
अमित अग्रवाल, संस्कार दर्शन बारां(राजस्थान)। सांसद दुष्यंत सिंह ने कहा कि अधिकारी वर्ग को राजनैतिक भेदभाव से इतर विकास के काम करने चाहिए। उन्होनें कहा कि एक बार निर्वाचित होने के बाद मैं सभी का हूं, मुझे अपने निर्वाचन क्षेत्र का चहुंमुखी विकास चाहिए, इसके लिए सभी विभागों का सहयोग अपेक्षित है।
बुधवार को मिनी सचिवालय के सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की अध्यक्षता करते हुए सांसद सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए ज़रूरी दिशा निर्देश प्रदान किए। उन्होनें कहा कि प्रधानमंत्री के आकांक्षी जिलों में शामिल होने के बावजूद भी बारां जिले में विकास योजनाओं की गति काफी धीमी है। उन्होनें कहा कि बहुप्रतीक्षित परवन वृहत सिंचाई परियोजना राजस्थान सरकार की उदासीनता के चलते अपनी गति नहीं पकड़ पा रही है। इसकी वजह से 954 गांवों के लिए पेयजल और सिंचाई संसाधनों के लिए लंबा इंतजार करना होगा। उन्होनें जल जीवन मिशन की धीमी गति के साथ ही पाइप लाइन खोदकर सड़कों का पुनर्निर्माण करने में बरती जा रही कोताही को गंभीरता से लिया। उन्होनें ऐसे मामलों की निगरानी के लिए पंचायत समिति स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटियां बनाने के निर्देश दिए। सांसद ने हिकड गांव को जल जीवन मिशन से जोड़ने की पुरजोर वकालत की। परवन सिंचाईं परियोजना की डूब में आ रहे गांवों के विस्थापन और पुनर्वास पर चर्चा करते हुए उन्होनें कहा कि अप्रैल माह तक पुनर्वास की योजना को कार्यरूप प्रदान किया जाना चाहिए इसके बाद वे स्वयं इसका निरीक्षण करेंगे।
उन्होनें कहा कि बारां जिले में विकास की गति ठहरने का इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा कि यहां सार्वजनिक निर्माण विभाग के पास वर्ष 2022-23 के दौरान 1100 करोड़ की स्वीकृतियों के विपरीत मात्र 300 करोड़ के ही काम हो सके हैं।
सांसद सिंह ने जिले में अवैध बजरी और पत्थर खनन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस पर गंभीरता से खान, वन, राजस्व एवं पुलिस विभाग को काम करने की ज़रूरत है। उन्होनें जिले में संचालित अवैध क्रशरों पर भी लगाम कसने के निर्देश दिये। सांसद सिंह ने किसानों को विद्युत आपूर्ति में आ रही व्यवधान की शिकायतों के समाधान के निर्देश दिए। उन्होनें ग्राम सेवा सहकारी समितियों के चुनाव में हुई धांधली की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। बारां-अकलेरा एनएच 90 के पुनर्निर्माण में अनावश्यक विलंब पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होनें इसे समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए। सांसद ने जिले में नरेगा योजना को अन्य योजनाओं के साथ जोड़ते हुए कार्य स्वीकृत करने की सलाह दी। उन्होनें कहा कि इस प्रकार काम करने से बड़ी योजनाओं को अमली जामा पहनाया जा सकेगा। सांसद दुष्यंत सिंह ने बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं सीएमएचओ को संयुक्त रूप से कुपोषण के खिलाफ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कलेक्टर नरेंद्र गुप्ता, पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा, जिला परिषद की सीईओ कृष्णा शुक्ला सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।