समाचार रतलाम मध्य प्रदेश से 13 फरवरी 2023

13 फरवरी को निकलेगी जिले के 59 ग्रामों में विकास यात्राएं
रतलाम 12 फरवरी 2023/ 13 फरवरी को जिले के 59 ग्रामों में विकास यात्राएं निकाली जाएंगी। जारी रुट के अनुसार विकास यात्राएं सोमवार को जनपद पंचायत रतलाम के ग्राम नायन, हेमती, हतनारा, रिंगनिया, मलवासा, जडवासाखुर्द, जडवासाकला, बाजनखेडा, घटला भटूनी तथा बोरवना में पहुंचेगी।
जनपद पंचायत बाजना के ग्राम ठिकरिया, हलकाराखुर्द, कोठारिया, मण्डारिया, खोरा, भूरीघाटी, तलाईखेडा, रेहतकुआ, सुरजबडला, फतेपुरिया, शंभुपुरा, आम्बापाडा कला, पोनबट्टा, बडलिया, बोरपाडा, दौलपुरा, देवली, सारातलाई चीराखादन, गंगा जलिया, केसरपुरा, रुपारेल, जाम्बुखादन, छावनी कमजी, कानवा छावनी, सज्जनपुरा में विकास यात्राएं निकलेगी।
जनपद पंचायत आलोट के ग्राम कछालिया, सारंगाखेडा, रछालिया, बगुनिया, डेहरी, भूतिया, काजाखेडी, मनुनिया, कल्याणपुरा, रणायरा, सेमलिया, लसुडिया खेडी, खेडी ताल, सांगाखेडा, दौलतपुरा, खारवाखुर्द, मुण्डलाखुर्द, दुंगनी में यात्राएं निकाली जाएँगी।
जनपद पंचायत पिपलौदा के ग्राम चन्द्रावता, निपानिया, केशरपुरा, बडायला सरवन तथा खेडा में यात्राओं का आगमन होगा।
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प्रायोगिक परीक्षा हेतु 311 संस्थाओं को सामग्री वितरित
रतलाम 12 फरवरी 2023/ मंडल परीक्षा वर्ष 2023 की हाई स्कूल हायर सेकेंडरी परीक्षा के नियमित छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा संबंधित संस्था में 13 फरवरी से 26 फरवरी 2023 के मध्य संपन्न की जाएगी तथा स्वाध्यायी छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं परीक्षा केंद्र में ही दिनांक 1 मार्च से 30 मार्च 2023 के मध्य आयोजित होगी। समन्वयक संस्था प्राचार्य श्री सुभाष कुमावत ने बताया कि प्रायोगिक परीक्षा हेतु 183 शासकीय संस्था 128 अशासकीय संस्था कुल 311 संस्थाओं को सामग्री वितरित की जा चुकी है।।
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विकास यात्रा के दौरान 12 फरवरी को ग्रामों में 605.16 लाख के लोकार्पण तथा 189.83 लाख रुपए के भूमिपूजन किए गए
रतलाम 12 फरवरी 2023/ रतलाम जिले में विकास यात्रा के दौरान 12 फरवरी को जनपद पंचायतों के विभिन्न ग्रामों में 605.16 लाख रुपए लागत के 50 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। इसके अलावा 189.83 लाख रूपए लागत के 10 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। सभी लोकार्पण, भूमिपूजन जनप्रतिनिधियों के हाथों हुए।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती जमुना भिड़े ने बताया कि 12 फरवरी को 50 ग्रामों में यात्राएं आयोजित की गई। आलोट में 15 यात्राएं आयोजित की गई। इसके अलावा जावरा में 9, पिपलोदा में 5 तथा सैलाना में 21 यात्राएं आयोजित की गई। लोकार्पण के तहत आलोट जनपद में 15, जावरा में 9, पिपलौदा में 5, तथा सैलाना में 21 लोकार्पण हुए। सर्वाधिक 5 भूमिपूजन जावरा जनपद पंचायत क्षेत्र में हुए। इसके अलावा आलोट में 1, पिपलौदा में 3 तथा सैलाना में 1 भूमिपूजन किया गया।
सर्वाधिक राशि के भूमिपूजन पिपलोदा जनपद में 123.69 लाख रुपए लागत के 3 भूमिपूजन किए गए। सर्वाधिक राशि के लोकार्पण जावरा जनपद पंचायत में हुए जिसमें 351.03 लाख रुपए लागत के 21 कार्य लोकार्पण किए गए।
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ग्राम रोजाना में 1 करोड से अधिक लागत की नल जल योजना टंकी का लोकार्पण
