समाचार मंदसौर मध्य प्रदेश से 27 दिसंबर 2022

ग्राम अरन्यागुर्जर भूमि सर्वे क्र. 113 मे से 0.350 हे. भूमि कुम्हार समाज के व्यक्तियों को नि:शुल्क उत्खनन करने हेतु की आरक्षित
आरक्षित भूमि से प्रजापति समाज के व्यक्ति मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए नि:शुल्क मिट्टी प्राप्त कर सकेंगे
मंदसौर 27 दिसम्बर 22/ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कुम्हार जाति के व्यक्यिों को ईंट, बर्तन आदि बनाने हेतु मिट्टी उत्खनन हेतु भूमि आरक्षित करने के निर्देश दिये गये है। मंदसौर जिले के श्री रमेशचंद प्रजापति, प्रेदश संगठन मंत्री म.प्र. राज्य प्रजापति (कुंभकार) संघ भोपाल द्वारा प्रस्तुत आवेदन के आधार पर ग्राम अरन्यागुर्जर तहसील मंदसौर की भूमि सर्वे क्र. 113 में से 0.350 हे. भूमि कुम्हार समाज के व्यक्तियों को ईंट एवं बर्तन आदि बनाने में उपयोग में आने वाली मिट्टी को नि:शुल्क उत्खनन करने हेतु न्यायालय द्वारा आदेश कर आरक्षित की गई है। आरक्षित भूमि से कुम्हार समाज के व्यक्ति ईंट एवं बर्तन बनाने के लिए नि:शुल्क मिट्टी प्राप्त कर सकेंगे।
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मंत्री श्री डंग का दौरा कार्यक्रम
मंदसौर 27 दिसम्बर 22/ अपर कलेक्टर श्री आरपी वर्मा द्वारा बताया कि नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा तथा पर्यावरण विभाग मध्यप्रदेश शासन के मंत्री श्री हरदीप सिंह डंग 28 दिसम्बर 2022 को प्रात: 8.30 बजे कोचरिया खेड़ी, प्रात: 9.30 बजे लदुना, प्रात: 10.30 बजे राजनगर, प्रात: 11 बजे ईशाकपुर, प्रात: 11.30 बजे पतलासी कला, दोपहर 12 बजे नकेड़िया, दोपहर 1.30 बजे सरग सेदरा, दोपहर 2 बजे शेरगढ़, दोपहर 3 बजे झांगरिया, दोपहर 3.30 बजे गोकुलपुरा, शाम 4 बजे करणपुरा, शाम 4.30 मानपुरा, शाम 5 बजे सगौर एवं शाम 5.30 बजे सेदरा माता गांव का भ्रमण करेंगे।
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जनसुनवाईं में आज 48 आवेदन आयें
मंदसौर 27 दिसम्बर 22/ प्रति मंगलवार की तरह जिला कलेक्ट्रेट (सुशासन भवन) में साप्ताहिक जनुसनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई में जिले भर से आए 48 आवेदकों की समस्याएं सुनी। अधिकारियों को समय सीमा में निराकरण करने के अधिकारियों को निर्देश दिये। जनसुनवाई में आवेदकों ने अपनी समस्या/ शिकायत/ मांग/ आर्थिक सहायता संबंधी आवेदन दिये। जनसुनवाई में दौरान वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी आवेदकों से आवेदन पत्र प्राप्त कर उन पर समुचित कार्यवाही के लिये विभाग प्रमुखों की ओर प्रेषित किया। जनसुनवाई में बीपीएल सूची में नाम जुडवाने, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास मंजूर करने, निजी भूमि पर अवैध अतिक्रमण, भूमि विवाद, बीमारी सहायता, आपसी विवाद, शिक्षा ऋण दिलाने, सामुदायिक सुविधा घर (कम्युनिटी टायलेट) बनवाने आदि विषयों के आवेदन प्राप्त हुये। जिनके निवारण हेतु संबंधित विभागाधिकारियों को निर्देश दिये ।
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सभी मतदाताओं को वोटर स्लिप उपलब्ध करवायें
