जावदधर्म संस्कृतिनीमच

सुख- समृद्धि के लिए महिलाओं ने पीपल के वृक्ष की परिक्रमा कर वृत रख दशामाता की पूजा

—————————————-

समरथ सेन

पालसोड़ा –प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी महिलाओं ने होली के दस दिवस बाद आने वाली दशमी पर शुक्रवार को यहां परम्परानुसार परिवार की सुख समृद्धि के लिए वृत रख दशामाता की पूजा पीपल के वृक्ष की परिक्रमा लगाकर की। मान्यता अनुसार गृह दशा सुधारने और सुख-समृद्धि की कामना के लिए महिलाएं दशामाता का पूजन करती है।इस दिन महिलाओं ने कच्चा सूत पेड़ पर लपेटकर सुख-सौभाग्य की कामना की गई। अपने जीवन की दशा और दिशा को सुव्यवस्थित करने के लिए जीवन में धन-धान्य और सुख समृद्धि प्राप्ति के लिए महिलाएं दशा माता का पूजन करती है। ग्राम पंचायत परिसर, कन्या शाला के पास पिपली चौक, सहित अनेक स्थानों पर इस दिन महिलाओं की भीड़ पूजा के लिए देखी गई।

महिलाओं ने यहां दशामाता की कहानी भी सुनी। मान्याता अनुसार दशामाता मां पार्वती का ही स्वरूप है। चैत्र माह की कृष्ण पक्ष तिथि को दशा माता की पूजा करने से घर परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और सभी परेशानियां व कष्ट दूर हो जाते हैं। दशा माता की पूजा कथा व्रत करने का विधान है पूजन करने से दशा माता प्रसन्न होती हैं तथा हर मनोकामना पूरी करती हैं! ऐसी मान्यता है कि दशा माता की पूजन उपरांत पीपल की पर्ची की छाल को को फोन के रूप में घर लाकर तिजोरी में रखने से वर्षभर सुख समृद्धि बनी रहती हैं इसीलिए परिवार की खुशहाली के लिए महिलाओं ने व्रत रख पीपल के वृक्ष की परिक्रमा की एवं ग्रह दशा की कामना की गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}