समाचार रतलाम मध्य प्रदेश से 3 दिसंबर 2022
विधायक श्री मकवाना अतिक्रमण से मुक्त भूमि के निरीक्षण के लिए पहुंचे
रतलाम 03 दिसम्बर 2022/ जिला प्रशासन द्वारा बंजली से जावरा बाईपास पर अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर निरीक्षण के लिए रतलाम ग्रामीण विधायक श्री दिलीप मकवाना शनिवार को को पहुंचे। कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी भी मौजूद थे। इस दौरान अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर पूर्णरूपेण सफाई करके शासकीय भूमि होने का बोर्ड भी लगा दिया गया है।
लगभग 70 करोड़ रूपए मूल्य की उक्त भूमि पर गरीब कमजोर वर्गों के लिए अफॉर्डेबल हाउस बनाने हेतू हाउसिंग बोर्ड द्वारा डीपीआर तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के पालन में लगभग साड्डे तीन हेक्टेयर भूमि पर विधायक श्री मकवाना की पहल पर सूराज कॉलोनी बनाई जाएगी। शासकीय अमले द्वारा भूमि पर अतिक्रमण द्वारा बनाए गए सीसी रोड एवं बाउंड्री वाल को भी तोड़ा गया। इस दौरान विधायक श्री मकवाना द्वारा हाउसिंग प्रोजेक्ट के संबंध में कलेक्टर श्री सूर्यवंशी एवं कार्यपालन यंत्री हाउसिंग बोर्ड श्री राजकुमार से भी चर्चा की गई।
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जननायक टंट्या मामा बलिदान दिवस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए
जिले से 5 हजार प्रतिभागी 4 दिसंबर को रवाना होंगे
रतलाम 03 दिसम्बर 2022/ इंदौर में 4 दिसंबर को नेहरू स्टेडियम पर आयोजित होने वाले जननायक टंट्या मामा बलिदान दिवस कार्यक्रम में रतलाम जिले से भी व्यापक सहभागिता की जा रही है। करीब 125 बसों के द्वारा 5 हजार प्रतिभागी 4 नवंबर को इंदौर के लिए रवाना होंगे।
कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा जिले के प्रतिनिधित्व हेतु पुख्ता व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के लिए विभिन्न अधिकारियों को पृथक- पृथक दायित्व सौंपा गए हैं। संपूर्ण कार्यक्रम हेतु नोडल अधिकारी सीईओ जिला पंचायत श्रीमती जमुना भिड़े को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा अन्य अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण दायित्व सौपे गए हैं। प्रतिभागियों के भोजन, मेडिकल किट इत्यादि व्यवस्था की गई है। 4 दिसंबर को जिले की सैलाना, पिपलौदा, बाजना, रतलाम ग्रामीण से प्रतिभागियों को लेकर बसे इंदौर रवाना होंगी। कलेक्टर द्वारा सभी बसों पर प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जो व्यवस्थाएं देखेंगे।
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विश्व दिव्यांग दिवस पर दिव्यांगों ने किया अपने हूनर का प्रदर्शन
ट्राईसिकल, व्हील चेयर, बैसाखी आदि उपकरण भी प्रदाय किए गए
रतलाम 03 दिसम्बर 2022/ विश्व दिव्यांग दिवस का आयोजन स्थानीय नेहरु स्टेडियम पर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महापौर श्री प्रहलाद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती लालाबाई, विशेष अतिथि निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा, रोगी कल्याण समिति सदस्य श्री हेमेन्त राहोरी, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती जमुना भिडे, उपसंचालक सामाजिक न्याय श्रीमती संध्या शर्मा, सहायक परियोजना अधिकारी श्री मुकेश राठौर, जनअभियान परिषद् के जिला समन्वयक श्री रत्नेश विजयवर्गीय आदि उपस्थित थे।
