पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया का जिला कलेक्टर को पत्र ,मंडी नकली पर्चियां के मामले में कही कार्रवाई की बात

मंदसौर। पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया ने कृषि उपज मंडी में फर्जी तरीके से नकली पर्चिययो के आधार पर व्यापारियों से धनराशि तथा नकली किसान बनकर किसानों की जींस की चोरी किए जाने वाली गैंग के विरुद्ध कार्रवाई के लिए कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव को पत्र लिखा है।
श्री सिसोदिया ने पत्र में लिखा कि मंदसौर की कृषि उपज मंडी उज्जैन संभाग की सर्वश्रेष्ठ आदर्श मंडी के रूप में जानी जाती है। हजारों किसान प्रतिदिन इस मंडी में अपनी जींस को बेचने आते हैं। मंडी का परिसर अधो संरचना विकास, व्यापारियों, तुलावटीयो एवं हम्माल, सभी प्रकार की व्यवस्थाओं से किसान इस मंडी पर विश्वास और भरोसा भी करते हैं। बड़े जतन एवं मुश्किलों तथा चुनौतियों का सामना करते हुए मंदसौर मंडी इस मुकाम पर पहुंची है।
जनप्रतिनिधि/ संचालक मंडल का निर्वाचन नहीं होने के कारण सारी व्यवस्था पर निगाह नियंत्रण, शिकायत का निराकरण, कार्य व्यवस्था का संपूर्ण दायित्व मंडी में भार साधक अधिकारी एसडीएम तथा मंडी सचिव पर निर्भर है। मंडी में इन दिनों दो प्रकार की गैंग ने घुसपैठ कर अपनी जगह बना ली है। जिसमें एक गैंग फर्जी किसान बनकर व्यापारियों से भुगतान वसूल प्राप्त कर रही है। एक सप्ताह में ऐसी दो पर्चियां पकड़ी गई है। व्यापारियों ने सबूत भी दिए हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ उनकी धरपकड़, रोकथाम एवं कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। फर्जी पर्चियो का नया खेल मंदसौर मंडी में ही सामने आया है। यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह बेकाबू हो जाएगा।
दूसरा एक नया मामला मेरी जानकारी में आया है कि एक वर्ग विशेष के लोग जिनकी संख्या लगभग सो बताई जा रही है, नकली किसान बनकर आते हैं। जींस की नीलामी के बाद लहसुन जैसी फसल के बड़े ढेर के पास अवांछित और असामाजिक तत्व 50 किलो से लगभग 1 क्विंटल की अपनी छोटी ढेरी को बड़े किसानों की लहसुन की फसल के पास नीलाम होने के बाद, जब किसान अपनी फसल को समेट कर व्यापारियों के लिए बोरियो में भरता है, तब मौके की ताक में बैठे ये अवांछित और शरारती तत्व बड़े ढेर में से उनके छोटे ढेर में जींस को अपनी और खींच लेते हैं। क्योंकि किसान का अपना ध्यान सिर्फ जींस को समेटने में लगता है। इस समय उसकी उपज चुरा ली जाती है। जानकारी में आया है कि ऐसी पूरी गैंग प्रतिदिन मंडी में आती है और मौके का फायदा उठाती है। किसान की फसल को चुराकर अपनी फसल का वजन बढ़ा लेती है। अतः मेरा अनुरोध है कि ऐसे अपराधिक तत्वों पर लगाम लगाई जाए।