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सीएम शिवराज से भावी शिक्षक नाराज, आगामी विधानसभा चुनाव में कर सकते हैं विरोध

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मंदसौर – पिछले 5 वर्षों से बड़े ही धीमी गति से नाम मात्र के पदों पर चल रही 2018 की उच्च एवं माध्यमिक स्थाई शिक्षक भर्ती आज तक अधूरी है जिसको लेकर शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण भावी शिक्षकों में आक्रोश दिखाई दे रहा है । पात्रता परीक्षा संघ के प्रदेश संयोजक श्यामलाल रविदास के अनुसार 2018 में सीएम शिवराज जी ने 62,000 शिक्षक भर्ती की घोषणा की थी परंतु आज तक मात्र 30,000 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति पत्र मिले हैं शेष 32,000 पद आज भी रिक्त हैं जिन पर उच्च एवं माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती होना चाहिए थी। पदवृद्धि के साथ तृतीय काउंसलिंग की मांगों को लेकर पात्र अभ्यर्थियों ने सोमवार को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन पत्र सौंपा। ज्ञापन में 1.माध्यमिक शिक्षक भर्ती के उपेक्षित विषयों जैसे हिंदी, उर्दू, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान एवं संस्कृत आदि के पदों में वृद्धि की जाए। 2.उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के हिंदी, उर्दू, संस्कृत, इतिहास,भूगोल,कृषि, समाज शास्त्र,बायोलॉजी एवं कॉमर्स आदि के पदों में वृद्धि की जाए। 3.माध्यमिक शिक्षक भर्ती के अंतर्गत सभी वर्गों के कुल शेष रहें 2,237 पदों पर चयन सूची जारी की जाए। 4.उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के अंतर्गत सभी वर्गों के कुल शेष 6,530 पदों पर चयन सूची जारी की जाए। 5.अतिरिक्त सूची व प्रतीक्षा सूची के समस्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाने कि मांग कि गई।
संगठन संयोजक श्यामलाल रविदास और साथ में मौजूद अभ्यर्थी वीरेंद्र पाटीदार,शबीना शाह,किशन राव,देव प्रकाश,अजय पाटीदार ,प्रकाश गंधर्व सहित अन्य अभ्यर्थियों ने बताया कि वह निर्धारित आयु सीमा को पार कर रहे हैं ।
अतःउनकी मांग है कि पदवृद्धि के साथ तृतीय काउंसलिंग करते हुए स्थाई शिक्षक भर्ती को पूर्ण किया जाए ।
अन्यथा हम प्रदेश के हजारों-लाखों बीएड़/ डीएड़ एवं पात्रता परीक्षा क्वालिफाइड अभ्यर्थी सत्ता परिवर्तन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे ।

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