रतलाम 12 फरवरी 2023/ विकास यात्रा के तहत 12 फरवरी को जावरा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम रोजना में 1.46 लाख रूपए लागत से निर्मित नल जल योजना के तहत टंकी का लोकार्पण उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा नागरिकों की उपस्थिति में किया गया।
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विकास यात्रा के दौरान जनप्रतिनिधियों ने किया
जल जीवन मिशन के कई कार्यों का लोकार्पण, भूमि पूजन
रतलाम 12 फरवरी 2023/ रविवार को विकास यात्रा के दौरान जिले में जल जीवन मिशन के कई कार्यों का लोकार्पण, भूमि पूजन जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किया गया। आलोट विकासखंड के ग्राम मीनावादा में हर घर नल से जल प्रदाय योजना लागत 134.46 लाख का लोकार्पण सांसद उज्जैन आलोट श्री अनिल फिरोजिया, पूर्व विधायक श्री जितेंद्र गहलोत, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री कालू सिंह परिहार, श्री श्रवण डांगी, सरपंच श्रीमती कमलाबाई मोहनलाल पांचाल, उपसरपंच श्री धर्मेंद्रसिंह सिसोदिया, पीएचई उपयंत्री श्री बी.एल. बिंदोरिया आदि की उपस्थिति में किया गया।
विकासखंड जावरा मे विधायक प्रतिनिधि श्री प्रांजल पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री शंभूलाल चंद्रवंशी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रुकमडी हेमराज हाड़ा, पीएचई उपयंत्री इरफान अली खान आदि की उपस्थिति में ग्राम नंदावता योजना की लागत 60.55 लाख, ग्राम बनवाड़ा योजना की लागत 85.30 लाख सरपंच श्रीमती चंदाबाई शिवनारायण मालवीय, उपसरपंच श्री भरत पाटीदार, ग्राम रोजाना की योजना की लागत 145.50 लाख, सरपंच श्री चरणसिंह जाट, उपसरपंच शिवलाल पाटीदार आदि की उपस्थिति में लोकार्पण, भूमि पूजन किया गया।
विकासखंड पिपलोदा के ग्राम पंचायत पंचेवा में 99.75 लाख की जल जीवन मिशन की नलजल प्रदाय योजना का भूमि पूजन विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे, श्री के.के. सिंह, श्री राजेंद्र सिंह, श्री अमित पाठक, सरपंच श्री योगेश मईडा, उपसरपंच श्री जानकीलाल मोहनिया, पीएचई उपयंत्री श्री विजय शर्मा की उपस्थिति में किया गया।
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विकास यात्रा के उल्लेखनीय बिंदु
रतलाम 12 फरवरी 2023/ रतलाम जिले में निकाली जा रही विकास यात्रा के 12 फरवरी के उल्लेखनीय बिंदु इस प्रकार है। रतलाम जिले में 12 फरवरी को 45 ग्रामों में विकास यात्रा पहुंची।
- विकास यात्रा में 50 कार्यों का लोकार्पण किया गया जिनकी लागत 605.16 लाख रुपए है।
- विकास यात्रा में 189.83 लाख रुपए के 10 भूमिपूजन किए गए।
- विकास यात्रा के दौरान जिले में बुजुर्गों तथा महिलाओं को मंच पर सम्मानित किया गया।
- विकास यात्रा में ग्राम रोजाना में 1.46 लाख रूपए लागत से निर्मित नल जल योजना के तहत टंकी का लोकार्पण किया गया।
- रतलाम जिले में विकास यात्राओं के दौरान बुजुर्गों का महिलाओं का सम्मान किया गया।
- विकास यात्राओं के दौरान कलश यात्रा में आयोजित की गई।
- विकास यात्रा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
- अकाश यात्राओं का बैंड बाजे ढोल धमाकों के साथ स्वागत किया गया।
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रुखमाबाई को भूमि का स्थाई पट्टा मिला
रतलाम 12 फरवरी 2023/ रतलाम मुख्यालय पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मुख्यमंत्री नगरीय आवासीय भू अधिकार योजना के तहत रतलाम की रहने वाली रुखमाबाई को भूमि का स्थाई पट्टा प्रदान किया गया। इसके लिए रुखमाबाई ने मुख्यमंत्री का भी आभार व्यक्त किया जिनके सहयोग से उसकी रहवासी भूमि का स्थाई पट्टा उसको प्राप्त हो गया है। पट्टा मिलने से उसके परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है।
रुखमाबाई तथा उनका परिवार वर्ष 2014 से पूर्व से शहर के मोती नगर क्षेत्र में भूमि पर काबिज था। यह परिवार रतलाम के बाहर से आकर रोजगार के लिए शहर में बस गया। रहने के लिए कोई घर नहीं था। मोती नगर क्षेत्र में आकर खाली पड़ी भूमि पर छोटा सा मकान बनाया और रहना प्रारंभ कर दिया। प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा लागू की गई मुख्यमंत्री नगरीय भू अधिकार आवासीय योजना रुखमाबाई के लिए वरदान बनकर आई। योजना के तहत वर्ष 2014 से पूर्व से भूमि के टुकड़े पर काबिज गरीब परिवारों को राज्य शासन द्वारा स्थाई पट्टे दिए जा रहे है ताकि उनकी चिंता मिट जाए, वे अपने मकान को और अच्छे से बना सकेंगे। परिवार खुशी के साथ रहेगा।
इस योजना के तहत रतलाम शहर के 40 परिवारों को उनके काबिज भूमि के टुकड़े का स्थाई पट्टा मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान किया गया। रुखमाबाई को भी 33 बाय10 वर्ग फीट आकार के भूमि के टुकड़े का स्थाई पट्टा मिल गया। रूखमाबाई ने बताया कि भूमि के टुकड़ों पर उनका परिवार कच्चा मकान बनाकर रह रहा है परंतु सदैव चिंता बनी रहती थी कि जमीन पर से कोई हटा देगा तो परिवार रहने के लिए कहां जाएगा लेकिन अब यह चिंता मिट गई है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंहजी को बहुत-बहुत धन्यवाद। रूखमाबाई का मोबाइल नंबर 62668 95772 है।
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लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिलने से सुमित्राबाई के चेहरे से चिन्ता की लकीरें हुई दूर
रतलाम 12 फरवरी 2023/ मध्यप्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी लाड़ली लक्ष्मी योजना को अन्य राज्यों ने भी अपनाया है। योजना का लाभ पाने वाले माता-पिता अपनी बेटी के सुनहरे भविष्य एवम पढ़ाई को लेकर अपने आपको चिंतामुक्त एवं सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
परियोजना रतलाम शहर क्रमांक 1 की जवाहर नगर वार्ड निवासी श्रीमती सुमित्राबाई भी कुछ इसी तरह अपने आपको चिंतामुक्त महसूस कर रही है। वे कहती है कि उनके पति देवेंद्र सिलाई कार्य करके मुश्किल से परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके यहां बेटी का जन्म हुआ, तो वार्ड 13 की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ब्रजकुँवर द्वारा उन्हें लाड़ली लक्ष्मी योजना के बारे में जानकारी दी गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि बालिका को कक्षा छठी से बारहवीं तक के अध्ययन के लिए सरकार द्वारा लाडली लक्ष्मी योजना में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी एवं 21 वर्ष पूर्ण होने पर विवाह के समय शासन की तरफ से योजना की राशि एकमुश्त मिलेगी।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की बात सुनकर सुमित्राबाई तथा उनके पति के चेहरे से बच्ची की पढ़ाई एवं शादी की चिंता की लकीरें दूर हो गई। उन्होंने बालिका के पंजीयन हेतु आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को दस्तावेज सौपकर पंजीयन करवाया। आज सुमित्राबाई तथा उनके पति प्रसन्नता के साथ कहते है कि अब हम बालिका की शिक्षा एवं विवाह को लेकर निश्चिंत हैं, क्योंकि मामा श्री शिवराजसिंह चौहान हमारे साथ हैं। बालिका लक्षिता को कक्षा 9 वी में योजना अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्त हुई है जिससे पढ़ाई में मदद मिली है। योजना का लाभ पाकर श्रीमती सुमित्राबाई मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को कोटि-कोटि धन्यवाद देती है।
