मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्य प्रदेश नीमच 16 दिसंबर 2023

“विकसित भारत संकल्प यात्रा’’

विकसित भारत संकल्प यात्रा  प्रदेश में आज से आरंभ होगी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यात्रा का क्रियान्वयन मोदी की गारंटी की साख और गरिमा के अनुरूप हो

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांसद, विधायक सहित सभी जनप्रतिनिधियों से यात्रा के सफल आयोजन के संबंध में वर्च्युअल संवाद किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में आज यात्रा में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की विकसित भारत संकल्प यात्रा  की तैयारियों की समीक्षा
नीमच : 15 दिसम्बर, 2023, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में आज 16 दिसम्बर से आरंभहो रही  विकसित भारत संकल्प यात्रा  के संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आवश्यक दिशा-निर्देशदिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप जनहितऔर जनकल्याण के लिए आरंभ की गई यात्रा का क्रियान्वयन मोदी की गारंटी की साख औरगरिमा के अनुरूप हो। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार की जनहितैषी योजनाओं, लाभों औरसुविधाओं के बारे में जागरूकता सुनिश्चित करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजना कीपहुंच को सुगम बनाने के उद्देश्य से विकसित भारत संकल्प यात्रा  आरंभ की जा रही है।प्रमुख योजनाओं का लाभलक्षित लाभार्थियों, विशेष तौर से वंचित व आकांक्षी लोगों तकसमयबद्ध तरीके से पहुंचाना, योजनाओं का प्रचार-प्रसार और जागरूकता, लाभार्थियों के अनुभवसाझा करना और संभावित लाभार्थियों का चयन तथा नामांकन सुनिश्चित करना यात्रा काउद्देश्य है। 26 जनवरी 2024 को यात्रा का समापन गणतंत्र दिवस पर होगा।

सभी जिलों में यात्रा का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो:-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा का सभी जिलों में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिएपुख्ता तैयारी की जाएं, कहीं पर भी यात्रा की औपचारिकता न पूरी करें। यात्रा के सभी रूटों परजनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएं। यह बात मुख्यमंत्री ने 15 दिसम्बर को सभीजिलों के जनप्रतिनिधियों से यात्रा के सफल आयोजन के संबंध में वर्च्युअल संवाद करते हुएकही। उन्‍होने कहा, कि अधिकारी-कर्मचारी व्यक्तिगत रूचि लेकर यात्रा में शामिल हों और यात्राके उद्देश्य के अनुरूप सभी वंचित और पात्र व्यक्तियों तक यात्रा के लाभ पहुंचाना सुनिश्चितकरें।

बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और किसानों को यात्रा से जोड़ें : स्वस्थ जीवनशैली के लिएसभी को प्रेरित करें:– मुख्यमंत्री डॉ. यादव 16 दिसम्बर को उज्जैन से आरंभ हो रही  विकसित भारत संकल्प यात्रा में भाग लेंगे। डॉ.यादव ने कहा कि यात्रा में स्कूली बच्चों, महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, वरिष्ठ नागरिकों, युवाशक्ति और किसानों को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ाजाएं। विकसित भारत संकल्प यात्रा  से फिट इंडिया के संदेश का भी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हों औरजनसामान्य को पर्याप्त पोषण तथा एक्सरसाइज की आवश्यकता की जानकारी देते हुए स्वस्थजीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोबाइल वैन केजिलों में भ्रमण के लिए रूट चार्ट तैयार करें और जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रीय सांसद, स्थानीयविधायक सहित अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएं।