कार्यक्रम में जिले विभिन्न विकासखण्डों बाजना, सैलाना, पिपलौदा, रतलाम, आलोट, जावरा आदि के कुल 532 दिव्यांगों तथा उनके सहायकों ने भाग लिया। जिला स्तर पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में ट्राईसायकल रेस, बैसाखी रेस, 50 मीटर दौड, गोला फेंक, चित्रकला, रंगोली, चेयर रेस के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को गोल्ड, सिल्वर तथा ब्रांस मेडल तथा प्रमाण पत्र वितरित किए गए। सभी प्रतिभागी दिव्यांगों को सांत्वना पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में जनचेतना परिषद्, सारथी फाउण्डेशन, विकलांग मंच, लायन्स क्लब, रोटरी क्लब, महावीर बरगढ विकलांग संस्था आलोट के सदस्य, जिला शिक्षा केन्द्र के मोबाईल स्त्रोत सलाहकार, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग, हस्तकला आदि की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही दिव्यांग बच्चों द्वारा डांस, गाना, नाटक, परेड आदि का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को ट्राईसिकल, व्हील चेयर, बैसाखी आदि उपकरण भी प्रदाय किए गए।
गोला फेंक प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार रीना सिंगाड, द्वितीय पुरस्कार वर्षा दशरथ, तृतीय पुरस्कार सूर्या निनामा को मिला। बालकों में प्रथम पुरस्कार प्रशांत रामलाल, द्वितीय स्थान दीपेश बैरागी, तृतीय स्थान कटारा को मिला। वैशाखी रेस में प्रथम पुरस्कार शंभूलाल चौधरी, द्वितीय पुरस्कार गोविंदराम कुमावत तथा तृतीय पुरस्कार कन्हैयालाल कुमावत को मिला। दौड़ में प्रथम पुरस्कार वर्षा चारण, द्वितीय पुरस्कार रोहिणी चौहान, तृतीय पुरस्कार हेमा पिता अनोखीलाल को मिला। दौड़ में बालकों में प्रथम पुरस्कार रोहित देवदा, द्वितीय पुरस्कार अंकित चारेल तथा तृतीय पुरस्कार रोहित राकेश को मिला।
ट्राइसिकल रेस में प्रथम पुरस्कार ईश्वर खराड़ी, द्वितीय पुरस्कार कन्हैयालाल कुमावत, तृतीय पुरस्कार नियाज मोहम्मद को मिला। बालिकाओं में प्रथम पुरस्कार संतोषी बाबूलाल को मिला। द्वितीय चरण में प्रथम पुरस्कार प्रहलाद नायक, द्वितीय पुरस्कार छगनलाल पारगी तथा तृतीय पुरस्कार शंभूलाल को मिला।
म्यूजिकल चेयर रेस श्रवण बाधित दिव्यांगों के मध्य प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार हेमंत कुमार को, द्वितीय पुरस्कार जीतू मुनिया को तथा तृतीय पुरस्कार रोहित को मिला। मानसिक दिव्यांग वर्ग में म्यूजिकल चेयर रेस प्रतियोगिता के प्रथम पुरस्कार विजेता रितिका शाक्यवार, द्वितीय पुरस्कार कुशालसिंह तवर, तृतीय पुरस्कार लीसा परिहार को मिला। श्रवण बाधित दिव्यांगों की 100 मीटर दौड़ में प्रथम पुरस्कार संदीप सेन, दित्तीय पुरस्कार गौतम डामर, तृतीय पुरस्कार अंकेश चारेल को मिला। मानसिक दिव्यांग 50 मीटर दौड़ में प्रथम पुरस्कार दिव्यांशु पडियार, द्वितीय सुरेश माली तथा तृतीय पुरस्कार रिया खराड़ी को मिला। मानसिक दिव्यांग चित्रकला प्रतियोगिता का प्रथम पुरस्कार संजय पाटीदार, द्वितीय हर्ष कुमावत तथा तृतीय पुरस्कार वनीश मरमट को मिला। श्रवण बाधित दिव्यांगों की चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार संदीप परमार, द्वितीय ललित पाटीदार तथा तृतीय पुरस्कार दिनेश डामर को मिला। इसी प्रकार सुंदर लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार जतिन सिंह को, द्वितीय पुरस्कार विक्रम सिंह भूरिया, तृतीय पुरस्कार मुकेश गामड़ को मिला। रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार दीक्षिका गोस्वामी, द्वितीय पुरस्कार माहिम बागवान, तृतीय पुरस्कार कुलसुम खान को मिला। इसी प्रकार निंबू चम्मच रेस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार चंचल काकन्या, द्वितीय पुरस्कार शैली चौहान तथा तृतीय पुरस्कार आयशा बागवान को मिला।
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स्कूलों, आंगनवाडी और स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों को आयरन की गोली खिलाऐं – कलेक्टर
जिला समन्वय समिति की बैठक संपन्न
रतलाम 03 दिसम्बर 2022/ अनीमिया मुक्त भारत अभियान अंतर्गत जिला समन्वय समिति की बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रजनीश सिन्हा, शिक्षा विभाग के अधिकारी श्री मिश्रा, डीपीएम डॉ. अजहर अली, श्री आशीष चौरसिया, विभिन्न ब्लॉक के बीएमओ, बीपीएम, बीसीएम एवं विभागीय अधिकारी कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि अनीमिया मुक्त भारत अभियान अंतर्गत तीनों विभाग मिलकर समन्वित कार्य करें। सोमवार को टी. एल. बैठक के पश्चात एसडीएम की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित कर रिर्पोटिंग एवं अनीमिक बच्चों को अनीमिया से मुक्त करने की रणनीति बनाऐं एवं प्रगति की रिपोर्ट टी. एल. बैठक में प्रस्तुत की जाए। बच्चों को अनीमिया मुक्त करने के लिए संवेदनशीलतापूर्वक कार्य किया जाए। डिजिटल हीमोग्लोबीनोमीटर से बच्चों की अनीमिया की स्क्रीनिंग की जाए । नामजद सूची तैयार कर अनीमिया से मुक्त हुए बच्चों की सूची प्रस्तुत की जाए।
प्रभारी सीएमएचओ डॉ. वर्षा कुरील ने बताया कि यह निरंतर चलने वाला अभियान है कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली एवं आंगवाडी केन्द्र के बच्चों को 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को आयरन सीरप (आंगनवाडी केंद्रों में) , (5 से 9 साल के बच्चों को आयरन की गुलाबी गोली (सप्ताह में एक बार शासकीय स्कूलों में) 10 से 19 साल तक के बच्चों को आयरन की नीली गोली (सप्ताह में एक बार शासकीय स्कूलों में) एवं गर्भवती तथा धात्री माताओं को आयरन की लाल गोली प्रतिदिन खिलाई जाती है।
न्युट्रीशनल इंटरनेशनल के क्षेत्रीय समन्वयक श्री आशीष पुरोहित एवं एविडेंस एक्शन के क्षेत्रीय समन्वयक श्री कपिल कुमार यति ने बताया कि अनीमिया (खून में हीमोग्लोबीन की कमी) के कारण शरीर के अंगों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाता जिसके कारण स्वास्थ्य समस्याऐं होती है। अनीमिया के लक्षणों में जल्दी थक जाना, सांस फुलना, जल्दी जल्दी बीमार पडना, भूख ना लगना, सुस्ती व नींद आते रहना, पढाई खेल व अन्य कामों में मन नहीं लगना, ऑखों में लालिमा की कमी (निचले पेलेब्रल कंजक्टिवा का पीलापन) जीभ की सूजन, पीली त्वचा, पैरों में सूजन, नाखूनों का सफेद एवं चपटा होना (काईलोविया) आदि मुख्य हैं।