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एक जिला एक उत्पाद योजना से सुरेश जाट लहसुन आधारित प्रसंस्करण इकाई स्थापित करेंगे
रतलाम 12 फरवरी 2023/ रतलाम मुख्यालय पर आयोजित किया गया रोजगार दिवस जिले के हजारों हितग्राहियों के लिए शासन की कल्याणकारी योजनाओं की सौगात लाया। हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए बैंकों के माध्यम से शासन द्वारा ऋण लाभ उपलब्ध कराए गए। एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत लहसुन भी जिले का चयनित उत्पाद है। रोजगार दिवस के अवसर पर एक जिला एक उत्पाद योजना में उद्यानिकी विभाग द्वारा रतलाम मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम मुंदड़ी के युवा सुरेश जाट को 27 लाख रूपए का ऋण लाभ उपलब्ध कराया गया।
35 वर्षीय सुरेश जाट मूलतः किसान हैं, वे लहसुन की खेती प्रमुखता से करते हैं। उनका इरादा लहसुन पाउडर, लहसुन पेस्ट और लहसुन की कलियां बनाने की इकाई स्थापित करने का है। इसके लिए पूंजी की आवश्यकता थी, वे अपने स्वयं के स्तर पर इतनी पूंजी जुटा पाने में असमर्थ थे। ऐसे में एक जिला एक उत्पाद योजना उनके काम आई। उद्यानिकी विभाग द्वारा सुरेश का प्रकरण तैयार किया गया। इसके फलस्वरुप बैंक ऑफ बड़ौदा से रोजगार दिवस कार्यक्रम में 27 लाख रूपए का बैंक ऋण लाभ सुरेश को प्रदान किया गया।
शासन द्वारा वित्तीय सहायता के लिए की गई मदद से सुरेश प्रसन्न है। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को धन्यवाद देते है। वे कहते हैं कि अब पूंजी हासिल हो गई है, शीघ्र-अतिशीघ्र अपनी लहसुन प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि रोजगार दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में श्री सुरेश जाट के अलावा ग्राम तालोद तहसील आलोट के श्री महेश शर्मा तथा सैलाना के श्री दीपक पाटीदार को भी लहसुन आधारित प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए ऋण लाभ उपलब्ध कराया गया। कुल 3 हितग्राहियों को 82 लाख रूपए का ऋण लाभ बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराया गया।
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कृषि विभाग की प्रेरणा से जैविक खेती कर नागुसिंह अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं
रतलाम 12 फरवरी 2023/ रतलाम जिले में बड़ी संख्या में किसान अब जैविक खेती की ओर आगे बढ़ चले हैं जिससे जिले के बाशिंदों को शुद्ध खाद्यान्न सब्जियां प्राप्त हो रही हैं। जैविक खेती में लागत भी कम होती है और मुनाफा बेहतर प्राप्त होता है। उन्हीं किसानों में विकासखंड सैलाना के ग्राम पंथवारी के आदिवासी कृषक नागु सिंह शामिल है।
नागु सिंह ने बताया कि उनके पास लगभग 2 हेक्टेयर कृषि भूमि है। वे पहले कपास, सोयाबीन, मक्का, गेहूं, चना आदि फसलें लेते थे जिनमें रासायनिक उर्वरकों का उपयोग होता था। इसके बाद आत्मा परियोजना से जुड़ा। भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही परंपरागत कृषि विकास योजना में जैविक समूह का सदस्य बना। कृषि विभाग के अधिकारियों की प्रेरणा से जैविक खेती की ओर मुड़ा। अपने खेत में वर्मी पिट का निर्माण किया। केंचुआ खाद बनानी शुरू की, खाद का उपयोग अपने खेतों में किया। उनकी लगभग 1 हेक्टेयर कृषि भूमि को उन्होंने जैविक खेतों में परिवर्तित कर लिया। इससे उनकी खेती की लागत में 40 प्रतिशत की कमी आई।
