समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 26 फरवरी 2025 बुधवार

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पेंशनर महासंघ का विशाल निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर 27 को
सेवानिवृत्त एवं पेंशनर नागरिक महासंघ मन्दसौर, श्री मुक्तेश्वर महादेव मंदिर प्रबंधन समिति मन्दसौर एवं श्री लाभ मुनि नेत्रा चिकित्सालय मन्दसौर ने सभी वरिष्ठ नागरिकों से निवेदन किया है कि अधिक से अधिक संख्या में शिविर में आकर अपनी आंखों की निःशुल्क जांच करावे व शिविर का लाभ लेवें।
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राज्यसभा सांसद श्री गुर्जर एवं नपाध्यक्ष श्रीमती गुर्जर के आतिथ्य में मनेगा आर्य समाज में आज बोध पर्व
मन्दसौर। आर्य समाज मंदसौर द्वारा आज 26 फरवरी, बुधवार को महर्षि दयानन्दजी सरस्वती का बोध पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर, नपाध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर उपस्थित रहेंगे। आर्य वीर दल मध्यप्रदेश के अधिकारी श्री प्रवीण आर्य मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।
आर्य समाज प्रधान श्री मधुसूदन आर्य ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व को ऋषि बोध पर्व के रूप में मनाया जाएगा। महर्षि दयानन्दजी सरस्वती को इस दिन बोध प्राप्त हुआ था इस कारण आर्य समाज प्रतिवर्ष इस दिन को बोध पर्व के रूप में मनाता है। इसी के तहत आज प्रातः 9 बजे हवन होगा, उसके पश्चात् आर्य विद्वानों द्वारा महर्षि दयानन्द सरस्वती के जीवन पर प्रकाश डाला जाएगा। साथ ही श्री सत्येन्द्र आर्य पिपलिया, श्री कुंजीलाल पाटीदार नैनोरा ने अपने घर पर मांगलिक कार्य में वेद पारायण यज्ञ करने पर उनका अभिनन्दन भी इस दौरान किया जाएगा। उसके पश्चात् फलिहारी प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
सभी आर्य समाजजनों एवं श्रद्धालुओं से महाशिवरात्रि एवं बोध पर्व पर आयोजित कार्यक्रमों में सम्मिलित होने का आग्रह किया है।
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राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी गौ सेवा संघ की बैठक हुई
मन्दसौर। राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी गौ सेवा की एक अहम बैठक तीन छत्री बालाजी मंदिर पर महंत रामकिशोर दासजी के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। जिसमे विभिन्न मुद्दों के साथ मंदसौर नगर एक नंदी चौराहा बनाने हेतु जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका से नवग्रह मंदिर के पास मेनपुरिया चौराहा पर नंदी भगवान की प्रतिमा लगाने की मांग की जाएगी या उचित स्थान की मांग की जायेगी।
इस अवसर पर घनश्याम सोनी प्रदेश प्रभारी, जीवन गोसर जिला अध्यक्ष, संजय पंवार प्रदेश अध्यक्ष, शांतिलाल पालीवाल, गोविन्द प्रसाद गोयल, गोवर्धन ग्वाला, भगवतीप्रसाद, दिलीप अग्रवाल, मदन सोनी, वरदीचन्द कुमावत, प्रदीप सोनी, ईश्वर चंदेल, ब्रजेश मारोठिया आदि उपस्थित थे।
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मन्दसौर। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के 10 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीई) मंदसौर में विभिन्न ट्रेडो में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं बालिकाओं को जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पीसी चौहान के मार्गदर्शन में जेंडर संवेदीकरण एवं पॉक्सो एक्ट के बारे में जानकारी दी गई।
उपरोक्त कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी बी. आर. मुजाल्दे एवं ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड के जिला संयोजक श्री सोनिक मिश्रा उपस्थित रहे। श्री सोनिक मिश्रा द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को जेंडर का अर्थ बताते हुए जेंडर आधारित भेदभाव, जेंडर असमानता और जेंडर आधारित हिंसा एवं पोक्सो एक्ट 2012 के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी गई। श्री मिश्रा ने कहा कि हुनर का कोई जेंडर नहीं होता है इसलिए बालिकाओं को पारम्परिक व्यावसायिक कार्यक्रमों के इतर सभी प्रकार के व्यावसायिक कौशल विकास से जुड़ना चाहिए तभी महिलाओं के नेतृत्व आधारित विकास की परिकल्पना पूर्ण हो सकती है और महिला हितैषी वातावरण का निर्माण होगा।
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मनुष्य ससीम है और ईश्वर असीम है– डॉ. दुबे
मन्दसौर । इतिहास विभाग द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान में छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस मंदसौर के प्राचार्य डॉ. जे.एस. दुबे ने कहा कि मनुष्य एक विवेकशील प्राणी है। मनुष्य और जानवर के बीच यही अंतर है कि मनुष्य में कर्तव्य और अकर्तव्य के बीच अंतर को समझने की क्षमता है। वही उसे विवेकशील प्राणी बनाती है। आपने मानववाद व मानवतावाद के अंतर को भी विस्तृत रूप से समझाया और भारतीय संस्कृति में मानवतावाद को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में विभागाध्यक्ष डॉ. उषा अग्रवाल कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि भारतीय संस्कृति में मानवतावाद और नैतिकतावाद सर्वोपरि है। भारतीय संस्कृति की सबसे बडी विशेषता समन्वयवाद है इसीलिए विभिन्न संस्कृतियां भारत में आई और चली गई किन्तु भारतीय संस्कृति अपनी अनेकता में एकता के मूल भाव को लिए हुए आज भी जीवित है। सभ्यता बाहरी आवरण है और संस्कृति आंतरिक भाव को अभिव्यक्त करती है।
कार्यक्रम का का संचालन डॉ. शिवकुमार पांडे ने किया । आभार डॉ. राजेश सकवार ने व्यक्त किया । इस अवसर पर इतिहास विभाग के अतिथि विद्वान कु. शबनम खान एवं राहुल पालीवाल भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में लगभग 120 विद्यार्थियों ने भाग लिया और रूचिपूर्वक व्याख्यान को सुना I
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भेरूलाल नायक अ.भा. क्षत्रिय नायक समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये गये
प्रदेश उपाध्यक्ष भेरूलाल नायक ने इस दौरान कहा कि समाज द्वारा जो मुझे जिम्मेदारी दी गई उसका मैं पूर्ण रूप से निर्वहन करूंगा। समाज के विकास एवं उत्थान के लिये हर संभव मदद की जायेगी एवं सांस्कृतिक एवं रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित कर समाज को एकता के सूत्र में पिरोया जाएगा।
बैठक में समाज की विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। भेरूलाल नायक के प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये जाने पर समाजजजन नारायण नीमच, मोहनलाल नायक, किशनलाल शिक्षक, गोविन्द नायक, राधेश्याम नायक, कचरूलाल नायक, विजय कुमार नायक, शांतिलाल नायक, दीपक नायक, सोहनलाल नायक ने हर्ष व्यक्त करते हुए भेरूलाल नायक को पुष्पमाला पहनाकर बधाई दी।
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मंदसौर शहर हुआ श्याममय… शुरू हुआ बाबा श्याम का फाल्गुन मेला
ड्रैगन ट्रेन इस वर्ष मेले का मुख्य आकर्षण ,दूर-दूर से आए व्यापारी, कई दुकानें सजी
इस वर्ष दर्शको की विशेष मांग पर फाल्गुन मेले में ड्रैगन ट्रेन को भी पहली बार लाया गया है। और साथ में बच्चों के लिए मिक्की माउस, छुक छुक गाडी, नाव की सवारी, जहाज, जम्पिंग, निशानेबाजी और अन्य मनोरंजन के साधन रहेंगे। इसके साथ ही लखनवी चिकन के कुर्ते, जोधपुरी चूडिया, राजस्थानी नागरा मोजडी, सॉफ्टी, चाट पकोडी, हींग की कचोरी, पानी पताशे, चाइनीज फूड और अन्य खानपान के सामान सहित मनिहारी की दुकानें भी रहेंगी।
मेला आयोजक श्री शैलेन्द्र सिंह राठौर एवं आशीष नवाल ने जानकारी देते हुवे बताया की प्रतिवर्ष यह मेला आयोजित किया जाता है। मेले में आने वाले भक्तों की भीड़ को देखते हुए इस वर्ष यह मेला 17 दिवसीय होगा। साथ ही श्री खाटूश्यामजी मंदिर के संस्थापक वैकुण्ठवासी ठाकुर अर्जुन सिंह राठौर सेवा संस्थान द्वारा मेला अवधि के दौरान खाटू श्याम मंदिर में विभिन्न धार्मिक आयोजन भी किये जायेंगे। खाटूश्यामजी मंदिर ट्रस्ट एवं गुरु एक्सप्रेस मेला समिति द्वारा नगर एवं आसपास के श्याम प्रेमियों से अपील की गई है कि फाल्गुन मेले में सपरिवार पधार कर मेले का आनन्द लेवे एवम धर्मलाभ प्राप्त करें।
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श्री वटेश्वर महादेव मंदिर में आज महाशिवरात्रि पर्व भव्य रूप से मनाया जाएगा
मंदिर समिति द्वारा भक्तों के दर्शनार्थ विशेष व्यवस्था की गई है। प्रातः 10.30 बजे विशेष आरती एवं शाम को 7 बजे भव्य महा आरती का आयोजन होगा।
श्री वटेश्वर महादेव मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुजनों से मंदिर में दर्शन, पूजन अर्चन एवं महाआरती में भाग लेने की अपील की है।
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मंदसौर जिले के दलौदा में दुर्गा अनिल कैथवास हाईकोर्ट आदेश के बाद पुनः सरपंच पद पर हुई काबिज
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घसोई में 13वा वार्षिक ध्वजारोहण महोत्सव 3 मार्च को सोमवार को
सुवासरा- श्री आनंद धाम तीर्थ घसोई में 13वा वार्षिक ध्वजारोहण महोत्सव 3 मार्च को सोमवार को होगा। तीर्थ पेढ़ी सचिव कमल जैन ने बताया कि इस अवसर पर 2 मार्च रविवार को सुबह 11 बजे तीर्थ में श्री सिध्दचक्र महापूजन का आयोजन होगा। महापूजन दोपहर चार बजे तक आयोजित होगी। 3 मार्च सोमवार को सुबह सत्तरभेदी पूजन और ध्वजारोहण का कार्यक्रम होगा। महापूजन और ध्वजारोहण कार्यक्रम विधिकारक पंकज जैन झारड़ा द्वारा विधिविधान से सम्पन्न करवाया जाएगा। ध्वजारोहण तीर्थ पेढ़ी अध्यक्ष श्री खुबीलाल विमलचंद राठौड़ फ्लेयर पेन ग्रुप मुम्बई परिवार द्वारा किया जाएगा। ध्वजारोहण के बाद स्वामीवत्सल्य का आयोजन होगा।
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मंडी सचिव द्वारा औचक प्रतिष्ठान पर निरीक्षण किया पांच गुना मंडी शुल्क वसूल किया
सुवासरा: श्री संयुक्त संचालक उज्जैन के निर्देश अनुसार 24.02.25 को मंडी सचिव विजय कुमार जैन द्वारा गैर अनुज्ञप्ति धारी व्यापारी विनोद पिता रामगोपाल तरनोद रोड सुवासरा के प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया गया गैर अनुज्ञप्तिधारी व्यापारी के यहां कृषि जीन्स सरसों तुलवाते पाया गया जिसका पांच गुना मंडी शुल्क समझौता शुल्क निराश्रित शुल्क कुल राशि 4687 रु वसूल किया गया।
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सुनील पटेल द्वारा थाने पर दिया आवेदन
मंदसौर- भाजपा युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष सुनील पटेल अपने साथियो के साथ प्रयागराज गए थे, वापसी में लौटते समय सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश) में ट्रेवलर गाडी पर पथराव की खबर, सुनील पटेल द्वारा सम्बधित थाने पर आवेदन दिया गया
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जिले में निरोगी काया अभियान अंतर्गत 4 हजार 73 व्यक्तियों की एनसीडी स्क्रीनिंग की गई
मंदसौर 25 फरवरी 25/ निरोगी काया अभियान अंतर्गत जिले की 216 स्वास्थ्य संस्थाओं में 30 वर्ष से अधिक आयु के 4 हजार 73 व्यक्तियों की एनसीडी स्क्रीनिंग की गई। जिसमेें हायपर टेंशन तथा डायबिटीज और NAFLS की जा रही है। ए.एन.एम तथा सीएचओ के द्वारा स्क्रनिंग करके संभावित हायपर टेंशन , डायबिटीज तथा NAFLD के व्यक्तियों को जिला चिकित्सालय/सिविल अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र /प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रैफर किये जा रहे है। वहॉ पर मेडिकल आफिसर के द्वारा एक्जामिन करके डायग्नोसिस किया जाकर उपचार कर दवाईयॉ प्रदाय की जा रही है। फोटो संलग्न
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जिला पंचायत साधारण सभा की बैठक स्थगित
मंदसौर 25 फरवरी 25/ सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन द्वारा बताया गया कि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार की अध्यक्षता मे आयोजित होने वाली साधारण सभा की बैठक अपरिहार्य कारणों से स्थगित की गई है। आगामी बैठक की सूचना पृथक से दी जावेगी।
