जरूरी दवाएं होंगी सस्ती, 119 दवाओं की अधिकतम कीमत तय

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बीमारी में मरीज शारीरिक परेशानी ही नहीं झेलता बल्कि महंगी दवा आर्थिक रूप से उस परिवार की कमर भी तोड़ देती है। सरकार जहां महंगी दवा का बोझ कम करने के लिए जनऔषधि केंद्र खोल रही है तो वहीं एक वर्ष में 5वीं बार जरूरी दवा की अधिकतम कीमतें तय की हैं। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने जिन 119 दवाओं की अधिकतम कीमत तय की है, उसमें कोविड में इस्तेमाल की जाने वाली पैरासीटामॉल और एमोक्सीसिलिन दवाएं भी शामिल हैं। नए आदेश से कैंसर, डायबिटीज, फीवर, हेपेटाइटिस सहित कई गंभीर बीमारियों की दवा की कीमत में 40% तक कमी आएगी। कैंसर और ट्यूमर रोधी टैमोजोलोमाइड की कीमत 662 रुपये थी, जो अब 393.6 रुपये में मिलेगी। इसी तरह हेपेटाइसिस की दवा सोफोस्बुविर 741 रुपये की जगह 468 रुपये में मिलेगी। जीवाण्विक संक्रमण में इस्तेमाल होने वाली 400 एमजी मोक्सीफ्लोक्सासिन दवा की कीमत 31.5 रुपये प्रति टैबलेट थी जो अब 22.8 रुपये कर दी गई है। इससे पहले सरकार ने जुलाई 2022 में ही 84 दवाओं की कीमतें तय की थी।