मंदसौर 27 दिसम्बर 22/ सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री राकेश सिंह ने सभी कलेक्टर्स एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिन पंचायतों के आम/उप निर्वाचन हो रहे हैं, वहाँ के मतदाताओं को वोटर स्लिप उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि पंच पद के लिये मतदान मतपत्र एवं मतपेटी द्वारा तथा सरपंच एवं जनपद पंचायत सदस्य के लिये मतदान ईव्हीएम से होगा। पंच के 61 हजार 936 पद के लिये उप निर्वाचन और 1364 पद के लिये आम निर्वाचन होगा। सरपंच के 122 पद के लिये उप निर्वाचन एवं 78 पद के लिये आम निर्वाचन होगा। जनपद पंचायत सदस्य के 9 पद के लिये उप निर्वाचन होगा। मतदान 5 जनवरी 2023 को सुबह 7 से अपरान्ह 3 बजे तक होगा।
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मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना सप्ताह का होगा आयोजन
28 दिसम्बर से 5 जनवरी तक होगा
मंदसौर 27 दिसम्बर 22/ जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र मंदसौर के द्वारा 28 दिसम्बर से 5 जनवरी 2023 तक तक मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना के मार्गदर्शन एवं प्रकरण तैयार कराने के लिए सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र मंदसौर में किया जाऐगा ।
महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र मंदसौर द्वारा अनुरोध किया गया है कि क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवक मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना का लाभ उठाने के लिए निम्न दस्तावेज आधार कार्ड, समग्र आईडी, फोटो, अंक सूची, जाति प्रमाण पत्र (लागू हो तो) निवास प्रमाण पत्र, पेन कार्ड, आयकर दाता होने पर 3 वर्षो का आयकर विवरण, परियोजना प्रारूप, कोटेशन इत्यादि के साथ उपस्थित होकर प्रकरण तैयार करवाऐं एवं माननीय मुख्यमंत्री जी की महत्वकांशी योजना का लाभ उठाये।
उद्यम क्रान्ति मध्यप्रदेश शासन की एक मात्र ऐसी योजना है जिसमें व्यवसाय एवं व्यवसायिक वाहन जैसे टेक्सी, बस, ट्रेक्टर, डम्फर, जेसीबीए हाइड्रा मशीन, फोकलेन मशीन, व्यवसायिक छोटे वहान के साथ किराना दुकान जनरल स्टोर खाद्य बीज दुकानए हार्डवेयर, भवन निर्माण सामाग्री एवं अन्य सभी व्यवसायिक गतिविधियाँ इत्यादि के लिए 25 लाख रूपए का लोन इस योजना में प्राप्त किया जा सकता है जो व्यक्ति अभी तक बैंको के माध्यम से मुद्रा लोन लेते थे उन्हे किसी प्रकार का लाभ प्राप्त नही होता था ऐसे लोग भी इस योजना के अन्तर्गत लोन लेकर 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान एवं गारंटी फीस का लाभ प्राप्त कर सकते है
मध्यप्रदेश शासन द्वारा उद्यम क्रान्ति योजना कि पात्रता शर्तों में परिर्वतन किया गया है अब 8 वी कक्षा उत्तीर्ण एवं उम्र 18 से 45 वर्ष तक के शिक्षित बेरोजगार योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है, मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना अन्तर्गत जिले को 1800 प्रकरणों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिले की सभी बैक शाखा को लक्ष्य दिये जा चुके है उद्योग, सेवा एवं खुदरा व्यवसाय अर्थात रिटेल ट्रेड के लिये लक्ष्य प्राप्त हुए है। उद्योग विभाग ने बताया कि योजना अंतर्गत उद्योग क्षेत्र के लिए 50 लाख रूपये तक तथा सेवा अथवा खुदरा व्यवसाय के लिए 25 लाख तक की परियोजना लागत सीमा निर्धारित की गई है। योजना में 18 से 45 वर्ष और न्यूनतम 8 वी कक्षा उत्तीर्ण इच्छुक व्यक्ति आवेदन कर सकते है। योजना का लाभ केवल नवीन उद्यम की स्थापना हेतु देय होगा। जिसमें 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रतिवर्ष की दर से 7 वर्ष तक देय होगा। योजना के आवेदन samast.mponline.gov.in पोर्टल के माध्यम से किया जाना है ।
