समाचार रतलाम मध्य प्रदेश से 17 अप्रैल 2023

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा लक्ष्य से अधिक नमूने लेकर
जॉच हेतु राज्य खाद्य परिक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए
रतलाम 16 अप्रैल 2023/ कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरुद्ध सम्पूर्ण जिले में लगातार कार्यवाही की जा रही है। पिछले तिमाही जनवरी से मार्च तक लक्ष्य से कही अधिक नमूने लेकर जॉच हेतु राज्य खाद्य परिक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए।
कुल लक्ष्य 78 के विरुद्ध 163 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। कुल 95 खाद्य पदार्थों की जॉच रिपोर्ट प्राप्त हुई जिनमे से 15 नमूने अवनानक स्तर के पाए गए और 80 नमूने मानक स्तर के पाए गए। कुल 28 प्रकरण एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। एडीएम न्यायालय द्वारा 23 प्रकरणों का निर्णय किया गया एवम् कुल 9 लाख 15 हज़ार रुपए का अर्थदंड लगाया गया जिनमे से 5 लाख 35 हजार रूपए की वसूली की गई।
कार्यवाही के दौरान मिलावट की शंका में 358 किलोग्राम घी, 238 किलोग्राम मावा, 40 किलोग्राम मिल्क क्रीम जिनका कुल मूल्य 2 लाख 67हजार एक113 रुपए के खाद्य पदार्थ जप्त किए गए एवम् नमूने लेकर जॉच हेतु राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए जिनकी रिपोर्ट आना शेष है। खाद्य लाइसेंस से विभाग द्वारा शासन को कुल 6 लाख 10 हजार रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
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सीएम राइस विनोबा में नए शिक्षण सत्र का प्रारंभ 17 अप्रैल से
खेलो और पढ़ो, प्रयास था विषय आधारित विभिन्न गतिविधियां संपन्न होगी
रतलाम 16 अप्रैल 2023/ सीएम राइस विनोबा रतलाम में नए शिक्षण सत्र का प्रारंभ 17 अप्रैल से 30 अप्रैल के मध्य किया जा रहा है। इसमें खेलो और पढ़ो, प्रयास आधारित तथा विषय आधारित विभिन्न गतिविधियां संपन्न होगी। अमूमन सत्र प्रारम्भ पर सीधे 1 या 2 यूनिट की परंपरागत पढाई शुरू हो जाती है परन्तु इस बार सीएम राइज स्कूल में नए सत्र की शुरुआत परंपरागत तरीके से नहीं हो रही है। विद्यार्थियों के लिए भाषा गणित और अन्य रुचिकर विषयों को गतिविधि, खेलो और पढ़ो तथा जानो के बेसिक कॉन्सेप्ट पर किया जाएगा।
सीएम राइज में चयनित शिक्षक खासतौर पर प्रशिक्षित किये गए है। ये शिक्षक एक साथ कई प्रकार से विद्यार्थियो के व्यक्तित्व का विकास करते है। नए सत्र के संबंध में स्थानीय परीक्षा के अतिरिक्त समय में आवश्यक तैयारियां की गई। कई प्रकार के कार्ड, व्याकरण, स्पोकन इंग्लिश, विज्ञान और सामाजिक विषयों की समझ पर एक्टिविटी और खेल-खेल में सिखाने वाली विधियों की विस्तृत तेयारी की गई है।
प्रतिदिन मॉर्निंग मीटिंग, विभिन्न सत्र जिसमें खेल और भाषा की दीवार, गणित के मैजिक ट्रिक्स,विद्यार्थियों के मनोरंजन हेतु खेलकूद के साथ सेल्फी पॉइंट भी बनाये गए है जिनमे विद्यार्थियों के फोटो के साथ गौरव के पल उनके पालको को भेजे जाएंगे।
नए सत्र हेतु पालको को घर-घर जाकर विद्यार्थियों को भेजने हेतु बुलावा, वाट्सएप सन्देश भेजे गए। बीते सत्र में कक्षा 1 से 12 तक औसत उपस्थिति सत्र के अंत तक लगभग 80 प्रतिशत बनी रही जो पिक टाइम में 90 प्रतिशत तक भी रही। इस नए सत्र के शुरुआत के बाद 1 मई से 13 मई तक समर कैंप भी आयोजित किया जाएगा जिसके लिए व्यापक तैयारियां की जा रही है।
विद्यालय में विद्यार्थियों के आगमन के लिए स्वागत की पूरी तैयारियां की गई है। विद्यालय को साफ-सुथरे स्वरूप में प्रिंट-रिच करके तैयार किया जा रहा है। बच्चे विद्यालय में सेल्फी प्वाइंट और अन्य गतिविधियो से बहुत उत्साहित है। पहले दिन से ही एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग की योजना है जिसको लेकर शिक्षकों में भी काफी उत्साह है। सारी तैयारियां शिक्षको ने स्वयं की है। शिक्षक ही रंगोली बना रहे है, सेल्फी पॉइंट बना रहे है, टीएलएम तैयार कर रहे है। सरकारी सिस्टम में शिक्षको, स्कूल लीडर्स, सपोर्ट स्टाफ की ये मेहनत वाकई काबिले तारीफ है।
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जिला चिकित्सालय की डायलिसिस युनिट मानवसेवा की मिसाल बनी
2007 से 2022 तक कुल 86521 डायलिसिस सेशन संपन्न किए गए
