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कीर की चौकी पर हुआ सभा का आयोजन
5 दिवसीय आयोजन के तहत मनाने पर हुआ विचार
नीमच। कीर समाज की मातृ शक्ति वीरांगना पूरी बाई कीर ने वर्षो पूर्व ही कीर समाज का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखवा दिया था वे क्षत्रिय होकर निडर जॉबाज महिला शक्ति थी जिन्होंने अपनी क्षत्रियता के बल पर अपनी ताकत का एहसास कराया। आज उन्हीं की बदौलत मंगलवाड़ से उदयपुर मार्ग हाईवे पर ही कीर की चौकी ग्राम आता है जो वीरांगना पूरीबाई कीर की जन्म स्थली है। वर्तमान में उनकी प्रतिमा वहां विराजित है और प्रतिवर्ष 11 दिसंबर को उनकी जयंती पर कीर समाज बड़ा आयोजन करता है। 11 दिसंबर गर्व का दिन है। हम ये चाहते है कि यह आयोजन एक दिवसीय ना होकर 5 दिवसीय आयोजन हो और जिसका प्रारंभ 7 दिसंबर से प्रारंभ होकर 11 दिसंबर तक विभिन्न कार्यक्रम के साथ समापन हो। साथ ही राजस्थान सहित मध्यप्रदेश व अन्य जगहों पर जहां भी जयंती समाजजन मनाये वहां 11 दिसंबर के पूर्व ही आयोजन मनाये और 11 दिसंबर को देशभर से कीर समाज बंधु कीर की चौकी में एकत्रित हो जिससे एक बड़ा मेसेज समाज में जायेगा।
उक्त विचार कीर की चौकी (उदयपुर) में वीरांगना मॉ पूरीबाई कीर के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में कीर युवा महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष चान्दना नीमच, राजस्थान प्रदेश कीर समाज अध्यक्ष किशनलाल कीर चित्तौड़, कीकाराम कीर चित्तरोड़ी, वरिð समाजसेवी हिम्मतसिंह कीर देसूरी, वरिð अध्यापक मोहनलाल कीर चित्तोड, जिला चित्तोड़ कीर समाज अध्यक्ष धर्मराज कीर अध्यापक, धर्मवीर कीर पत्रकार बर, , किशन कीर गिंगला, उदयलाल कीर झाला, नरेन्द्र दायमा पाली, बाबुलाल कीर, सत्यनारायण कीर कीर की चौकी आदि ने संबोधित करते हुए सभी ने समाज में व्याप्त कुरूतियों पर विचार विमर्श करते हुए उनको समाप्त करने की बात कही। खासकर नशा परिवार के लिये तो घातक है ही वही परिवार के लिये भी नाश का कारण बनता है नशा दीमक की तरह होता है नशे से दूर रहने की बात कही वहीं सभी ने शिक्षा पर जोर देकर कहा कि शिक्षा शेरनी का वह दूध है जो भी पीता है वो दहाड़ता है। शिक्षा से हर प्रकार का अंधियारा दूर होता है तरक्की के रास्ते खुलते है। एक शिक्षित व्यक्ति परिवार सहित समाज व देश की तरक्की में सहयोगी बनता है।
इससे पूर्व भादसोड़ा चौराहा से श्री सांवलियाजी प्राकट्य स्थल से कीर समाज ने वाहन रैली निकाली जो भादसोड़ा, मंगलवाड़ हाईवे पर विभिन्न मार्गो से होती हुई कीर की चौकी पर पहुंची वहीं जिला बांसवाड़ा, डूंगरपूर, गिंगला क्षेत्र से भी वाहन रैली निकली जो विभिन्न मार्गो से होती कीर की चौकी पहुंची जहां दोनो रैली का समापन हुआ। रैली में सबसे आगे डीजे चल रहा था जिसमें वीरांगना मॉ पूरी बाई कीर व कीर समाज व धार्मिक ओजस्वी गीतों पर युवा उर्जा से लबरेज हो झूमते हुए चल रहे थे। रास्ते में जगह जगह समाजसेवियों और अन्य समाज बंधुओं व राजनीतिक दलों ने पुष्पवर्षा के साथ ही आतिशबाजी कर कीर समाज की रैली का स्वागत किया गया। रैली में शामिल युवाओं ने गले में केसरिया दुपट्टे जो मॉ पूरीबाई कीर के नाम को सुशोभित कर रहे थे वह पहन रखे थे वहीं हाथों में केसरिया ध्वज हवा में लहराते हुए युवा वाहनों पर चल रहे थे। कार्यक्रम का संचालन मोहन कीर ने किया वहीं आभार बाबुलाल कीर, सत्यनारायण कीर ने व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रमुख आयोजनकर्ता मॉ पूरीबाई कीर ट्रस्ट कीर की चौकी के सभी सदस्यों के द्वारा किये गये सफल आयोजन की उपस्थित लोगो ने सराहना की। इस अवसर पर डॉ.पंकज कीर, डॉ. नरेश कीर, माधव कीर, नरेन्द्र दायमा पाली, राजेश कुमार कीर बर, पीके दायमा पाली, पूरण कीर चित्तौड, परमेश्वर कीर, किशन कीर, कानजी कीर, भंवलाल कीर मोरवन, श्यामलाल कीर कीरपुरा, मनोहर कीर मोरवन, मिठ्ठूलाल कीर सहित सैकड़ो समाज बंधु उपस्थित थे।