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इस मिलन समारोह के प्रमुख समन्वयक एवं परामर्शदाता रेनू मंगल, विजया जैन एवं विपिन बढ़गोती रहे जिन्होंने संपूर्ण आयोजन संचालित किया। पहले सभी पूर्व छात्र छात्राओं से संपर्क कर व्हाट्सएप ग्रुप बना सभी छात्रों को जोड़ा गया जिसमें सभी पूर्व छात्रों ने कार्यक्रम में आगे बढ़ चढ़कर जिम्मेदारी निभाने का प्रस्ताव रखा। जिसके तारतम्य में ऑडिटोरियम एवं अन्य व्यवस्थाओं की जवाबदारी तेजपाल सिंह शक्तावत ने ली। श्री हरि सिंह शक्तावत ने संपूर्ण भोजन की जिम्मेवारी ली एवं जलपान की समस्त जिम्मेवारी श्री गजेंद्र पाटीदार ने ली।
महाविद्यालय ऑडिटोरियम में मीटिंग शुरू हुई जिसमें प्रिंसिपल एलएन शर्मा, प्रोफेसर श्री झाला, प्रोफेसर श्री सोनी, तत्कालीन क्रीड़ा अधिकारी मदन मसानिया एवं जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नरेश चंदवानी का मोतियों की मालाओं से स्वागत एवं शाल श्रीफल से सम्मान किया गया। प्रोफेसर श्री झाला जी व्यक्तिगत रूप से समस्त छात्र छात्राओं को स्मृति चिन्ह प्रदान किए एवं सभी छात्र छात्राओं ने पुराने दिनों को याद किया। अंत में तेजपाल सिंह शक्तावत द्वारा आभार प्रकट किया गया ।
श्री झूलेलाल सिन्धु महल समाज की शान है- संत भोलाराम
मन्दसौर। मनुष्य को अपने जीवन में आलस का त्याग करके धर्म मार्ग पर चलकर नाम स्मरण में अपना ध्यान केन्द्रित करना चाहिये।
उक्त विचार श्री प्रेमप्रकाश आश्रम कानपुर (उत्तर प्रदेश) के संचालक संत श्री भोलारामजी प्रेमप्रकाशी ने अपने अमृतमयी वचनों में कहा कि मनुष्य अपने जीवन में जीवनभर दूसरे इंसानों को ेदेखता रहता है किन्तु वो अपने आप व स्वयं की श्क्ति को नहीं पहचानता जो उसे परमात्मा ने प्रदान की है। अपने अंतिम समय का इंतजार करता रहता है, जब वो अपना मन परमात्मा एवं सतगुरू के नाम स्मरण में लगाता है, नाम स्मरण रूपी एक खजाना है, आपके पास पैसा रूपया भले न हो किन्तु नाम रूपी खजाना अगर है तो आपको आत्म शान्ति व जीवन में सकारात्मकता से आप खुश रहकर जीवन जी सकते है।
आपने नाम स्मरण एवं ध्यान करने कि कला को सिखलाया जिसे संगत ने प्रयोग कर ध्यान लगाया उससे सभी मंत्रमुग्ध हो गये।
उक्त आशय की जानकारी श्री प्रेमप्रकाश सेवा मण्डली के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शिवानी ने देते हुए बताया कि संत श्री भोलाराम ने कहा कि जिसने अपना सब कुछ याने तन मन वार दिया वो कभी दुःखी नहीं रहेगा, सतगुरु के श्री चरणों में अपने आपको न्यौछावर करके तो देखों आपका उद्धार निश्चित होगा। श्री ओमप्रकाश हरीरामानी रायपुर, दीपक बुधवानी कानपुर, सचिन मूलानी कानपुर, बारलुकुमार गादिया ने भ्ज्ञी श्री प्रेमप्रकाश ग्रंथ की अमृतमयी भजनों से सत्संग,प्रवचनों में चार चांद लगा दिये।