यात्रा में सांस्कृतिक कार्यक्रम और कृषि कार्यों के लिये ड्रोन प्रदर्शन भी होगा:- ;विकसित भारतसंकल्प यात्रा जनहितैषी योजनाओं पर केन्द्रित है। यात्रा के लिए ग्रामीण क्षेत्र की 19 तथा शहरीक्षेत्र की 15 योजनाएं चिन्हित हैं, इनमें स्वस्थ भारत मिशन, खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता शिक्षा,स्वास्थ्य सेवाएं, उचित पोषण, गरीबों के लिए आवास, वित्त पोषण सेवाओं और सामाजिक सुरक्षासे संबंधित योजनाएं शामिल हैं। योजनाओं की जानकारी और प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक जिलेमें ग्राम पंचायत तक मोबाइल वैन पहुँचेगी, जिसमें प्रधानमंत्री श्री मोदी का उद्बोधन, योजनाओंकी जानकारी और योजनाओं से संबंधित चलचित्र प्रदर्शित होंगे। यह वैन सभी नगरीय निकायोंमें भी जाएगी तथा पम्पलेट, बुकलेट आदि वितरित करने के साथ-साथ योजनाओं के लाभ लेनेके लिए आवेदन, लाभ वितरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। योजनाओं के संबंध में जागरूकताके लिए क्विज, सांस्कृतिक कार्यक्रम और ड्रोन प्रदर्शन भी होगा। लाभार्थियों की व्यक्तिगतसफलता की कहानियों और उपलब्धियों को साझा करने के लिए  मेरी कहानी-मेरी जुबानी जैसे कार्यक्रम होंगे तथा धरती कहे पुकार के, स्वच्छता गीत आदि जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किएजाएंगे। ड्रोन प्रदर्शन द्वारा प्राकृतिक खेती, स्वाईल हेल्थ कार्ड के संबंध में जानकारी दी जाएगी।पूर्व मंत्री एवं जावद विधायक श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव सेसंवाद कर सभी ग्राम पंचायतों को यात्रा में कव्‍हरकरने के लिए अतिरिक्‍त आईईसी वेनउपलब्‍ध कराने का सुझाव दिया। विधायक मनासा श्री अनिरूद्ध मारू भी वर्चुअली मौजूद थे।नीमच के एनआईसी कक्ष में आयोजित इस वीडियों क्रां‍फ्रेंसिंग में विधायक जावद एवं पूर्व मंत्रीश्री ओमप्रकाश सखलेचा, विधायक नीमच श्री दिलीप सिह परिहार, जिला पंचायत अध्‍यक्ष श्रीसज्‍जन सिह चौहान सहित सभी नगरीय निकायों के अध्‍यक्ष, जिला पंचायत सीईओ श्री गुरूप्रसाद एवं संयुक्‍त कलेक्‍टर श्री राजेश शाह, श्री बीएस अर्गल एवं सभी सीएमओ भी उपस्थित थे।

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नीमच में चार परीक्षा केंद्रों पर 17 दिसम्‍बर को होगी राज्‍य सेवा परीक्षा

