न्यायमध्यप्रदेशराजगढ़

दुष्कर्म के आरोपी को पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष की सजा

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राजगढ। तहसील न्यायालय सारंगपुर में पदस्थ प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, सारंगपुर, जिला राजगढ़ श्री डॉ. कुलदीप जैन ने अपने न्यायालय के विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक SC-36 /2022 धारा- 194/2020, अपराध धारा-363, 366, 376, 506 भा.द.सं. एवं धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट में फैसला सुनाते हुयेें अभियुक्त दीपेश (परिवर्तित नाम) को धारा 366 भा.द.वि. 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000/-रू के अर्थदण्ड एवं धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 5000/-रू के अर्थदण्ड कुल 20 वर्ष का सश्रम कारावास से दण्डित किया है। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आलोक श्रीवास्तव राजगढ एवं श्री एस.पी.शर्मा अतिरिक्त लोक अभियोजक ने की है।

20.05.2022 को आरक्षी केन्द्र सारंगपुर में फरियादी पीड़ित बालिका के पिता द्वारा इस आशय की रिपोर्ट लेख करायी है कि उसकी सबसे छोटी लड़की पीड़ित बालिका दिनांक 20.05.2022 की सुबह करीब पौने 06 बजे घर से बिना बताये कहीं चली गयी। उसकी नाबालिग लड़की को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है, उसे संदेह है कि उसकी लड़की को दीपेश पुष्पद (परिवर्तित नाम) का लड़का बहला-फुसलाकर ले गया है, अभी तक रिश्तेदारों एवं मिलने वालों के यहॉ तलाश किया, पता नहीं चला। फरियादी की रिपोर्ट पर से पुलिस द्वारा थाना सारंगपुर में अपराध क्रमांक 289/2022 अंतर्गत धारा 363 भा.द.सं. पंजीबद्ध किया गया और प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना में पीडित बालिका को दस्तयाब किया गया और उसके कथन लेख किये गए जिनके आधार पर प्रकरण में धारा 366, 376, 506 भा.द.सं. एवं धारा 5/6 पॉक्सो एक्ट का इजाफा किया गया। पीडित बालिका ने अपने कथनों में बताया कि आरोपी उसे इंदौर ले गया था जहां उसे किराये के मकान में रखकर उसके साथ जबरजस्ती शारीरिक संबंध बनाये। पीडित बालिका ने अपने कलमबंद बयान अभियुक्त के पक्ष में दिये थे किन्तु न्यायालय में साक्ष्य के दौरान उसने बताया कि अभियुक्त ने उसपर दबाव बनाकर अपने पक्ष में कथन कराये थे। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत विचारण हेतु  न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।

प्रकरण में विचारण के दौरान प्रकरण में भारसाधक विषेष लोक अभियोजक द्वारा  न्यायालय के समक्ष अभियोजन की ओर प्रकरण के महत्वपूर्ण 10 गवाहों के न्यायालय में कथन कराये और तर्क प्रस्तुत किये। विचारण उपरांत न्यायालय ने अभियुक्त दीपेश (परिवर्तित नाम) को धारा 366 भा.द.वि. 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000/-रू के अर्थदण्ड एवं धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 5000/-रू के अर्थदण्ड कुल 20 वर्ष का सश्रम कारावास से दण्डित किया है।

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