अब स्वत: हो जाएगा जमीनों का नामांतरण, संपदा 2.0 एप बदल देगा राजस्व विभाग का पूरा स्ट्रक्चर

भोपाल। सभी जिलों में कृषि भूमि के खसरे के अंतरण के दस्तावेज पंजीकृत होने पर संपदा एप्लीकेशन से राजस्व विभाग के रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम के उपयोग से साइबर तहसीलों में स्वतः नामांतरण होना शुरू हो गया है। जल्दी ही इस संपदा साफ्टवेयर-2 का उपयोग शुरू हो जाएगा। इसे 15 अगस्त से शुरू करने की तैयारी हैं।
साफ्टवेयर में कई विशेषताएं
साफ्टवेयर संपदा-2 का पायलट परीक्षण चार जिलों – गुना, रतलाम, हरदा और डिंडोरी मुख्यालयों में उप पंजीयन कार्यालयों में सफलतापूर्वक किया गया। इस साफ्टवेयर में कई ऐसी विशेषताएं हैं, जो देश में पहली बार क्रियान्वित होंगी। संपदा साफ्टवेयर से उप पंजीयन कार्यालय में उपस्थित होने की अनिवार्यता नहीं रहेगी।
पंजीबद्ध दस्तावेज डीमैट दस्तावेज में परिवर्तन हो जाएंगे और फेसलेस पंजीयन होगा।
इलेक्ट्रानिक रूप से पंजीबद्ध दस्तावेज व्हाट्सएप एवं ईमेल के माध्यम से तत्काल हितग्राही को मिल जाएंगे।
सात जिलों के 100 प्रतिशत दस्तावेज डिजिटल
सभी जिलों में भौतिक रूप से पंजीकृत दस्तावेज को भी डिजिटाइज करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अंतर्गत सात जिलों हरदा, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सिंगरौली और बुरहानपुर में 100 प्रतिशत दस्तावेज 2004-05 से डिजिटल किया जा चुके हैं। वर्ष 2005-06 तक के लगभग 1.1 करोड़ दस्तावेज में से 28 लाख दस्तावेज को डिजिटल किया जा चुका है। वहीं 67 जिला मुख्यालयों और राजस्व के लिए महत्वपूर्ण उप पंजीयन कार्यालयों का आधुनिकीकरण किया गया है।