यूपीएससी परीक्षा में मध्य प्रदेश के युवाओं ने मारी बाजी, सतना की स्वाति को 15 वीं रैंक

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भोपाल। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 के परिणाम जारी कर दिए हैं, जिसमें मध्य प्रदेश के युवाओं ने बाजी मार ली है। सतना जिले की स्वाति शर्मा ने इसमें 15वीं रैंक हासिल की है। स्वाति मैहर तहसील के भटनवारा गांव की निवासी हैं और इनके पिता मैहर में ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। वहीं धार की संस्कृति सोमानी ने 49वीं रैक हासिल की है। जबलपुर में चेरीताल निवासी सुजीत जैन की बेटी सृष्टि जैन ने 165वीं रैंक हासिल की है जबलपुर के जतिन जैन को 91वीं रैंक मिली है। बीना जिला सागर के शुभम सिंह ठाकुर को 466 वी रैंक मिली है।
इंदौर की अनुष्का शर्मा को 20 वीं रैंक मिली है। झाबुआ शहर के भूषण पुत्र सुधीर सोनी का पहले ही प्रयास में चयन हो गया। भूषण को 912वीं रैंक मिली है।
प्रशासनिक सेवा के जुनून से संस्कृति बनी टापर-
धार,बदनावर। बदनावर की संस्कृति सोमानी को आईएएस बनने का जुनून इतना हावी था कि उसके आचरण और व्यवहार में इसकी झलक दिखती थी। विगत दो सालों से वो प्रशासनिक सेवाओं की जमकर तैयारी कर रही थी। इस वर्ष आल इंडिया रैंकिंग में 49 वां स्थान प्राप्त किया है। उसका आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूर्ण हो गया है वह नगर की पहली आईएएस अधिकारी होगी।
धार भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सोमानी व किरण सोमानी की पुत्री संस्कृति ने यहां निजी विद्यालय से कक्षा 12 तक अध्ययन किया। संस्कृति सोमानी बचपन से ही मेधावी छात्रा रही है। शैक्षणिक, सामाजिक सांस्कृतिक और खेलकूद की प्रत्येक गतिविधियों में भाग लेती थी और शुरू से इनका लक्ष्य था कि मैं आल इंडिया सर्विस में पद प्राप्त करूं। उसके बाद कोटा में पढ़ाई करते हुए आईआईटी बनारस में सिलेक्ट हुई आईआईटी की पढ़ाई के बाद अच्छा खासा पैकेज इनके पास था। किंतु संस्कृति ने आईएएस को ही प्राथमिकता देते हुए दिल्ली में यूपीएससी परीक्षा की तैयारियां में जुट गई।
एचडीएफसी बैंक में आफिसर के पद पर रहते हुए आईएएस की पढ़ाई करती रही गत वर्ष साक्षात्कार में चूकने के बाद भी उसने हिम्मत नही हारी और पुनः तैयारियों में जुट गई। इसी का परिणाम रहा कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के मंगलवार को सिविल सर्विस एग्जाम 2022 के घोषित परिणाम में संस्कृति को आल इंडिया लेवल पर 49 वीं रैंक प्राप्त हुई। अब जाकर उसका आईएएस बनने का सपना हुआ। आईएएस बनने पर यहां आतिशबाजी कर मिठाइयां बांटी गई।
भोपाल की भूमि का यूपीएससी में चयन-
भोपाल की भूमि श्रीवास्तव का संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयन हुआ है। मंगलवार को आए परिणामों में उनकी सफलता इसलिए भी विशेष रही क्योंकि उन्होंने यह सफलता किसी कोचिंग संस्थान के मार्गदर्शन के बिना ही प्राप्त की है। भूमि इससे पूर्व बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की छात्रा रही हैं वे नेट जेआरएफ में भी सफलता प्राप्त कर चुकी हैं। वे शिवकुमार विवेक की पुत्री हैं। भूमि श्रीवास्तव ने 304 रैंक हासिल की है।
शहडोल की साक्षी मिश्रा ने यूपीएससी में 299वीं रैंक हासिल की है। उनकी मां प्रीति मिश्रा अनूपपुर के केंद्रीय विद्यालय में प्रिंसिपल हैं। परीक्षा में देवास की आयशा फातिमा ने 184 वीं रैंक हासिल की है। बदनावर की संस्कृति सोमानी ने 49 रैंक प्राप्त की है।
स्टेनो की बेटी का यूपीएससी में चयन, मिली 702 वीं रैंक-
