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जावद। श्री एन. एम. सिंह मीना, अपर सत्र न्यायाधीश, जावद के द्वारा नवजात शिशु को कुडे़ के ढेर में फेंकने वाली माता को धारा 317 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व कुल 2500रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक श्री अरविंद शर्मा द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 7 वर्ष पूर्व दिनांक 07.08.2015 शाम के 5ः30 बजे ग्राम अठाना स्थित खाकर देव मंदिर के पास स्थित रोडी की हैं। जहां पर गांव के लोगों को कचरे के ढेर में एक नवजात शिशु पड़ा हुआ दिखाई दिया, जिसको गांव के लोग उपचार हेतु जिला चिकित्सालय नीमच ले गये तथा इसकी जानकारी थाना जावद पुलिस की दी, जिनके द्वारा अज्ञात माता के विरूद्ध अपराध क्रमांक 298/15 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई। विवेचना के दौरान संदेह के आधार पर एक महिला से पूछताछ की गई एवं उस महिला व नवजात शिशु के डीएनए सेंपल लेकर जांच हेतु भेजे गये, जिसकी रिपोर्ट में वह महिला ही नवजात की माता होना पाई गई। विवेचना में यह पता चला की वह महिला अविवाहित होते हुए गर्भवती हो गई थी, जिसने नवजात को जन्म दिया था व जन्म को छुपाने के लिए उसने नवजात को कुडे के ढेर में फेंक दिया था। इसके पश्चात् विवेचना पूर्णकर अभियोग पत्र जावद न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा न्यायालय में घटना स्थल के साक्षियों व डी.एन.ए. रिपोर्ट के आधार पर अपराध को प्रमाणित कराकर महिला को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिससे सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी महिला को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया।