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हनुमान और गरुड़ देव के अलावा मां के कर्ज को कोई नहीं उतार सका -पं.श्री भीमाशंकर शास्त्री

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पिराना गांव में बह रही श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा 

दशरथ माली –

   चीताखेड़ा -28जनवरी। समीपस्थ ग्राम पिराना में ग्राम वासियों द्वारा आयोजित साप्ताहिक श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव एवं देवनारायण एवं बालाजी मंदिर पर शिखर कलश प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवचन में छःठे दिन शनिवार को आसमान से बरसती बारिश ने सबके तन मन को भिगो दिया,गौ भक्त कथा मर्मज्ञ पंडित भीमाशंकर शास्त्री धारियाखेड़ी की कथा में भागवत प्रसंग का वर्णन जिस प्रकार व्यंग्यात्मक शैली में किया जा रहा है जिसको सुनना जनमानस को खूब भा रहा है। संक्षिप्त भी उनकी एक विशेषता है किसी प्रसंग को अनावश्यक नहीं बढ़ाते हुए वे सीधे मानव मन पर प्रहार करते है। खासकर व्यसन त्याग करने को लेकर मांस मदिरा का सेवन करने वाले व्यक्तियों को निशाना बना रहे हैं वहीं व्यसन का त्याग करने वाले भी प्रेरित होकर त्याग करने हेतु आगे आकर संकल्प भी ले रहे हैं। इस अलौकिक भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव में शामिल होने पर श्रद्धालु अपने आप को बड़ा सोभाग्य मान रहे हैं और खुद को अभीभूत महसूस कर रहे हैं।

नन्दोत्सव के साथ कथा का छठा दिन उत्साह के साथ प्रारंभ हुआ। चारों ओर आनंद मन रहा है, इस समय नंदबाबा ने दान दिया है और उन्होंने बताया कि कलयुग में दान ही एक ऐसी वस्तु है जो भगवान तक पहुंचाता है। मनुष्य को चिंता नहीं प्रभु का चिंतन करें।

उक्त बात गौ भक्त कथा मर्मज्ञ पंडित भीमाशंकर शास्त्री धारियाखेड़ी ने पिराना में चल रही भागवत कथा के छठे दिन कहीं। गरुड़ देव और हनुमानजी ने मां के ऋण उतारा बाकी कोई भी नहीं उतार पाया। माता और भूमि स्वर्ग से भी ऊपर है, और देश प्रेम की भावना देश के वीर सैनिकों में है जो बॉर्डर पर तैनात हैं। जब जब देश के सैनिकों ने ठानी है देश हित में फैसला आया है। बच्चों के सामने कभी बूरे व्यसन का उपयोग नहीं करना चाहिए।घर में बच्चों से मांस,मदिरा, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू जैसे बुरे व्यसन खाना मत सिखाना और ना ही बाजार में लेने भी मत भेजना बल्कि मंदिर जाते समय साथ ले जाना और पाठ, पूजा- अर्चना करना सिखाना।

रासोत्सव का आयोजन –

कथा के मध्य भाग में रासोत्सव का वर्णन आया जहां भगवान की रासलीला का वर्णन करते हुए कहा कि यह ये संसार भगवान का रास है।हम सबके अंदर वह बैठे हैं।रास के द्वारा कामनाओं का दमन होता है भगवान ने गोपियों के साथ मिलकर रासलीला करी और उनकी कामनाओं का हरण किया। आज के समय में हम रासलीला को गलत अर्थों में लेते हैं।

56भोग का लगाया नैवेद्य –

 कृषि उपज मंडी समिति पूर्व अध्यक्ष उमराव सिंह गुर्जर, जिला पंचायत सदस्य तरुण बाहेती, सहकारी बैंक प्रबंधक भगवान सिंह राणावत के सहयोग से कथा के दौरान भगवान श्री कृष्ण को 56भोग लगाया गया। जिसमें महिलाओं ने अपने घरों में हाथों से विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर लाई व भगवान को नैवेद्य लगाया।56भोग महोत्सव के महत्व बताते हुए पं.शास्त्री ने कहा कि यह हमारे भाव को व्यक्त करने का माध्यम है।

 सर्व गुर्जर समाज ने महाप्रसादी का लिया लाभ –

 प्रतिदिन कथा में हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है इस मौके पर कथा समापन के पश्चात सामूहिक रूप से महाप्रसाद के रूप में भण्डारा किया जा रहा है पिराना गांव के गुर्जर समाज महाप्रसादी का लाभ ले रहे हैं। गुर्जर समाज जिला अध्यक्ष चंपालाल गुर्जर ने बताया है कि भगवान के यह अनुपम ग्रंथ का वाचन परम पूज्य गुरुदेव के चरणों में बैठकर सुनकर पिराना गांव की जनता धन्य हुई है। ग्राम की जनसंख्या मात्र 500 है पर जो पुण्य शाली है वहीं कथा अमृत का रसपान कर पा रहे हैं।

श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव के दौरान अक्रूर जी, श्री कृष्ण का मथुरा गमन, नंदराय,राधा रानी,कुब्जा, कालिया वन, बलराम,जरासंध,राजा रुकमणी, शिशुपाल,सांदीपनि आश्रम में शिक्षा, कंस वध, रुक्मणी विवाह आदि धार्मिक प्रसंगों को विस्तार से महत्व प्रतिपादित किया गया।

इन्होंने की शिरकत –

श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवचन में कृषि उपज मंडी समिति नीमच पूर्व अध्यक्ष उमराव सिंह गुर्जर, जिला पंचायत सदस्य तरुण बाहेती, महेंद्र सिंह राठौर नीमच, कृषि साख सहकारी संस्था प्रबंधक भगवान सिंह राणावत,.….ने कथा पंडाल में शिरकत कर कथा का रसास्वादन कर पंडित भीमाशंकर शास्त्री का आर्शीवाद लिया और कथा में आरती कर पूण्य लाभ लिया।

इन्होंने धरा स्वांग –

कथा के दौरान कथा पंडाल में श्री कृष्ण रुकमणी विवाह आयोजन किया गया ।स्वचलित झांकी प्रस्तुत की गई जिसमें श्री कृष्ण -निशा गुर्जर, रुकमणी -अरुणा गुर्जर ने आकर्षक अभिनय निभाया जो आकर्षण का केंद्र रहा।

आज होगी कथा की पूर्णाहुति –

श्रीमद् भागवत ज्ञान गंगा प्रवचन कथा महोत्सव के अंतिम दिन दिनांक 29जनवरी2023रविवार को सुदामा चरित्र, उद्भव ज्ञान प्रसंग का वर्णन पर प्रवचन पंडित भीमाशंकर शास्त्री से ज्ञान वर्षा प्रवाहित की जाएगी।हवन पूजन एवं महाआरती के पश्चात् महाप्रसाद (भण्डारा) के साथ भागवत ज्ञान गंगा कथा का विश्राम होगा। आयोजक समिति ने क्षेत्र की समस्त धर्म प्रेमी जनता से अनुरोध किया है कि अधिक से अधिक संख्या में निर्धारित समय पर पहुंचकर धर्म लाभ उठाएं।

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