भारत सरकार वन पर्यावरण जलवायु मंत्रालय सदस्य श्री विनय जांगिड़ ने महाकाल मुक्तिधाम में किया आम के पौधे का रोपण

*****************************
सीतामऊ। सुवासरा विधानसभा भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता एवं भारत सरकार वन पर्यावरण जलवायु मंत्रालय के सदस्य श्री विनय जांगिड़ ने महाकाल मुक्तिधाम सीतामऊ का अवलोकन किया जहां पर समिति के कार्यकर्ताओं ने महाकाल का दुपट्टा पहना कर स्वागत किया। श्री जांगिड़ द्वारा उपस्थित कार्यकर्ताओं को ध्यान योग के द्वारा मन की एकाग्रता एवं आत्म शांति के लिए ॐ का ब्रह्मनांद कर मेडिटेशन करवाया गया।
इस अवसर पर युवा नेता श्री जांगिड़ ने कहा कि जो महाकाल का भक्त होता है उसका काल भी कुछ नहीं कर सकता है हमारे शास्त्र पुराणों के अनुसार मृकण्डु मुनि ने अपनी पत्नी के साथ घोर तपस्या करके भगवान शिव को प्रसन्न किया और उनके वरदान से पुत्र रूप में मार्कण्डेय को पाया। शिव ने मृकण्डु से पूछा था कि ‘तुम्हें दीर्घ आयु वाला गुणहीन पुत्र चाहिए या अल्प आयु वाला गुणवान पुत्र?’ तब मृकण्डु ने गुणवान पुत्र की कामना की।
भगवान शिव ने मार्कण्डेय की आयु 16 वर्ष निश्चित की थी। जब मार्कण्डेय का सोलहवां वर्ष प्रारम्भ हुआ तो पिता शोक से भर गए। कारण पूछने पर जब पिता ने मार्कण्डेय को अल्पायु की कहानी सुनाई तब वे माता-पिता की आज्ञा लेकर दक्षिण समुद्र के तट पर गए और एक शिवलिंग स्थापित कर आराधना में जुट गए। तय समय पर काल या यमराज उनके प्राण हरने आ पहुंचा।
तब मार्कण्डेय ने कहा कि मैं शिवजी का महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर रहा हूं, इसे पूरा कर लूं, तब तक ठहर जाओ। मगर काल नहीं माना और बलपूर्वक मार्कण्डेय को ले जाना चाहा। ठीक उसी समय शिवलिंग से महाकाल प्रकट हुए और हुंकार भरकर मेघ के समान गर्जना करते हुए काल की छाती पर चरण से प्रहार किया। उन्होंने काल का अंत कर न केवल मार्कण्डेय के प्राणों की रक्षा की बल्कि उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें सदा सर्वदा के लिए काल-मुक्त भी कर दिया।
इस अवसर पर महाकाल मुक्तिधाम समिति के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में श्री विनय जांगिड़ ने मुक्तिधाम परिसर में आम का पौधे का रोपण किया।
श्री जांगिड़ ने कहा कि विश्व ब्रह्मांड का नायक महाकाल की सेवा कभी निष्फल नहीं जाती हैं और यहां पर कई प्रकार के पेड़ है तथा पौधें लगाया जा रहा है जिनका हमारे वेदों शास्त्रों में पुजनीय है एवं पेड़ लगाना पूण्य माना गया हैं।