प्रकृति ने किसानो की मेहनत पर फेरा पानी, क्षेत्र में हो रही 3 दिन से बारिश, किसानो के चेहरे पर चिंता की लकीर

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क्षैत्र में हुई बे मौसम बारीश के नुकसान पर राहत की मांग- साधना जैन
बिल्लौद।जिले में इन दिनो किसान खेती के कामकाज में लग गया था क्योकि किसानो के गेहूँ चने की फसल भी अब पक गई थी की प्रकृति ने पानी फेरना चालु कर दिया , पिछले 4 – 5 वर्षो से किसानो के सामने आई फसल घर ले जाने में इस तरह से पानी में भिगो दी जा रही हे ।
वर्तमान में मन्दसौर जिले को अपनी एक पहचान दिलाने वाला काला सोना भी पुरे बहार पर हे और किसान भी अफीम में चीरा लगाने में व्यस्त हे अभी किसानो के अफीम में 3 या 4 चिर भी नही हुई थी और पानी ने सब मेहनत पर पानी फेर दिया किसान इस काले सोने के लिए अनेकोनेक जतन तो करता ही हे लेकिन इसकी परवरिश भी एक पुत्र से भी ज्यादा करता हे और एन वक्त मेहनत पानी पानी हो जाती हे।
ओलावृष्टि से हुई नुकसान में राहत प्रदान करे सरकार – साधना जैन
क्षेत्र में हुई बेमौसम बारीश ओलावृष्टि से क्षेत्र में अफीम काश्तकारों को भारी नुकसान हुवा हे किसानो के मुँह में आया हुवा निवाला छीन गया हे, अफीम काश्तकार किसानो के खेतो में अफीम में चीरे लगाने के का कार्य चल रहा था जिसमे शनिवार/रविवार दोपहर तो किसानो ने चीरा लगाया पर रविवार प्रातः 6 बजे अचानक बारीश हो जाने से एवम् दोपहर में हुई बेमोशम बारिश से किसान को अत्यधिक नुकसान हुवा हे ।
अफीम की फसल के अलावा भी अन्य फसलो में किसानो को नुकसान हुवा हे वेसे भी इस फसल में 2 से 3 बार बेमोशम बारिश से किसानो को शुरू से ही नुकसान होता आ रहा हे जैसे-तैसे किसान ने फसल की पैदावार की लेकिन किसान के फसल घर आने का समय आया और बरसात ने किसान के मुँह का निवाला ही छीन लिया इसलिए मल्हारगढ़ जनपद सदस्य साधना- विकास जैन ने समस्त किसान की और से प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से मांग करते हुए गेहूँ, चना,इसबगोल जैसी फसलो के नुकसानी का आंकलन करवाकर किसानो को अन्य फसलो का बीमा और उचित मुआवजा प्रदान किया जाए एवम् मन्दसौर जिले की मुख्य फसल अफीम काश्तकारों को अफीम औसत की राहत प्रदान की जाना चाहिए ।