घटनाओं,दूर्घटनाओं से जीवन कि ले जाने वाली एम्बुलेंस कि स्पीड हुई 60

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कई बहनों की हो जाती डिलेवरी एंबुलेंस में ही
सुवासरा (शिवनारायण सोलंकी)।जिले में चल रही इमरजेंसी एंबुलेंस 108 की जो नाम मात्र की इमरजेंसी बनकर रह गई है
आपको बता दें कि पिछले वर्ष मध्यप्रदेश शासन द्वारा इमरजेंसी 108 एंबुलेंस का टेंडर जय अंबे कंपनी को हुआ था लेकिन जय अंबे कंपनी की लापरवाही से कहीं जगह आज तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई है और जहां पहुंचे हैं वहां पर भी कंपनी द्वारा अपनी बचत के लिए इमरजेंसी 108 एंबुलेंस की इमरजेंसी में भी स्पीड मात्र 60 तक सीमित कर दी है चाहे उसमें कोई मरीज मौत और जिंदगी के बीच भले ही जुझ रहा हो या कोई बहन गर्भवती हो चाहे कितने भी इमरजेंसी क्यों ना हो लेकिन कंपनी को कोई फर्क नहीं पड़ता कंपनी सिर्फ अपने फायदे के लिए पेट्रोल बचा रही है अगर समय रहते समझदार जनप्रतिनिधि व उच्च अधिकारी इस ओर ध्यान दें तो शायद बच सकती है कहीं बहनों और भाइयों की जान, 108 एंबुलेंस नाम मात्र की इमरजेंसी बन कर रह गई?