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कलेक्टर, सीईओ, एडीएम ने जनसुनवाई के दौरान 77 आवेदकों की समस्याएं सुनी
आवेदक बसंतीलाल को हृदय के ऑपरेशन के बाद की सभी दवाई जनसुनवाई के दौरान निःशुल्क दी गई
मंदसौर 25 फरवरी 25/ जिला स्तरीय जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल ने 77 आवेदकों की समस्याएं सुनी। अधिकारियों को जल्दी निराकरण करने के निर्देश दिए। बसंतीलाल पिता वरदा कुमावत निवासी खजूरी चन्द्रावत तहसील सीतामऊ द्वारा आवेदन दिया कि, मेरा लगभग डेढ वर्ष पूर्व हृदय का ऑपरेशन हुआ है ऑपरेशन उपरान्त 1600 रूपये मासिक की दवाई नियमित लेना आवश्यक है ऑपरेशन तो शासकीय खर्च से इन्दौर स्थित विजय नगर के भण्डारी हॉस्पीटल में हो गया किन्तु अब दवाई खर्च की व्यवस्था न होने के कारण मुझे नियमित दवाई नहीं मिल पा रही है। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दवाई उपलब्ध कराने के निर्देश दिए तथा जनसुनवाई के दौरान ही आवेदक को दवाई उपलब्ध करवाई गई। आवेदक राजी बाई निवासी रठाना तह. मंदसौर जनपद पंचायत मंदसौर द्वारा प्रार्थीया के नाम से जो पट्टा आंवटित था उसको अन्य व्यक्ति के नाम पर आंवटित कर दिया गया समस्या का समाधान करने बाबत आवेदन किया गया। जिस पर मंदसौर एसडीम को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। आवेदक समरथ पाटीदार द्वारा आवेदन किया गया कि मेरी पैत्रक भूमि जो कि माता के नाम से है उक्त भूमि का कब्जा कन्हैयालाल पुत्र दशरथ पाटीदार निवासी झलारा तह. सीतामऊ जिला मंदसौर के कब्जे में है उक्त भूमि दिलाने बाबत। जिस पर सीतामऊ एसडीएम को कब्जा दिलाने के निर्देश दिए। आवेदक भंवरलाल पिता पन्नालाल बावरी निवासी सुंठी द्वारा प्रार्थी गॉंव सुंठी का काश्तकार होते हुवे उसे प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री सम्मान निधि योजना की राशी प्राप्त नही होने के संबंध में आवेदन दिया। जिस पर भू अभिलेख विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके साथ ही जनसुनवाई में बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास मंजूर करने, निजी भूमि पर अवैध अतिक्रमण, भूमि विवाद, बीमारी सहायता आदि विषयों के आवेदन प्राप्त हुये।
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कलेक्टर ने पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन के बच्चों से मुलाकात की
मंदसौर 25 फरवरी 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन के बच्चों से मुलाकात की। बच्चों से उनके स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पारिवारिक वातावरण के संबंध में जानकारी ली गई एवं उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस दौरान सभी बाल हितग्राहियों को शासन से मिलने वाली स्कॉलरशिप एवं स्पॉन्सरशिप योजना अंतर्गत प्राप्त होने वाली राशि के सदुपयोग हेतु चर्चा की गई। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पी सी चौहान उपस्थित थे।
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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के 10 वर्ष पूर्ण होने पर RSETI में जेंडर संवेदीकरण एवं पॉक्सो एक्ट के बारे में जागरूकता किया
मंदसौर 25 फरवरी 25/ जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पीसी चौहान द्वारा बताया गया कि, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) मंदसौर में विभिन्न ट्रेडो में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं बालिकाओं/महिलाओं हेतु जेंडर संवेदीकरण एवं पॉक्सो एक्ट 2012 के बारे में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपरोक्त कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी बी. आर. मुजाल्दे एवं ममता हेल्थ इंस्टीट्यूट फॉर मदर एंड चाइल्ड के जिला संयोजक श्री सोनिक मिश्रा उपस्थित थे।
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जिले में स्वामित्व योजना अंतर्गत 9 तहसीलों के 889 ग्रामों में ड्रोन सर्वे का कार्य पूर्ण
मंदसौर 25 फरवरी 25/ अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल द्वारा बताया गया कि, मंदसौर जिले में कुल 09 तहसीलों के 889 ग्रामों में शासन ने आबादी भूमि के परिपत्र के पालन में वर्ष 2022 में ड्रोन सर्वे का कार्य पूर्ण किया गया ड्रोन सर्वे के उपरांत उक्त योजना के संबंध में उक्त ग्रामों में ग्राउंड ट्रूथिंग की गई।
स्वामित्व योजना की ग्राउंड ट्रूथिंग के उपरान्त शासन द्वारा प्रदाय मार्गदर्शिका अनुसार अधिकार अभिलेख तैयार किये गये जिसके उपरान्त प्रथम प्रकाशन उपरान्त दावा आपत्ति हेतु सूची को पंचायत में चस्पा कर हितग्राहियों को अवगत कराया गया एवं प्रथम प्रकाशन उपरान्त द्वितीय प्रकाशन कर प्रकरण जिला सर्वेक्षक अधिकारी (कलेक्टर) मन्दसौर को प्राप्त हुए है जिन्हे जांच कर किसी भी प्रकार की विसंगतिया परीलक्षित होने पर तहसीलदारों को उक्त विसंगतियों को जांच कर पुनः प्रतिवेदन चाहा गया तथा विसंगतियों को दुरुस्थ कर पुनः सर्वेक्षण सूची प्रकरणों में संलग्न कर अधिकार अभिलेख शासन द्वारा प्रदाय मार्गदर्शिका के अनुसार तैयार किये गये है।
विसंगतियों की जांच के दौरान संबंधित सहायक सर्वेक्षक अधिकारियों (तहसीलदारों) के प्रस्ताव पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वरा सम्पूर्ण जिले में कुल 09 पटवारियों को निलंबित किया जाकर जांच की जा रही है।
यह की जिला स्तर पर होने वाली जनसुनवाई के माध्यम से समाचार पत्र मे दिखाये गये तथ्य मिथ्या होकर लगभग 10 से 12 जनसुनवाई अथवा शिकायते प्राप्त हुई है जिन्हे गंभीरता पूर्वक लेकर निराकरण हेतु संबंधित तहसीलदार अथवा अनुविभागीय अधिकारी को आगामी कार्यवाही हेतु पत्र लिखा गया है।
जिले में कुल ग्राम 889 मे भू-खंड 277581 जिसका क्षेत्रफल लगभग 21628857 वर्गमीटर होकर जिसकी कलेक्टर गाईड लाईन अनुसार मूल्यांकन लगभग कुल 27514102178 रुपये होकर 27 दिसम्बर को मन्दसौर कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में जिला स्तरीय क्रार्यक्रम में जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति एवं विकासखण्ड स्तर पर ग्राम पंचायतो मे भी अधिकार अभिलेखों के वितरण का कार्य भी किया गया है।