नागु सिंह बताते हैं कि उनके द्वारा जीवामृत, दशपर्णी, अर्क वेस्ट डी कंपोजर तथा अजोला यूनिट का निर्माण भी किया गया जिसका उपयोग जैविक खेती में किया जा रहा है। वेस्ट डी कंपोजर के घोल का इस्तेमाल गोबर तथा कचरे आदि को पचाने में किया जाता है। अच्छी तरह पचे हुए गोबर का उपयोग करने से फसलों में खरपतवार की समस्या भी 20 प्रतिशत तक कम हो जाती है और फसलों में सभी पोषक तत्वों की पूर्ति हो जाती है।
नागुसिंह आत्मा परियोजना की समस्त गतिविधियों जैसे भ्रमण प्रशिक्षण किसान मेले में सम्मिलित होते हैं। उनके द्वारा जैविक प्रशिक्षण प्राप्त कर के लगभग आधा हेक्टेयर में गिलकी, तुरई, लौकी, भिंडी, बैंगन, टमाटर इत्यादि सब्जियों का व्यवसायिक उत्पादन किया जा रहा है। जैविक सब्जी उत्पादन से नागु सिंह को 50 हजार से 60 हजार रूपए की अतिरिक्त आमदनी मिल रही है। शेष भूमि में वे खरीफ में मक्का तथा सोयाबीन तथा रबी में गेहूं फसल जैविक विधि से उत्पादित कर रहे हैं। उनको पीजीएस के तहत c3 ऑर्गेनिक सर्टिफिकेट प्राप्त हो चुका है। सब्जियों का विक्रय रतलाम जाकर करते हैं।
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समूह से जुड़ने पर आदिवासी महिला निर्मला के घर में खुशहाली आई
रतलाम 12 फरवरी 2023/ रतलाम जिले के सैलाना विकासखंड के ग्राम सालरापाडा की रहने वाली आदिवासी महिला निर्मला मईडा के घर में अब खुशहाली आ गई है। पहले घर में आर्थिक विपन्नता से सभी परेशान थे लेकिन निर्मला जब से अम्बे माता आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है, घर का आर्थिक उत्थान होने लगा है घर में खुशहाली आ रही है।
निर्मला बताती है कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत ही दयनीय थी। कृषि भूमि में पानी की आपूर्ति कम होने के कारण फसल विक्रय से उन्हें 20 से 30 हजार रुपए ही मिल पाते थे। उनके पति को गॉव में कभी मजदूरी मिलती थी और कभी नही मिलती थी। इस कारण अपनी जीविका चलाने के लिए गॉव से बाहर भी मजदूरी करने के लिए जाना पडता था। ऐसे में घर खर्च चलाना बहुत ही मुश्किल हो गया था। इसी दौरान आजीविका मिशन के माध्यम से गॉव में समूह बनाये जा रहे थे। निर्मला भी अम्बे माता आजीविका स्वयं सहायता समूह से जुडी और समूह की बैठक मे नियमित जाने लगी, जिसमे मुझे समूह की गतिविधियो के बारे मे जानकारी मिली।
एसएचजी से जुडने के पश्चात निर्मला ने वहां से 20 हजार रुपए लिए और अपने समाज में एक नोतरा आयोजित किया जहां उन्हें अपने समुदाय से 2 लाख 20 हजार रुपए मिले। उक्त रुपए से निर्मला ने अपनी किराना दुकान खोलने के लिए घर के बुनियादी ढांचे को बढाया और अपनी सूची भर दी। प्रारम्भ में दुकान से 3000 रुपए प्रतिदिन की आय होने लगी। फिर निर्मला ने अपनी इन्वेंट्री बढाने के लिए एसएचजी से पहले का भुगतान करने के बाद 25 हजार रुपए प्राप्त किए। इससे उसे बहुत मदद मिली। अब उसके पास बेचने के लिए बहुत सी सामग्री है। निर्मला की दुकान सडक किनारे होने के कारण ग्राहकों की भीड लगी रहती है। अब उसे प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपए की औसत आय प्राप्त हो रही है। दोनों पति-पत्नी मिलकर दुकान संचालित करते हैं। समूह से जुडकर निर्मला के जीवन में आशारूपी किरण से अभूतपूर्व बदलाव आया। निर्मला प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान को बहुत- बहुत धन्यवाद देती है।
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