रतलाम 16 अप्रैल 2023/ किडनी की बीमारी सबसे मुश्किल बीमारियों में से एक है । आर्थिंक रूप से संपन्न व्यक्ति के लिए भी इसके इलाज का खर्च वहन करना कठिन है। ऐसे में रतलाम के जीडी अंकलेसरिया रोटरी ट्रस्ट द्वारा संचालित केंद्र दीनदयाल उपचार कार्ड एवं आयुष्मान कार्डधारक हितग्राहियों के लिए सहारा बना है । वर्ष 2007 से संचालित केंद्र में 2022 तक 86521 डायलिसिस सेशन संपन्न किए गए।
शादाब पिता सलीम मंसूरी की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष ने डनी की बीमारी होने पर वर्ष 2009 में लाईफ लाईन अस्पताल इंदौर में पहली बार डायलिसिस कराया जिसका खर्च लगभग 800 रूपये आता था । फिर इंदौर के लाबरिया भेरू क्षेत्र में क्लाथ मार्केट र्अस्पताल में डायलिसिस कराया जिसमें प्रति सेशन खर्च लगभग 800 रूपये आता था । श्री शादाब के पास बीमार होने के कारण कोई व्यवसाय नहीं है। ऐसे में बडनगर उज्जैन निवासी होने के बावजूद उन्होंने रतलाम के केंद्र पर पिछले 7 साल से दीनदयाल कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड होने के आधार पर डायलिसिस की सेवाऐं निरंतर प्राप्त कर रहे हैं । वे बताते है कि लगभग 450 से ज्यादा बार डायलिसिस करवा चुके हैं। शासन द्वारा नि::शुल्क डायलिसिस की सुविधा के लिए सरकार को धन्यवाद देते हैं।
रतलाम के टाटानगर निवासी श्री मुकेश राठी बताते हैं कि कम उम्र ही ह्रदयाघात की समस्या होने पर किडनी की बीमारी का पता चला। दीनदयाल कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड केआधार पर पिछले 9 साल से रतलाम के डायलिसिस यूनिट में निशुल्क सेवाऐं प्राप्त कर रहे हैं। उनकी बीमारी का इलाज पिछले 14 साल से चल रहा है। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण इस भयंकर बीमारी का खर्च वहन करना असंभव था किंतु शासन द्वारा केंद्र की स्थापना से अपना उपचार करवा सके हैं वे शासन को धन्यवाद देते हैं।
केंद्र के स्टॉफ ने बताया कि केंद्र पर कुल 15 मशीनें कार्यरत है जिससे लगभग 12 डायलिसिस के सेशन प्रतिदिन किए जा रहे हैं। संस्था का मेनेजमेंट श्री गुस्ताद अंकलेसरिया, श्री भवानीशंकर शर्मा, श्री मुकेश जैन एवं अन्य ट्रस्टी पूरे समय सेवाओं की गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं जिसके परिणामस्वरूप जिला चिकित्सालय का डायलिसिस केंद्र प्रदेश में गुणवत्ता एवं सेवा प्रदायगी के मामले में पहले स्थान पर माना जाता है।
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महिला एवम बाल विकास विभाग के प्रयास से बालक शिवम हुआ कुपोषण मुक्त
रतलाम 16 अप्रैल 2023/ कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशानुसार एवम जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रजनीश सिन्हा के मार्गदर्शन में परियोजना रतलाम ग्रामीण के सेक्टर धराड़ अंतर्गत पदस्थ पर्यवेक्षक श्रीमती वनिता संधू, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती माधुरी डामर तथा सहायिका श्रीमती चंद्रकांता के संज्ञान में आया कि बालक शिवम माली अपने माता-पिता के साथ कई दिनों से बाहर चला गया है।
जब वह वापस आया तब शिवम का वजन और लंबाई, ऊंचाई ली गई और जब विभागीय वृद्धि मूल्यांकन संबंधित ग्रोथ चार्ट में बच्चे का वजन दर्ज किया गया तो मिलान करने पर पाया गया कि यह बच्चा मध्यम कुपोषण की श्रेणी में है। शिवम की लंबाई, ऊंचाई दर्ज की जाकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया जिसमें बच्चे को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी तथा ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के दौरान बच्चे की भूख की जांच भी की गई और डॉक्टर द्वारा उसका परीक्षण किया गया तथा बालक शिवम को विभाग अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम अंतर्गत दर्ज किया जाकर बालक शिवम को विटामिन ए आयरन, अमोक्सिसिल्लिन, मल्टीविटामिन, एल्बेंडाजोल की दवाई दी गई।
बालक को नियमित निगरानी में रखा गया जिससे कि बालक का श्रेणी परिवर्तन हुआ और विभाग द्वारा बालक के माता-पिता को भी समझाइश दी गई विभाग के एवं माता-पिता के संयुक्त प्रयासों से बालक शिवम कुपोषण मुक्त हुआ। वर्तमान में बालक शिवम सामान्य श्रेणी में आ गया है। बालक शिवम को कुपोषण मुक्त करने हेतु बालक के माता-पिता महिला बाल विकास की संपूर्ण टीम को धन्यवाद देते हैं।
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