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मध्यप्रदेश@2047 तक बनेगा 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था
मंदसौर 25 फरवरी 25/ मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था संभावित रूप से अपने सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को 2047-48 तक 2.1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (248.6 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ा सकती है, जो मौजूदा 164.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर (13.6 लाख करोड़ रुपये) से 8.6% की सीएजीआर से बढ़ सकती है। भारतीय उद्योग परिसंघ की रिपोर्ट में यह बात रेखांकित हुई है। “एनविज़निंग मध्यप्रदेश इकोनॉमी@2047” के अनुसार यह रिपोर्ट आर्थिक विकास के लिए एक दृष्टिकोण, प्रमुख क्षेत्रों की पहचान, नीतिगत हस्तक्षेप और निवेश के अवसरों की रूपरेखा तैयार करती है जो राज्य के परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगे।
सीआईआई के महानिदेशक श्री चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने और विकास को गति देने के लिए समर्पित एक सक्रिय राज्य सरकार के साथ, मध्यप्रदेश 2047-48 तक भारत की जीडीपी में अपना योगदान मौजूदा 4.6% से बढ़ाकर 6.0% करने के लिए अच्छी स्थिति में है।
मध्यप्रदेश को अपने महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए विनिर्माण और औद्योगिक विस्तार को केंद्र में रखना होगा। कृषि क्षेत्र वर्तमान में मप्र की अर्थव्यवस्था में 43% योगदान देता है, दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने के लिए विनिर्माण की हिस्सेदारी 2047 तक बढ़कर 22.2% होनी चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए, क्रॉस-सेक्टोरल और सेक्टर-विशिष्ट में वर्गीकृत हस्तक्षेपों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई।
सत्र में कपड़ा और खाद्य प्रसंस्करण जैसे रोजगार लोचदार क्षेत्रों के लिए कुशल कार्यबल की उपलब्धता को प्राथमिकता देने, अधिक कौशल पार्क स्थापित करने और कौशल अंतराल को दूर करने के लिए कौशल विकास में उद्योग की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई गई।
चर्चा में बताया गया कि व्यवसाय में सुधार लाना व्यवसाय के एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। निर्बाध अनुमोदन और मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम (एसडब्ल्यूएस) की दक्षता बढ़ाने से महत्वपूर्ण लाभ मिल सकते हैं। भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना, निरीक्षणों को एकीकृत करना और समय पर मंजूरी प्रदान करना इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। चर्चा में बताया गया कि एमपी एमएसएमई और स्टार्ट-अप के लिए एक संपन्न पारिस्थितिकी तंत्र बढ़ाना चाहिए। दस शीर्ष राज्यों में म.प्र. 7वें स्थान पर है। आगे का कार्य रियायती ऋण व्यवस्था के माध्यम से ऋण तक पहुंच में सुधार, प्रदर्शनियों और व्यापार मेलों में भाग लेकर बाजार पहुंच में सुधार के लिए समर्थन, एमएसएमई को बढ़ाने के लिए निर्यात सहायता की सुविधा, कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करना, डिजिटलीकरण और तकनीकी उन्नयन की सुविधा जैसे उपायों के माध्यम से एमएसएमई को बढ़ाना है।
महानिदेशक सीआईआई श्री बनर्जी के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था एक मोड़ पर है और औद्योगिक क्षमताओं को विकसित करने के लिए संरचनात्मक सुधार को आगे बढ़ाना राज्य में निवेशक आकर्षण के लिए जरूरी होगा। मध्यप्रदेश ने तकनीकी नवाचार, उन्नत कृषि पद्धतियों और व्यापक फसल विविधीकरण के आधार पर कृषि उत्कृष्टता के निर्माण के लिए नई कसौटी तैयार की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कृषि में देखी गई सफल रणनीतियों के आधार पर, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में पहल की आवश्यकता है जो राज्य को प्रगति की दिशा में नए रास्ते खोलने में मदद करेगी।
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एमपी मोबिलिटी एक्सपो-2025
ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहन में देश का प्रमुख केंद्र बनता मध्यप्रदेश
मंदसौर 25 फरवरी 25/ मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और भविष्य के परिवहन समाधानों के लिए एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित होगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में एमपी मोबिलिटी एक्सपो ने राज्य की ऑटोमोटिव क्षेत्र में हुई प्रगति को प्रदर्शित किया गया। नवाचार और स्थिरता पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ निवेशकों को एमपी मोबिलिटी एक्सपो के उद्देश्य का महत्व प्रदर्शित करना था।
मध्यप्रदेश ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रिक वाहन के क्षेत्र में देश का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। राज्य 30 से अधिक मूल उपकरण निर्माताओं और अगली पीढ़ी की मोबिलिटी पर जोर देने के साथ-साथ टिकाऊ और नवाचार वाले भविष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश वाणिज्यिक वाहनों और कृषि उपकरणों के निर्माण के क्षेत्र में एक शीर्ष राज्य है। प्रदेश की औद्योगिक सहायक नीतियों और अपने मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचे ने ऑटोमोटिव उद्योग के कई दिग्गजों को आकर्षित किया है।
मध्यप्रदेश अगली पीढ़ी की मोबिलिटी के लिए भी तैयार हो रहा है। कई कंपनियां अपनी ईवी सुविधाओं की स्थापना में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर यह परिवर्तन मध्यप्रदेश की पर्यावरण के अनुकूल परिवहन की नीति को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
दो सौ से अधिक ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं के साथ राज्य ऑटोमोटिव उद्योग की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए सुसज्जित है। यह निर्माता आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, उपकरण निर्माताओं और अन्य हितधारकों को आवश्यक भागों और घटकों की आपूर्ति करते हैं।
“भारत का डेट्रॉइट” के नाम से मशहूर पीथमपुर मध्यप्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, जो कई मूल उपकरण निर्माताओं और एशिया के सबसे बड़े नेशनल ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक्स का घर है। ऑटोमोटिव और ऑटो कंपोनेंट उद्योगों के लिए व्यापक परीक्षण और मूल्यांकन, अनुसंधान एवं विकास और प्रमाणन के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं देता है। मध्यप्रदेश के ऑटोमोटिव उद्योग ने उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें टिकाऊ और इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
क्या है एमपी मोबिलिटी एक्सपो की विशेषताएं
एमपी मोबिलिटी एक्सपो वाहन निर्माताओं, प्रौद्योगिकी नवप्रवर्तकों, निवेशकों और नीति निर्माताओं सहित प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाएगा। इससे साझा व्यापार रणनीतियों को बढ़ावा दिया जा सकेगा और भविष्य में प्रगति को गति मिलेगी। ऑटोमोबाइल क्षेत्र मजबूत सरकारी समर्थन और सब्सिडी के साथ तेजी से विस्तार कर रहा है।
सुपर कार और सुपर बाइक की प्रदर्शनी: हाई-परफॉर्मेंस वाली सुपर कारों और सुपर बाइकों की विशेष प्रदर्शनी ऑटोमोबाइल उत्साही लोगों के लिए एक अद्वितीय आकर्षण का केंद्र थी।
बी2बी नेट वर्किंग और निवेश के अवसर: एक्सपो व्यवसायियों के लिए मध्यप्रदेश के तेजी से बढ़ते ऑटोमोटिव क्षेत्र में सहयोग करने और निवेश के अवसरों के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
प्रमुख प्रतिभागी
एक्सपो में शामिलल ऑटोमोबाइल कंपनियों में ब्रिजस्टोन, झेड एफ स्टीयरिंग, बाडवे इंजीनियरिंग मदरसन सुश्री गेबियल, पिस्टल देवास, आनंद इंडस्ट्रीज, झालानी इंजीनियर्स, एसडी एक्सेल प्रा. लिमिटेड, जगतजीत इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, टैफे मोटर्स एंड ट्रैक्टर्स लिमिटेड, वी.ई. कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड और पिनेकल इंडस्ट्रीज शामिल थी। इन प्रमुख प्रतिभागियों द्वारा अपने उद्योग-अग्रणी नवाचारों और विशेषज्ञता को कार्यक्रम में लाने की उम्मीद है। निश्चित ही यह ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण प्रदर्शनी सिद्ध होगी।
एमपी मोबिलिटी एक्सपो-2025 मध्यप्रदेश को टिकाऊ ऑटोमोटिव उद्योग स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह भारत में हरित गतिशीलता की दिशा में नवाचार, साझेदारी और निवेश को बढ़ावा देगा।
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मध्यप्रदेश का हर शहर है आर्थिक केंद्र
एमएसएमई पर हुई विस्तृत चर्चा
प्रदेश का औद्योगिक परिदृश्य के लिये एमएसएमई उपलब्ध करा रहा है नये अवसर
मंदसौर 25 फरवरी 25/ मध्यप्रदेश का हर शहर अपने आप में एक आर्थिक केंद्र है। इंदौर में फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और ऑटो-कंपोनेंट के क्लस्टर हैं। प्रदेश में एक विविध औद्योगिक परिदृश्य है जो एमएसएमई के लिए नए अवसर देता है।
राज्य में सूती वस्त्र, कृत्रिम कपड़े, चीनी मिलें, वनस्पति तेल, सोयाबीन तेल, सीमेंट, भारी विद्युत उपकरण, कागज और फर्नीचर जैसे उद्योग स्थापित हैं। इसके अलावा 15 से ज्यादा औद्योगिक क्लस्टर हैं। प्रत्येक क्लस्टर की अपनी विशेषज्ञता है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भारतीय उद्योग परिसंघ मध्य प्रदेश ने एमएसएमई के विकास के लिए नए अवसरों की पहचान के लिए विशेषज्ञों की विशेष मीटिंग बुलाई है।
श्री सुधीर मुतालिक, सदस्य-सीआईआई राष्ट्रीय परिषद ने कहा की मध्यप्रदेश के तेज गति से आर्थिक विकास करने के लिए एमएसएमई के सभी सेक्टरों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए सभी स्तरों पर निवेश की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश से जुड़े कई राज्यों ने पारंपरिक कारणों से एमएसएमई के क्षेत्र में आगे बढ़कर काम किया है। मध्यप्रदेश में इसकी असीम संभावना है। अब इस सेक्टर को और अधिक आगे बढ़ाने के लिए नई नीति भी आ गई है। उन्होंने विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे अनुभव से मध्यप्रदेश में एमएसएमई विकास को बढ़ावा देने के लिए नीतियों और रणनीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
विस्तृत चर्चा में सुश्री प्रियंका दास, सचिव, एमएसएमई विभाग, मध्यप्रदेश, श्री कुलीन लालभाई, अध्यक्ष, सीआईआई राष्ट्रीय वस्त्र एवं परिधान समिति, डॉ के नंदकुमार, सदस्य, सीआईआई राष्ट्रीय परिषद अध्यक्ष, नीति एवं व्यापार सुगमता पर कोर समूह, सीआईआई राष्ट्रीय एमएसएमई परिषद और श्री आशीष वैश्य, अध्यक्ष, सीआईआई मध्य प्रदेश और अन्य सभी प्रतिभागी शामिल रहे।
भोपाल जैव प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और खाद्य प्र-संस्करण के केंद्र के रूप में उभर रहा है। सरकार वित्तीय प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे के विकास, नीतिगत सुधार और कौशल कार्यक्रमों सहित विभिन्न रूपों में सक्रिय रूप से सहायता प्रदान कर रही है। सरकार का पूरा ध्यान एमएसएमई को बाजारों तक पहुंच बनाने, तकनीकी अपनाने और वित्तीय समावेशन में सुधार करने पर केंद्रित है।
मीटिंग में आर्थिक विकास को गति देने, रोजगार पैदा करने और नवाचार को बढ़ावा देने में एमएसएमई की अपार क्षमता को रेखांकित किया गया। सरकार और उद्योग हितधारकों को चुनौतियों का समाधान करने और आगे के अवसरों का लाभ उठाने के लिए सहयोगात्मक रूप से काम करना जारी रखना चाहिए। इसमें सभी प्रतिभागियों और सदस्यों ने अपने सुझाव दिए।
एमएसएमई की जमीनी स्तर पर जरूरतों को पूरा करने वाली नीतियों को क्रियान्वित करने में मदद मिलेगी। मध्यप्रदेश को नई पहचान मिलेगी और एमएसएमई विकास के लिए वातावरण बनेगा। सब मिलकर मध्यप्रदेश और भारत में एक सुदृढ़ एमएसएमई ईको सिस्टम बनाने की दिशा में काम करें।
नीति और व्यापार करने में आसानी पर कोर समूह के अध्यक्ष सीआईआई राष्ट्रीय एमएसएमई परिषद और सीएमडी केमट्रोल्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड श्री आशीष वैश्य अध्यक्ष, सीआईआई मध्यप्रदेश और अध्यक्ष, श्री गिर्राज स्टील्स श्री कुलीन लालभाल अध्यक्ष, सीआईआई राष्ट्रीय वस्त्र और परिधान समिति और कार्यकारी निदेशक अरविंद लिमिटेड, डॉ. के. नंदकुमार सदस्य, सीआईआई राष्ट्रीय परिषद ने नए अवसरों पर चर्चा की।
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मध्यप्रदेश भारत के प्रगतिशील राज्यों में से एक
कृषि, पर्यटन, खनिज और फार्मास्युटिकल्स में है निवेश की असीम संभावनाएँ
ग्लोबल साउथ – रीजनल कोआपरेशन इन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट सेशन में डेलीगेट्स ने किये विचार व्यक्त
मंदसौर 25 फरवरी 25/ मध्यप्रदेश भारत के प्रगतिशील राज्यों में से एक है। कृषि, पर्यटन, खनिज और फार्मास्युटिकल्स में है निवेश की असीम संभावनाएँ। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के अंतर्गत सेशन ग्लोबल साउथ – रीजनल इन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट को-ऑपरेशन में डेलीगेट्स ने यह विचार व्यक्त किये।अध्यक्ष सीआईआई पश्चिमी क्षेत्र सुश्री स्वाति सालगांवकर ने कहा कि ग्लोबल साउथ देशों के साथ भारत आर्थिक, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिये लगातार कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश भी इन देशों के साथ सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध बढ़ाने के लिये अग्रणी भूमिका निभा रहा है। श्री दुष्यंत ठाकुर ने ग्लोबल डेवलपमेंट पैक्ट के बारे में जानकारी दी। सुश्री मार्टिन मायरे ने भी विचार व्यक्त किये।
दक्षिण अफ्रीका के फर्स्ट सेकेट्ररी पॉलिटिकल श्री खाटूटशेलो इ. थगवाना ने कहा कि भोपाल में आयोजित यह समिट निवेश के साथ संबंधों को समृद्ध करने में भी बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। हम मिलकर कार्य करेंगे और निवेश के विभिन्न क्षेत्रों को एक्सप्लोर करेंगे। रवांडा की हाई कमिश्नर सुश्री जैकलिन मुकानगिरा ने कहा कि भोपाल की मेरी यह पहली यात्रा है। मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शानदार आयोजन के लिये बधाई देती हूँ। उन्होंने कहा कि हमारे देश में भारत सबसे बड़ा इन्वेस्टर्स है। मध्यप्रदेश में ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जहाँ निवेश हो सकता है। वेनेजुएला के मिनिस्टर काउंसलर श्री जुआन गोल्डनिक ने कहा कि मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट के लिये बेहतर डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहा कि यह समिट बिजनेस और निवेश के लिये उपयोगी सिद्ध होगी। यूएई के डायरेक्टर ऑफ यूएई इंडिया सीईपीए काउंसिल श्री अहमद मोहम्मद मुबारक अलज़नेबी ने कहा कि निवेश के विभिन्न पहलुओं पर दोनों देश कार्य कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश की इन्वेस्टमेंट पॉलिसी निवेशकों के लिये है उपयोगी
वियतनाम के फर्स्ट सेक्रेटरी सुश्री हांग थियेन ने कहा कि मध्यप्रदेश की इन्वेस्टमेंट पॉलिसी निवेशकों के लिये बहुत उपयोगी है। मुझे पूरी उम्मीद है कि निवेशक इसका पूरा लाभ उठायेंगे। माली के श्री एम्बेसडर श्री फेलिक्स डिआलो, थाईलैंड के काउंसिल जनरल, मुंबई श्री डोनाविट पूलसाबट और मेक्सिको के ट्रेड कमिश्नर श्री डेनियल डेलगाडो ने भी मध्यप्रदेश की इन्वेस्टमेंट पॉलिसी की सराहना की। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से मध्यप्रदेश द्वारा किये जा रहे प्रयासों से इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा। कृषि, माइनिंग और अधोसंरचना के क्षेत्र में बेहतर सहयोग की संभावनाएँ हैं। पनामा के सुश्री यानिट जेल दौरते गैरीबाल्डो ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। फिजी के हाई कमिश्नर श्री जगन्नाथ सामी ने कहा कि भारत का ही ग्रांडसन (पोता) हूँ। भारत और फिजी के बीच में बहुत गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। बुर्किनाफॉसो के राजदूत डॉ. डिजायर बोनिफेस सम ने कहा कि दोनों देशों के बीच नारियल, सोना, कृषि उत्पादों और निर्माण सामग्री के आयात-निर्यात बहुत पहले से हो रहा है। फार्मास्युटिकल के क्षेत्र में सहयोग हमारे देश के लिये उपयोगी होगा। मोरक्को के राजदूत श्री मोहम्मद मलिकी ने कहा कि हमारे देश में फास्फोरस का प्रचुर उत्पादन होता है। मध्यप्रदेश में विभिन्न उद्योगों में इसका उपयोग किया जा सकता है। नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ट्रेड और इन्वेस्टमेंट के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। जिम्बाब्वे के वित्तीय मिनिस्टर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स श्री राज मोदी और जिम्बाब्वे की राजदूत सुश्री स्टेला नकोमो ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट निवेश की संभावनाओं को एक्सप्लोर करने के लिये बेहतर प्लेटफार्म है। एमपीआईडीसी के ईसीईओ श्री सुविध शाह ने सभी डेलीगेट्स के द्वारा दिये गये सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का यही सही समय है। उन्होंने डेलीगेट्स की शंकाओं का समाधान भी किया। श्री रविकांत तिवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विजन स्पष्ट है। उन्होंने जीआईएस के पहले आरआईसी कर प्रदेश के हर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को तलाशा। उन्होंने निवेश को बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोड-शो किये।
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मध्यप्रदेश में निवेश का सुनहरा दौर
उद्योगपतियों ने निवेश के लिए जताई सहमति
मंदसौर 25 फरवरी 25/ मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं और देश-विदेश के उद्योगपति इसे एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में देख रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 को लेकर उद्योग जगत में खासा उत्साह देखा जा रहा है। देश के प्रमुख उद्योगपतियों ने राज्य में निवेश को लेकर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं।