विदिशा जिले की गंजबासौदा तहसील मुख्यालय पर न्यायालय में स्टेनो के पद पर तैनात अनिल जैन की इकलौती बेटी आकांक्षा ने यूपीएससी परीक्षा में 702 वीं रैंक हासिल की है। आकांक्षा ने 12 वीं तक की पढ़ाई गंजबासौदा कांवेंट स्कूल से ही की है और इंजीनियरिंग की डिग्री भोपाल के एक निजी कालेज से प्राप्त की है।।वर्तमान में वह दिल्ली विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ सोशल वर्क की पढ़ाई कर रही है।
उज्जैन की रोचिका गर्ग ने पाई 174 वीं रैंक-
परीक्षा में उज्जैन की रोचिका गर्ग ने उत्तीर्ण कर आइएएस बनने सपना पूरा कर दिखाया है उन्होंने सफल 933 युवाओं की सूची में 174 वीं रैंक प्राप्त की है। परिणाम से पूरा परिवार बेहद खुश हैं। खुशी के इस लम्हे को परिवार ने मिटाई बांट, नाच-गाकर सेलिब्रेट किया। वे उज्जैन पावरलूम एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश गर्ग की बेटी है।
साक्षात्कार में रोचिका ने कहा कि तीसरे प्रयास में यह सफलता पाई है। भविष्य में मैं अपने नाम की बजाय अपने काम से पहचानी जाना चाहती हूं। यही जवाब मैंने इंटरव्यू में भी दिया था। उन्होंने कहा कि जो भी कैडर, पद मिलेगा पूर्ण ईमानदारी और निष्ठा से संभालूंगी।
बता दें कि रोचिका की स्कूली पढ़ाई सेंट मेरी कान्वेंट स्कूल से हुई है। उन्होंने 10वीं की परीक्षा में 10 सीजीपीए अंक प्राप्त किए थे। 12वीं की परीक्षा 94 फीसद अंकों से उत्तीर्ण की थी। भोपाल के एमआइटी से इलेक्ट्रिकल ब्रांच से बीटेक की पढ़ाई करने के साथ ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। वे नियमित योग करती हैं। किताबें पढ़ना उनका शौक है।
पिछले वर्ष उज्जैन के तीन युवाओं ने पाई थी सफलता-
पिछले वर्ष सिविल सेवा परीक्षा में उज्जैन के तीन युवाओं ने सफलता प्राप्त की थी। एश्वर्य वर्मा ने आल इंडिया स्तर पर चौथीं रैंक पाई थी। उन्होंने पुरुष वर्ग में टाप किया था। तन्मय काले ने 230वीं रैंक और सोनू परमार ने 501वीं रैंक प्राप्त की थी।
आलीराजपुर की बेटी का पहले प्रयास में यूपीएससी में चयन-
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने लोक सेवा परीक्षा में शहर की बेटी आयशा मकरानी का पहले ही प्रयास में चयन हुआ है। आयशा ने देशभर में 184वीं रैंक हासिल की है। आयशा भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है उसने बताया कि अम्मी का ख्वाब था कि मैं कलेक्टर बनूं। इसे पूरा करने के लिए जी-जान से मेहनत की
आयशा ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई की है। स्कूल की पढ़ाई उन्होंने शासकीय कन्या हायर सेकंडरी स्कूल आलीराजपुर से की। यहां गणित में 12वीं तक की पढ़ाई करने के बाद कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन किया। दो साल से वे घर पर रहकर ही यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं।
आयशा ने चर्चा में कहा कि वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाकर कलेक्टर बनना चाहती हैं। उनका लक्ष्य बेहतर प्रशासक बनकर देश की सेवा करना है। इसके साथ ही वे अपने समाज के लिए काम करना चाहती हैं, ताकि अन्य बेटियां भी खूब पढ़ाई करें और विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नाम कमाएं। सफलता के सवाल पर आयशा ने कहा कि जीवन में जो भी लक्ष्य तय किया है, उसके लिए समर्पित भाव से खूब मेहनत करें। पूरी लगन से लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करने पर सफलता मिलने से कोई नहीं रोक सकता। सफलता जरूर मिलेगी।
बड़वानी के संचित ने पाई 92वीं रैंक-
बड़वानी जिले के छोटे से गांव दवाना के संचित पुत्र सुधीर शर्मा ने भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा में 92वीं रैंक हासिल की है। संचित ने दवाना और बड़वानी जिले का नाम रौशन किया है। उसके पिता सुधीर शर्मा ने बताया कि संचित ने प्रतिदिन आठ से दस घंटे पढ़ाई की। शुरू से ही वह आइएएस अधिकारी बनकर देशसेवा करने का संकल्प लेकर निरंतर पढ़ाई और मेहनत कर रहा था।