समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 06 दिसंबर 2025 शनिवार

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श्री दत्तात्रेय जन्मोत्सव पर्व मनाया गया
मंदसौर। दशनाम गोस्वामी समाज मंदसौर मंडल सचिव अशोक गिरी गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि दशनाम गोस्वामी समाज मालवा मेवाड़ द्वारा श्री दत्तात्रेय जन्मोत्सव पर्व के उपलक्ष्य पर शिवना नदी के तट पर श्री दत्तात्रेय मंदिर परिसर में 4 दिसंबर ,गुरुवार प्रात: 8:00 बजे प्रतिवर्षानुसार समाज के बंधुओं द्वारा अभिषेक कर हवन पूजन किया गया एवं प्रसादी वितरण किया गया।
इस शुभ अवसर पर महंत अर्जुन पूरी रूपावाली, रामेश्वर पूरी रूपावाली, गोपाल पूरी रूपावाली, भैरूपुरी ढाबला, महंत किशोर गिरी जी अचलपुरा, शंभूपुरी कितुखेड़, महेंद्र पूरी कितुखेड़ी, अशोक गिरी सेजपुरिया, नारायण गिरी भूखी, मांगू पूरी कचनार, बग़्दूगिरी मंदसौर, विनोद गिरी चंद्रपुरा मंदसौर की गरिमामय उपस्थिति में दत्तात्रेय जन्मोत्सव पर्व मनाया गया व आभार कमल भारती,मंदसौर द्वारा प्रकट कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
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सुगम आवागमन, बेहतर ट्रैफिक सिस्टम और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा मॉडल रोड
कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने मॉडल रोड कार्यों का विस्तृत निरीक्षण कर, प्रगति का लिया जायजा
मंदसौर 5 दिसंबर 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने आज शहर में विकसित किए जा रहे मॉडल रोड प्रोजेक्ट का विस्तृत निरीक्षण कर संपूर्ण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। सरदार वल्लभ भाई पटेल चौराहा, गांधी चौराहा, भारत माता चौराहा एवं घंटाघर क्षेत्र को जोड़ने वाले इस मॉडल रोड को पूर्णत: सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने कहा कि मॉडल रोड शहर के ट्रैफिक प्रबंधन को सुचारू एवं सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि आम नागरिकों द्वारा दिए जा रहे जनहित सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आगामी कार्यवाही की जा रही है, ताकि शहर को एक आदर्श एवं सुविधायुक्त मॉडल रोड उपलब्ध कराया जा सके।
कलेक्टर ने इस दौरान सड़क का नक्शा, एग्रीमेंट, कार्य योजना तथा नपती का अवलोकन किया। उन्होंने एमपीआरडीसी, पीडब्ल्यूडी एवं नगर पालिका को निर्देशित किया कि, सड़क की नपती नियमानुसार कर सभी कार्य उसी अनुरूप किए जाएँ। नपती के अनुसार चुना लाइन डालकर मार्किंग की जाए। विभाग आपसी समन्वय के साथ सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण कार्य करें। ठेकेदारों को समयबद्ध एवं मानक अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दि
कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने नगर पालिका टीम से चर्चा की और अतिक्रमण हटाने तथा शहर को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि, भवनों के आगे सड़क क्षेत्र में किए गए निर्माण को तुरंत हटाया जाए। अव्यवस्था दिखाई दे तो तत्काल कार्रवाई की जाए
नगर पालिका और ट्रैफिक पुलिस प्रतिदिन मिलकर व्यवस्था बनाए रखें। मॉडल रोड पर साइक्लिंग ट्रैक विकसित करने के लिए नगर पालिका कार्य करें।
एमपीईबी विभाग को अंडरग्राउंड केबलिंग, घंटाघर क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर शिफ्टिंग तथा लाइन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने कहा कि नगर पालिका द्वारा किए जा रहे नवीन निर्माण एवं व्यवस्थाओं से सड़क को नया स्वरूप मिल रहा है। यह मॉडल रोड पैदल यात्रियों, दोपहिया–चारपहिया वाहनों एवं सभी नागरिकों के लिए अत्यंत सुगम और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान देकर ट्रैफिक जाम को कम किया जाएगा।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि, यह मॉडल रोड शहर की कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नागरिकों के मूल्यवान सुझावों को शामिल किया जा रहा है। कम समय में नगर पालिका ने उत्कृष्ट कार्य किया है, जो सराहनीय है।
मॉडल रोड के विकास के साथ मंदसौर शहर जल्द ही एक आधुनिक, स्वच्छ, सुरक्षित और यातायात सुविधाओं से युक्त मार्ग का लाभ उठाएगा।
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युवा संगम रोजगार मेले में विभिन्न क्षेत्रों की आठ कंपनियों में 240 युवक-युवतियों का हुआ प्राथमिक चयन
मंदसौर 5 दिसंबर 2025/ जिला रोजगार अधिकारी श्री प्रशांत मैड़ा ने बताया कि कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग के मार्गदर्शन में जिले में रोजगार उन्मुख गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु युवा संगम रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिस मेले का आयोजन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, नयाखेड़ा मंदसौर में किया गया।
इस मेले का आयोजन जिला रोजगार कार्यालय, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था मन्दसौर, लीड बैंक के संयुक्त समन्वय से किया गया। मेले में कुल 360 युवक-युवतियों ने पंजीयन कराया, जिनका आठ विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा साक्षात्कार लिया गया। कंपनियों द्वारा कुल 240 युवक-युवतियों का प्राथमिक चयन किया गया।
मेले में उपस्थित विभिन्न विभागों द्वारा युवक-युवतियों को स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा 44 लाख रुपये तथा राष्ट्रीय आजीविका मिशन द्वारा 12 लाख रुपये के चेक हितग्राही समूहों को वितरित किए गए।
स्वास्थ्य विभाग सहित अनेक शासकीय विभागों द्वारा सूचना-परामर्श हेतु स्टॉल भी लगाये गये। मेले का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर एवं उपाध्यक्ष श्रीमती नम्रता चावला द्वारा किया गया।
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राज्य की समृद्ध वन संपदा में चीता मुकुटमणि और कोहिनूर के समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो नेशनल पार्क में छोड़े 3 चीते
राज्य में चीतों की संख्या बढ़कर हुई 32
अब कूनो में तीसरी पीढ़ी के चीता भी हैं मौजूद
श्योपुर, कूनो में चीतों के पुनर्स्थापन से पर्यटन में हुई 5 गुना वृद्धि
चीता प्रोजेक्ट से बढ़ रहे है रोजगार के अवसर
मंदसौर 5 दिसंबर 25 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों के अनुरूप श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों के पुनर्स्थापन को नई दिशा मिली है। आज अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर मादा चीता ‘वीरा’ के साथ उसके दो शावक खुले वन में विचरण के लिए छोड़े गए हैं। राज्य में चीतों की संख्या अब 32 हो गई है। इसमें गांधीसागर अभयारण्य के 3 चीते भी शामिल हैं। कूनो नेशनल पार्क चीतों के पुनर्वास से अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर का केंद्र बन चुका है। कूनो में हमारी धरती पर ही जन्मे तीसरे पीढ़ी के चीते विचरण कर रहे हैं। कूनो में जन्मी मादा चीता ‘मुखी’ के 5 शावक स्वस्थ हैं, यह सुखद समाचार है। कूनो के चीते अब श्योपुर से मुरैना और राजस्थान की धरती तक दौड़ लगा रहे हैं। राज्य की समृद्ध वन संपदा में चीता मुकुटमणि और कोहिनूर के समान है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर तीन चीतों को स्वछंद विचरण के लिये बाड़े से अभयारण्य में छोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की भूमि पर सभी जीव सुरक्षित होंगे, राज्य सरकार इसके लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उन्नत रेडियो ट्रेकिंग प्रणाली और समर्पित टीमों के माध्यम से सतत् निगरानी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीता दिवस के अवसर पर कूनो राष्ट्रीय उद्यान के वर्ष-2026 के कैलेण्डर और ‘फील्ड मैन्युअल फॉर क्लिनिकल मैनेजमेंट ऑफ फ्री-रेंजिंग चीताज़ इन कूनो नेशनल पार्क’ बुक का विमोचन किया। साथ ही कूनो राष्ट्रीय उद्यान में ‘नव-निर्मित सोवेनियर शॉप’ का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान के पारोंद में आयोजित कार्यक्रम में चीता दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई दी। चीता प्रोजेक्ट की सफलता के लिए उन्होंने वन विभाग के अमले को धन्यवाद भी दिया।
चीतों का परिवार बढ़ रहा है तेजी से
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, टाइगर, लैपर्ड और चीता स्टेट है। हमारे जंगल बहुत से वन्यजीवों के आश्रय स्थल हैं। ऐसे में विश्व में पहली बार चीतों का पुनर्स्थापन मध्यप्रदेश में हुआ, इसके लिए वन विभाग के मंत्री और अधिकारी बधाई के पात्र हैं। श्योपुर, कूनो में चीतों के पुनर्स्थापन से पर्यटन में 5 गुना वृद्धि हो चुकी है। चीतों का परिवार जिस तेज गति से बढ़ रहा है, उसी हिसाब से भविष्य में कूनो नेशनल पार्क से विस्थापित लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।
मनुष्य और चीते का संबंध वसुधैब कुटुम्बकम का सबसे सुंदर उदाहरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि चंबल अंचल के स्वच्छ वातावरण में हमारे नागरिक भी चीतों के साथ जीना सीख गए हैं और चीतों से प्रेम भी कर रहे हैं। प्रदेशवासियों में वन्यजीवों एवं प्रकृति के साथ भाईचारे से जुड़ने का स्वभाव है। यह वसुधैब कुटुम्बकम का सबसे सुंदर उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की धरती पर चीता परियोजना के क्रियान्वयन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीता पर्यटन से कूनो राष्ट्रीय उद्यान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम अहेरा में ग्रामीण महिलायों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि हम अपनी बहनों का पूरा ध्यान रखेंगे। मुख्यमंत्री का स्नेह पाकर बहनों ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में श्योपुर जिले प्रभारी और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, वन राज्यमंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार, पूर्व वन मंत्री श्री रामनिवास रावत, अध्यक्ष सहरिया विकास प्राधिकरण श्री तुरसनपाल बरिया, उपाध्यक्ष श्री सीताराम आदिवासी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, चंबल कमिश्नर श्री सुरेश कुमार, कलेक्टर श्योपुर श्री अर्पित वर्मा, शिवपुरी कलेक्टर श्री रवीन्द्र चौधरी, जनप्रतिनिधि सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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प्रदेश में जल-पर्यटन का केंद्र बनेगी शिकारा सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल में ही पर्यटकों को मिलेगा कश्मीर की डल झील जैसा लुत्फ
प्रदेश के जल-पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर मिलेगी एक नई पहचान
पर्यटकों को प्रकृति की गोद में सुकून के पल बिताने का मिलेगा मौका
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया बड़े तालाब के बोट क्लब पर 20 नवीन शिकारा नाव सेवा का शुभारंभ