निवेश के साथ रोजगार सृजन
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में शामिल होने भोपाल आए उद्योगपति श्री गौतम अडाणी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वन-टू-वन चर्चा में कहा है कि इस आयोजन में शामिल होना मेरे लिए सम्मान की बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसी पहल ने देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का विकास हो रहा है। श्री अडानी ने घोषणा की है कि उनका समूह 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ इस विकास यात्रा में आपके साथ है।
श्री अडाणी ने कहा कि उनका ग्रुप मध्यप्रदेश में सीमेंट, सीवेज, खनन, स्मार्ट-मीटर और थर्मल-एनर्जी के क्षेत्रों में 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये का नया निवेश कर रहा है। इससे 2030 तक राज्य में 1 लाख 20 हजार रोजगार सृजन होंगे। श्री अडाणी ने बताया कि इसके साथ ही समूह एक ग्रीनफील्ड स्मार्ट-सिटी विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। इसमें 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त निवेश शामिल होगा। आशा है कि ये सभी निवेश मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।
भोपाल में निवेश की संभावनाएं देखने आया हूं, मेरे लिए यह बेहद रोमांचकः श्री मार्टिन यू. माइयर
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर विदेशी निवेशकों में खासा उत्साह देखने को मिला। मुंबई स्थित स्विट्जरलैंड के वाणिज्य दूतावास के महावाणिज्य दूत मार्टिन यू. माइयर ने जीआईएस में शामिल होकर कहा कि “यह मेरे लिए बेहद रोमांचक है। मैं पहली बार मध्यप्रदेश आया हूं और भोपाल में यह देखना चाहता हूं कि यहां क्या संभावनाएं हैं।”
उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, लिचेंस्टाइन और नॉर्वे सहित यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों ने भारत के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा।
“अब हमें यह सुनिश्चित करना है कि स्विस कंपनियां भारत आएं और यहां निवेश करें।” इस समझौते के तहत भारत और स्विट्जरलैंड के आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नादिर गोदरेज, चेयरमैन, गोदरेज इंडस्ट्रीज
“मध्यप्रदेश विकास की ओर तेजी से अग्रसर है और यहां निवेश करना सदैव लाभदायक रहा है। हमें पूर्व में जो भी समर्थन चाहिए था, वह मिला और प्रगति लगातार जारी है। अब राज्य भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लीड करें और एमपी सक्सीड करें।’ उनकी सरकार में बिजनेस रेगुलेशन्स को सरल बनाया गया है, जिससे निवेशकों के लिए राज्य और अधिक आकर्षक बन गया है।”
संजीव पुरी, चेयरमैन एवं एमडी, आईटीसी
“मध्यप्रदेश अपनी रणनीतिक स्थिति और समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों से निवेश के लिए उपयुक्त राज्य है। यह एक कृषि प्रधान राज्य है और वर्षों से इस क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव देखा गया है। अब हम विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की बढ़ती उपस्थिति देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य एक नए विकास युग में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार की नीतियों से उद्योगों को काफी प्रोत्साहन मिल रहा है।”
विनीत मित्तल, चेयरमैन, अवाडा ग्रुप
“हम 2010 से मध्यप्रदेश में निवेश कर रहे हैं और अब एनटीपीसी, एनएचपीसी और अन्य संस्थानों से कई परियोजनाएं प्राप्त कर चुके हैं। हम इन परियोजनाओं को मालवा, बुंदेलखंड और भिंड क्षेत्रों में स्थापित करने जा रहे हैं। हमारी कंपनी अगले 5 वर्षों में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, पंप स्टोरेज और बैटरी स्टोरेज में 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने का संकल्प ले चुकी है।”
सुधीर कुमार अग्रवाल, फाउंडर एवं चेयरमैन, सागर ग्रुप
“मध्यप्रदेश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है और यहां निवेश की असीम संभावनाएं हैं। सागर ग्रुप के रूप में हम राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे निवेश शिक्षा, बुनियादी ढांचे और चिकित्सा सुविधाओं में हो रहे हैं, जिससे राज्य की जनता के जीवन को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। हमारी कंपनी में 50 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 60% महिलाएं हैं। हमारा लक्ष्य राज्य की समृद्धि में योगदान देना और सकारात्मक बदलाव लाना है।”
दिनेश पाटीदार, चेयरमैन, शक्ति पंप्स (इंडिया) लिमिटेड
“भारत के केंद्र में स्थित मध्यप्रदेश निवेश के लिए एक बेहतरीन स्थान है। राज्य सरकार व्यापार अनुकूल नीतियों और आकर्षक प्रोत्साहनों के माध्यम से औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भरता और नए रोजगार अवसरों के लिए पूरी तरह तैयार है।”
मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों और निवेशकों की सकारात्मक सोच से राज्य एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है। जीआईएस-2025 के माध्यम से मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
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सबसे सस्ती बिजली बनाने में मध्यप्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेज गति से हो रहे हैं कार्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव जीआईएस में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन में हुए शामिल
भारतीय रेल के साथ हुआ पीपीए अनुबंध संपादित
