोबाइल नंबर से संबंधित को फोन लगाया। तो संबंधित ने अपना नाम प्रदीप सूर्यवंशी 22 वर्ष निवासी रतलाम बताया। जिसे चौकी पर बुलाकर आधार कार्ड में फोटो से मिलान कर पर्स, पत्रकार एवं पुलिस की मौजूदगी में पर्स में रखे डाक्यूमेंट्स के साथ रुपए लौटाए।
अपने डाक्यूमेंट्स एवं रुपये पाकर खुश होकर प्रदीप सूर्यवंशी ने बताया, मानवता एवं इमानदारी आज भी जिंदा है। मैं मोटरसाइकिल से ताल से सांवरिया जी दोस्त के साथ जा रहा था। तभी रास्ते में पर्स गिर गया। जिसमें डाक्यूमेंट्स के साथ रुपए भी थे। मैंने सोचा नहीं था कि मेरा पर्स मिल जाएगा। पर इमानदारी आज भी जीवित है। जिसका परिचय देते हुए कुचड़ोद के फरीद शाह एवं रसूल शाह दोनों किसानों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए। पुलिस एवं पत्रकार की मौजूदगी में मुझे पर्स लौटा कर मिसाल कायम की। मैं इन्हें ह्रदय से धन्यवाद देता हूं।