अपनी वर्ण की युवति से ही विवाह करना चाहिए – स्वामी आनन्दस्वरूपानंदजी सरस्वती

मन्दसौर। श्री केशव सत्संग भवन खानपुरा मंदसौर पर दिव्य चातुर्मास पूज्यपाद 1008 स्वामी आनन्दस्वरूपानंदजी सरस्वती ऋषिकेश के सानिध्य में चल रहा है। स्वामी जी द्वारा प्रतिदिन प्रात: 8.30 से 10 बजे तक श्रीमद् भागवद् महापुराण के एकादश स्कन्द का का वाचन किया जा रहा है।
गुरूवार को धर्मसभा में स्वामी श्री आनन्द स्वरूपानंदजी सरस्वती ने गृहस्थ जीवन के बारे में बताते हुए कहा कि शास्त्रों में भगवान कहते हैं कि गृहस्थ आश्रम अन्य आश्रमों की अपेक्षा ज्यादा जिम्मेदारी भरा होता है अन्य तीन और आश्रम इसी पर निर्भर करते है। इसलिए गृहस्थ आश्रम में रहते हुए कई सावधानियां रखनी होती है। आपने विवाह के बारे में बताया कि अपने वर्ण की युवति से ही विवाह करना चाहिए, संस्कारवान और अपने से उम्र में छोटी कन्या से ही विवाह करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार यदि संस्कारों से हीन कन्या विवाह करके घर में आयेंगी तो वो आपके वंश को भी बिगाढ देगी और बडी कन्या से शादी करोंगे तो वो कभी अपकों सम्मान नहीं देगी इसलिए जैसा शास्त्रों में कहा गया है उसका पालन गृहस्थ जीवन में अवश्य करना चाहिए।
आपने कहा कि आज कल की युवा पीढी पर फिल्मी लोगों का बहुत प्रभाव होता है वो इन लोगों को आदर्श मानने लगते है जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। अपने बच्चों में बचपन से ही संस्कार डालो।
आपने कहा कि गृहस्थ जीवन मे रहते हुए शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए, सेवा, दान, पुण्य आदि करते रहना चाहिए। आपने कहा कि भोजन के बनने के बाद छोटा सा हिस्सा अग्नि देव को समर्पित करों ताकि अपका भोजन सभी देवताओं को चला जायें और भोजन प्रसाद बन जायेंं।
भगवान पर विश्वास रखों
धर्मसभा में स्वामीजी ने बतायाा कि आजकल लोग भगवान से ज्यादा संसार पर विश्वास करने लगे है। इसलिए धोका खाने लगे है। अरे जब मां के गर्भ में आप आयें तो आपकी सभी व्यवस्थाएं भगवान ने की थी फिर बडे होने के बाद भगवान पर विश्वास क्यों नहीं रहता। हमकों भगवान पर सदैव विश्वास करकें पवित्र मन से उनकी भक्ति करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में भगवान की आरती उतारी गई एवं प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीशचंद्र सेठिया, सचिव कारूलाल सोनी, प्रहलाद काबरा, इंजि. आर सी पाण्डेंय, मदनलाल गेहलोत, पं जगदीश गर्ग, पं शिवनारायण शर्मा, नीलमचंद भावसार, घनश्याम भावसार, राधेश्याम गर्ग, भगवतीलाल पिलौदिया, डॉ प्रमोद कुमार गुप्ता, राजेश देवडा, प्रवीण देवडा सहित बडी संख्या में महिलाएं पुरूष उपस्थित थे।