मंदसौर 25 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में गत वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तेज गति से वृद्धि हुई है। अब यह हमारी कुल ऊर्जा उत्पादन का 15% हो गई है। साथ ही मध्यप्रदेश ने सबसे सस्ती बिजली बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है। प्रदेश के नीमच जिले में स्थापित सोलर परियोजना में 02 रुपए 14 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उत्पादन किया जा रहा है और यह सस्ती बिजली हमारी सरकार भारतीय रेलवे को बेच रही है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अंतर्गत नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा पर आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत दुनिया के सामने हर क्षेत्र में सीना तान के खड़ा है। आज जहां विश्व में उथल-पुथल मची हुई है, बहुत से देश आपस में बात भी नहीं करते। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी का सभी से निरंतर संवाद है और वे भारत की प्रगति के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। सोमवार को भोपाल में प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट आयोजित की गई है, जिसमें दुनिया भर से मध्यप्रदेश में निवेश प्रस्ताव आ रहे है। देश-विदेश के निवेशकों ने मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर भरोसा जताया है। हमारे लिए छोटा से छोटा निवेश भी बहुत बड़ा है और हर निवेशक महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति सूर्य पर केन्द्रित है। सूर्य देव की हम पूजा करते हैं और वह हमें ऊर्जा प्रदान करते हैं। सूर्य के सारथी अश्विन है। वैसे ही हमारे मार्गदर्शक केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव हैं। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा के साथ ही तेज गति से रेलवे नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा विशेष रूप से सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है। रीवा में 750 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा मेगा सोलर पार्क स्थापित किया गया है। इसी प्रकार नीमच में 500 मेगावाट का सोलर पॉवर प्लांट और भारत का सबसे बड़ा पम्पड हाइड्रो पॉवर स्टोरेज प्रोजेक्ट लगाया गया है। यह सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन कर रहा है। ओंकारेश्वर में भारत का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है। नर्मदापुरम जिले के मुहासा बाबई में भारत का पहला पॉवर एंड रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन बनाया गया है। पहले इसके क्षेत्र को बढ़ाकर 884 एकड़ किया गया था, अब इसमें 1000 एकड़ क्षेत्र और बढ़ाया जा रहा है। मध्यप्रदेश भारत के 500 गीगावॉट के नवकरणीय ऊर्जा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में निवेश का अच्छा माहौल बना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक भारतीय रेल ऊर्जा के क्षेत्र में “नेट जीरो” हो जाएगी, अर्थात शत-प्रतिशत बिजली पर चलेगी। अभी 97% रेलवे लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन कर लिया गया है। आज मध्यप्रदेश के साथ 170 मेगावाट का पावर परचेज एग्रीमेंट किया गया है, जो अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश जितनी भी अतिरिक्त बिजली उत्पादित करेगा हम खरीदेंगे। श्री वैष्णव ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का ऐतिहासिक कार्य चल रहा है। इस क्षेत्र में 01 लाख 4 हजार करोड रुपए का निवेश किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 के बाद 2456 किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क तैयार किया गया है।
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। आज हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री स्वयं ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव निरंतर प्रदेश में निवेश बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। चरैवेति, चरैवेति के आदर्श वाक्य को लेकर वे निरंतर इस क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में 10 वर्ष पहले मात्र 500 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादित होती थी जो अब 7000 मेगावाट हो गई है। प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में भरपूर जल, जमीन, वायु और सूर्य का प्रकाश है, वे यहां इन्वेस्ट करें।
शिखर सम्मेलन में सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन के श्री आर.पी. गुप्ता, साउथ एशिया रीजनल डायरेक्टर श्री इमाद फारुकी, अवाडा ग्रुप के श्री विनीत मित्तल, एलएलपी समूह के श्री सुनील जैन, उद्योगपति श्री पराग शर्मा, श्री पिनाकी भट्टाचार्य, श्री पवन अग्रवाल, श्री नवीन खंडेलवाल, श्री राजीव जैन, श्री जिग्नेश मेहता, श्री गुरदीप सिंह आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अपर प्रमुख सचिव एमएसएमई श्री मनु श्रीवास्तव ने शिखर सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत की और स्वागत भाषण दिया। एमडी श्री अमनवीर सिंह बैंस ने आभार व्यक्त किया।
पीपीए अनुबंध हुआ संपादित, निवेशकों ने किये निवेश अनुबंध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में शिखर सम्मेलन में दो पावर परचेज एग्रीमेंट अनुबंध पहला भारतीय रेल, नीमच सोलर प्रोजेक्ट, रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड और वारी के बीच तथा दूसरा एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी, वारी और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड के बीच संपादित हुए। इसके साथ ही नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विभिन्न निवेशकों के साथ निवेश अनुबंध भी सम्पादित हुए।
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जीआईएस-25 के पहले दिन 22 लाख 50 हजार 657 करोड़ के मिले निवेश प्रस्ताव और हुए एमओयू
मंदसौर 25 फरवरी 25 / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में सोमवार को भोपाल के राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में शुरू हुई दो दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के काफी सुखद परिणाम आये हैं। समिट के पहले दिन बड़ी संख्या में निवेश के प्रस्ताव मिले। इसमें 22 लाख 50 हजार 657 करोड़ के इंटेशन-टू-इन्वेस्ट, एमओयू और निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये। इससे 13 लाख 43 हजार 468 रोजगार सृजन होगा।