अनीमिया के मुख्य कारण अनुवांशिक, कम आयरन वाले भोजन का सेवन, रक्त स्राव के कारण खून की कमी, कृमि संक्रमण, लंबे समय तक बीमार होने पर या गंभीर बीमार होने के कारण आदि हैं । अनीमिया से बचाव के लिए आयरन की गोलियों का सेवन, हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन, आहार में आयरन प्रोटीन, विटामिन सी युक्त, फालेट बी 12 युक्त आहार जैसे पालक, बथुआ की भाजी, चुकंदर , गुड, तरबूज, आंवला, संतरा, टमाटर, अनार एवं मांसाहार (यदि मांसाहारी हों तो) आदि का सेवन करना चाहिए। आयरन फोलिक एसिड अनुपूरण से शारिरिक और मानसिक विकास, एकाग्रता में वृद्वि, स्वस्थ एवं चमकदार त्वचा तथा बाल आदि लाभ होते हैं।
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हर वर्ग, आयु की टिकाऊ, उपयोगी सामग्री
हस्तशिल्प मेले का आज अंतिम दिन
रतलाम 03 दिसम्बर 2022/ संत रविदास मप्र हस्तशिल्प एवं हाथकरघा विकास निगम ने नगर की शिल्प को जानने-समझने-परखने का सामर्थ्य रखने वाले जानकारों के सामने प्रदेश के सबसे अच्छे शिल्पकार और उनकी कला का प्रदर्शन और विक्रय रोटरी क्लब हॉल अजंता टॉकीज रोड में करने का अवसर उपलब्ध कराया। एक साथ, एक ही समय में, एक स्थान पर शरीर, स्वास्थ्य, सौंदर्य, परिधान, सजावट, श्रृंगार की कलात्मक सामग्री का ऐसा खजाना उपलब्ध कराया जो बाजार में देखना तो ठीक सुनने को भी नहीं मिलता है। पिछले दिनों जिस मेले में यह सब देखा और खरीदा उसका आज अंतिम दिन है।
मेला आयोजक श्री दिलीप सोनी ने बताया कि प्रदेश के शिल्पी सरकार से पुरस्कार और सम्मान पाते हैं। कारण केवल इतना होता है कि उनके उत्पाद घर की सुख, शांति और समृद्धि बढाते हैं। रोटरी क्लब हॉल अजंता टॉकीज रोड में यह सभी सामग्री बेमिसाल तौर पर आम लोगों तक पहुंची है। यवुतियों, महिलाओं के श्रृंगार के लिए सिर से लेकर नख तक मिलने वाली सामग्री बाजार में भी है, लेकिन वहां के उत्पाद हस्तशिल्प के सामने नहीं टिकते हैं। हस्तशिल्प मेले में जो साडियां आई है वे अनूठी है। यानि बाजार में यह साडियां नहीं मिलती है। जूते बाजार में भी मिलते हैं, लेकिन उसमे लेदर लगा या रेग्जिन यह पहचानने का जिम्मा ग्राहक का होता है, लेकिन मप्र शासन के इस मेले में इस प्रकार की कई सामग्री है जिसे पहचाने के लिए ग्राहक को ज्यादा मशक्कत करने की जरूरत नहीं होती है। यही कारण है कि हस्तशिल्प मेले के उत्पाद किसी भी स्तर तक जाकर अपनी गुणवत्ता बनाए रखते हैं और विश्वास के लायक होते हैं। बेडशीट, मलबरी सिल्क, सलील कॉटन, महेश्वरी साडी, बाग की साडियां, सूट, रेडिमेट कुर्ते, खंडवा का सिल्क कॉटन, प्रिंटेड सूट, मंदसौर की मीनाकारी, इंदौर का सिरमिक आर्ट, ग्वालियर की सिक्का ज्वैलरी, दुधि के लकडी के खिलौने, ग्वालियर का ग्लास वर्क, चूडियां, उज्जैन की लाख ज्वैलरी, मांडना, खजूर शिल्प, देवास का लेदर बेग्स जैसे कई आयटम कहीं बाजार में नहीं मिलते हैं।
हस्तशिल्प मेला उद्यमिता और कला के प्रति रूचि रखने वाले लोगों के लिए भी एक सीखने-सिखाने और दिखाने का स्थान रहा है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कॉलेज के विद्यार्थियों ने कला की जानकारी ली और मेले के उत्पादों को अपने घर में स्थान दिया। मेला आज अंतिम दिन सुबह 11 से रात्रि 9 बजे आम लोगों के लिए आज भी खुला है। मेले का रविवारको अंतिम दिन है।
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