संत श्री भोलारामजी एवं मण्डली का स्वागत सत्कार पिपलियामंडी में राजूकुमार, शंकरलाल, रमेशचन्द्र, बबू सभी हरजानी परिवार एवं मंदसौर में श्री झूलेलाल सिन्धु महल, नारायणदास हीरानी, कमलेश ज्ञानचंदानी, हरिश उत्तवानी, नारायण शिवानी, नानकराम नंदवानी, गोपाल बालानी ने अपने निवास स्थानों पर आमंत्रित कर सत्संग आयोजित करवाया।
आपश्री का स्वागत करने वालों में प्रमुख रूप से दृष्टानन्द नैनवानी, वासुदेव सेवानी, गिरीश भगतानी, नन्दू आडवानी, दयाराम जैसवानी, सुरेश बाबानी, प्रीतम खेमानी, भगवानदास आसवानी, भगवानदास वासवानी, हरिश उत्तरवानी, मोहनदास फतनानी, गिरीश शिवानी, किशन लालवानी, सुन्दरराम आसवानी, नरेश कोटवानी, देवीदास प्रदनानी आदि थे।
संत श्री भोलारामजी ने सिन्धु महल में श्री झूलेलाल धाम मंदिर मे ंभगवान श्री झूलेलाल की मूर्ति पर पुष्पमाला चढ़ाकर पूजा अर्चना की और आपने श्री झूलेलाल सिन्धु महल को समाज की शान निरूपित करते हुए खुशी जाहिर की तथा समिति व श्री नरेश भावनानी की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए समाज में सुख समृद्ध शांति, अमन चैन व रिद्धी सिद्धी का पल्लव पाकर आशीर्वाद प्रदान किया। श्री झूलेलाल सिन्धु महल परिवार की ओर से आभार प्रदर्शन संयोजक दृष्टानंद नैनवानी एवं भाई बंध पंचायत के अध्यक्ष वासुदेव सेवानी ने माना
कौशल एवं दक्षता संवर्धन हेतु हुआ ‘ प्रबन्ध प्रदर्शनी’ का आयोजन
मन्दसौर,27 दिसम्बर। स्थानीय शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ,मन्दसौर के बी. बी. ए. विभाग में छात्र-छात्राओं के विषय ज्ञान,प्रबन्ध कौशल और जीवन सफलता हेतु सामाजिक सरोकारों को लेकर प्रबन्ध प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। प्रदर्शनी का फीता काटकर उदघाट्न करते हुए संस्था प्राचार्य डॉ. एल. एन. शर्मा ने विद्यार्थियों के इस शानदार क्रिएशन एवं अप्रतिम उत्साह की प्रशंसा करते हुए उत्साही बने रहने की प्रेरणा दी।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे आई.आई.टी.मद्रास के पोस्ट ग्रेजुएट व वर्तमान में गुड़गांव की एमएनसी में सी टी ओ के पद पर कार्यरत श्री निशु गोयल ने अपने अनुभवों के साथ जीवन सफ़लता के गुर विद्यार्थियों से साझा किए। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ वीणा सिंह ने छात्रों से चरैवेति-चरैवेति का आव्हान किया। विभाग निदेशक डॉ. अशोक अग्रवाल ने 57 प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत पोस्टर्स में लीडरशिप,स्टॉप पल्यूशन मैनजमेंट फंक्शन व रेन वाटर हार्वेस्टिंग के साथ ही मार्केटिंग मॉडल की 4 नई विधाएं,डे-नाईट मॉडल,रूम-हीटर एवं रोल ऑफ कम्युनिकेशन को अतिथियों के सम्मुख विस्तार से बताते हुए विभागीय गतिविधियों व छात्र-छात्राओं की रचनाधर्मिता का उल्लेख किया।प्रदर्शनी के प्रारम्भ में डॉ रजत जैन ने बताया कि विद्यार्थियों के मध्य सकारात्मक प्रतियोगिता के इस आयोजन की थीम ‘डेकोरेट यूअर मैनेजेरियल जिल’ थी।जिसके अंतर्गत प्रबन्ध विधा पर आधारित मॉडल,चार्ट्स,हैंडीक्राफ्ट वस्तुएं,बकेट-कार्ड्स और बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट जैसे क्रिएशन विद्यार्थियों को प्रदर्शित करने थे जिसका बखूबी निर्वहन प्रो.शालू नलवाया के निर्देशन में छात्र-छात्राओं द्वारा किया गया।