मंदसौर 5 दिसंबर 25 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में ‘शिकारा नाव’ सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इन नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा। शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है। ये शिकारे प्रदेश के जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलवाएंगे। प्रदेशवासी पर्यटन सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आएं। एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है। शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है। आज अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को बोट क्लब भोपाल पर ‘शिकारा नाव’ सेवा को झंडी दिखाने के बाद यह विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान हैं। नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई।
शिकारे की सैर का लिया आनंद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिकारों को फ्लेग ऑफ करने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया और उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गणमान्य नागरिकों ने शिकारा बोट रेस्टोरेंट से चाय, पोहा, समोसे एवं फलों का जायका लिया। साथ ही फ्लोटिंग बोट मार्केट से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाग और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली और अथितियों के साथ टेलीस्कोप से सूर्य के दर्शन किए। टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई थी।
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पर्यटन विकास से स्थानीय स्तर पर बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : वि.स. अध्यक्ष श्री तोमर
विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राजधानी की इतनी बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है। इससे प्रदेश में पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
देश के दिल भोपाल का विशेष दर्जा है – हरियाणा वि.स. अध्यक्ष श्री हरविंदर
शिकारा सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब है, यह शहर देशभर में अलग दर्जा हासिल किए हुए है। बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय है। वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा। नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव, डल झील के शिकारों के माध्यम से कश्मीर को मध्यप्रदेश ले आए हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म की यह पहल सराहनीय है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण ‘फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन’ और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे।
इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, जिलाध्यक्ष श्री रवींद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में पर्यटन प्रेमी उपस्थित थे।
“प्रमुख बिन्दु”
राजा भोज की नगरी भोपाल में लगभग एक हजार साल पहले बने बड़े तालाब में ‘शिकारा नाव’ सेवा का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर।
नवीन 20 शिकारों के माध्यम से पर्यटकों को कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील का आनंद, झीलों की नगरी भोपाल में ही मिल जाएगा।
शिकारों में पर्यटकों के लिए खान-पान एवं आरामदायक बैठक व्यवस्था की गई है।
एम.पी. टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को भी आगे बढ़ा रहा है।
शिकारा सेवा का आनंद उठाते हुए पर्यटक स्वदेशी उत्पादों की खरीद भी कर पाएंगे।
मध्यप्रदेश ने वन्य जीवों के पुनर्वास में भी इतिहास रचा है।
विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार, विधायक एवं अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित।
प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को लेकर आपार संभावनाएं विद्यमान है।
नर्मदा वैली सहित प्रदेश की बड़ी-बड़ी जल परियानाओं के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने वाली गतिविधियां को बढ़ाया जा रहा है।
राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।
पिछले एक साल में उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या 7 करोड़ के पार पहुंच गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिकारों को फ्लैग ऑफ करने के बाद बड़े तालाब में शिकारे की सैर का आनंद लिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की पारम्परिक कला बाग और बटिक वस्त्रों, जैविक उत्पादों आदि की खरीदारी भी की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बोट क्लब पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ सेल्फी ली।
टेलीस्कोप की बोट क्लब पर व्यवस्था वैज्ञानिक पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आंचलिक विज्ञान केंद्र भोपाल द्वारा की गई।
सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है।
इनका निर्माण ‘फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन’ और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती।
शिकारों से बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी।
शिकारों पर नौकायन का आनंद लेने के साथ पर्यटक बर्ड वाचिंग, हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स आदि भी खरीद सकेंगे।
बड़ी झील में शिकारा सेवा की शुरुआत बहुत आकर्षक है : विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर।
भोपाल सभी भारतवासियों के दिल के करीब : हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण।
बड़े तालाब में शिकारे चलते देखने का दृश्य अविस्मरणीय: हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेशवासियों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव भोपाल में होगा: वरिष्ठ विधायक श्री खंडेलवाल।
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