प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. एस. पी.पंवार,डॉ. आर.के.व्यास एवं प्रो.शीतल श्रीमाल , सुहानी गोयल थी।पोस्टर में प्रथम स्थान छात्रा प्रियांशी जैन ने प्राप्त किया। छात्रा पूजा पवार ,निशा कहार, पूर्वी चौधरी ने मॉडल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। रितिका शर्मा , कशिश कर्नावत द्वारा निर्मित कार्डस विशेष सुंदर थे।प्रदर्शनी का अवलोकन करने वालों में डॉ.सरिता अग्रवाल, डॉ. खुशबू मंडोवरा , डॉ सीमा जैन, डॉ श्वेता चौहान,डॉ ज्योति डोसी , प्रो. सी एस बारिवाल विशेष उल्लेखनीय है।प्राचार्य महोदय ने सहभागिता करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन प्रमाणपत्र देने की घोषणा की। महाविद्यालय परिवार के स्टॉफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों द्वारा अवलोकन किया गया।अंत मे प्रदर्शनी संयोजक प्रो.साक्षी विजयवर्गीय ने आभार माना।
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मध्यप्रदेश में बिजली की सर्वाधिक आपूर्ति और मांग का नया कीर्तिमान पुन: स्थापित
रिकार्ड 3183.52 लाख यूनिट बिजली आपूर्ति
बिजली की मांग 17 हजार मेगावॉट के नजदीक पहुँची
मंदसौर 27 दिसम्बर 22/ मध्यप्रदेश में बिजली की मांग 25 दिसंबर को 16 हजार 996 मेगावॉट पर पहुँच गई। यह मध्यप्रदेश के इतिहास में बिजली की सर्वाधिक मांग है। वहीं 23 दिसंबर को प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक 3183 लाख 52 हजार यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई। यह प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक बिजली अपूर्ति का नया कीर्तिमान है। इससे पूर्व 21 दिसंबर को प्रदेश में 3163 लाख 28 हजार यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई थी। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर सभी अधिकारी और कर्मचारियों को बधाई दी है।
प्रदेश में कैसी रही बिजली की मांग
प्रदेश में जब बिजली की मांग 16 हजार 996 मेगावॉट पर दर्ज हुई, उस दौरान मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, सागर एवं रीवा संभाग) में 4640 मेगावॉट, मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल एवं ग्वालियर संभाग) में 5376 मेगावॉट और मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर एवं उज्जैन संभाग) में बिजली की अधिकतम मांग 6622 मेगावॉट दर्ज हुई। रेलवे को 359 मेगावॉट बिजली दी गई।
प्रदेश में कैसे हुई बिजली सप्लाई
प्रदेश में 26 दिसंबर को जब बिजली की मांग 16 हजार 996 मेगावॉट दर्ज हुई, उस समय बिजली की सप्लाई में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप एवं जल विद्युत गृहों का उत्पादन अंश 4034 मेगावॉट, इंदिरा सागर-सरदार सरोवर-ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना का अंश 1403 मेगावॉट, सेंट्रल सेक्टर का अंश 4029 मेगावॉट, सासन का अंश 1120 मेगावॉट और आईपीपी का अंश 1677 मेगावॉट रहा। अन्य स्त्रोत जिनमें नवकरणीय स्त्रोत और बैंकिंग भी शामिल हैं, से प्रदेश को 4732 मेगावॉट बिजली प्राप्त हुई।
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