नीमच 15 दिसम्बर 2023, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर द्वारा राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा,17 दिसम्‍बर 2023 को दो सत्रों में प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक तथा दोपहर 2.15 बजे से 4.15 बजेतक जिला मुख्यालय नीमच पर आयोजित की जा रही है। नीमच जिले में कुल परीक्षार्थी 1304 है। परीक्षाकेन्द्र श्री सीताराम जाजू कन्या महाविद्यालय नीमच पर 350, स्वामी विवेकानन्द स्‍नातकोत्तर महाविद्यालयनीमच पर 204, शा.बालक उ.मा.वि.क्रमाक 02 पर 500 एवं एम.एल.बी.शा.कन्या उ.मा.वि.नीमच नगर पर 250परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा हेतु उड़न दस्ते का गठन किया जाकर 4 दल बनाऐ गये है।संयुक्‍त कलेक्‍टर सुश्री प्रीति संघवी ने बताया, कि आयोग द्वारा अभ्यर्थियों हेतु परीक्षा संबंधीमहत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गये है। परीक्षा में प्रवेश पाने के लिए प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से साथ में लाएँ।परीक्षा कक्ष में निर्धारित अनुक्रमांक (रोल नंबर) की सीट पर ही बैठें। प्रवेश पत्र पर अंकित अनुक्रंमाक को हीओ.एमआर शीट के निर्धारित स्थान पर लिखे तथा संबंधित गोले को काले डॉट पेन से पूरा भरे। ओएमआरशीट में प्रश्न-पत्र के सेट के गोले को काले डॉट पेन से ध्यान से भरें, सेट का गोला न भरने पर या सही गोलान भरने पर मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। समस्त कार्य काले डॉट पेन से ही करें। ओ.एम.आर शीट में सहीउत्तर के गोले को भी काले डॉट पेन से ही पूरा भरे। ओएमआर शीट पर निर्धारित स्थान पर हस्ताक्षरअनिवार्यतः करें। ओ.एम.आर. शीट पर व्हाइटनर का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। अभ्यर्थी अपनी ओएम.आरशीट कक्ष के वीक्षक के हाथ में ही सौंपें एवं उनकी अनुमति पश्चात ही कक्ष छोड़े। परीक्षा में अनुशासनहीनतातथा अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर आपके विरुद्ध अनुशासनात्‍मक कार्यवाही करते हुए आपको परीक्षाकक्ष से निष्कासित किया जाएगा। ऐसी स्थिति में आयोग द्वारा जारी विज्ञापन में वर्णित अनुशासनात्मकनिर्देशों के तहत आपके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।जिन अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन-पत्र के अनुसार, ऑनलाइन प्रवेश-पत्र में उनके फोटो तथा हस्ताक्षरस्पष्ट नहीं है या अनुपलब्ध है अथवा त्रुटिपूर्ण हैं, ऐसे आवेदक निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करें- अपनेऑनलाइन प्रवेश पत्र पर विहित स्थान पर अपना फोटो चिपकाकर उसके नीचे अपने हस्ताक्षर करे तथा फोटोआबंटित परीक्षा केन्द्राध्यक्ष से प्रमाणित कराएँ। अपने फोटो की एक प्रति साथ ले जाएँ, उक्त फोटो के पीछेअपना नाम, आवेदन-पत्र क्रमांक एवं रोल नंबर अंकित करें। अपने साथ अपने आवेदन पत्र की रसीद की प्रति(जो आवेदन-पत्र जमा करते समय प्राप्त हुई थी) साथ ले जाएँ तथा मांगे जाने पर वीक्षक को प्रस्तुत करें।परीक्षा कक्ष में वर्जित वस्तुएँ:- परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, संचार उपकरण, मोबाइल, पेजर तथा केलक्यूलेटरआदि का प्रयोग पूर्णत: प्रतिबंधित है। परीक्षा कक्ष में जूते-मोजे पहनकर प्रवेश वर्जित होगा। परीक्षार्थी चप्पलव सैंडल पहनकर आ सकते हैं। चेहरे को ढक कर परीक्षा कक्ष में प्रवेश वर्जित होगा। एसेसरीज जैसे बालों कोबाँधने का क्लचर, बक्कल, घड़ी, हाथ में पहने जाने वाले मैटेलिक, चमड़े के बैड, कमर में पहने जाने वाले बेल्ट,धूप में पहने जाने वाले चश्मे, पर्स, वॉलेट, टोपी वर्जित है। ध्यान रखें सिर, नाक, गला, हाथ-पैर, कमर आदि मेंपहनने वाले सभी प्रकार के आभूषण तथा हाथ में बैंधे धागे, कलावा, रक्षासूत्र, तावीज आदि की सूक्ष्मता सेपरीक्षण व तलाशी ली जाएगी। अत्यावश्यक होने पर ही पहन कर आएँ।

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पुरातत्व स्मारक  विषय पर निबंध लेखन और पेंटिंग प्रतियोगिता की अंतिम तिथि 31 दिसंबर
नीमच 15 दिसम्‍बर 2023, पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय संचालनालय मध्य प्रदेश  में विश्व धरोहर सप्ताह के तहत 19  से 25 नवंबर 2023 तक राज्य के संग्रहालयों और स्मारकों मेंआकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। इसी क्रम में 18-30 वर्ष के युवाओं के लिए एकआनलाइन निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई है। इसके अलावा पेंटिंग प्रतियोगिता काभी आयोजन किया जा रहा है। दोनों प्रतियोगिताएं  पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालयसंचालनालय मध्य प्रदेश के राज्य पुरातत्व स्मारक के साथ प्रदेश की पुरातत्व धरोहर, प्राचीनचित्रों व प्रदेश पुरातत्व से जुड़े महत्व पर समग्रता लिए हुए, विषय पर आयोजित की जा रही है।इन दोनों ही प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अंतिम दिनांक में बदलाव किया गया है। अबऑनलाइन प्रकिया के तहत आवेदन 31 दिसंबर 2023 तक किए जा सकेंगे। जबकि इसकेपरिणाम 5 जनवरी 2024 को घोषित किए जाएंगे।प्रतियोगिता में शीर्ष 3 स्थान हांसिल करने पर विजेताओं को क्रमशः 10 हजार रुपये, 5 हजाररुपये एवं 3 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा शीर्ष 10 उम्मीदवारों मेंसे अन्य 7 प्रतिभागियों को प्रत्येक को 1,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।  सबमिशनकी अंतिम तिथियां-निबंध लेखन प्रतियोगिता–31 दिसंबर 2023, चित्रकला प्रतियोगिता-31 दिसंबर2023 है। प्रतियोगिता में भाग लेने केलिए, https://archaeology.mp.gov.in/ पर वेबसाईड देखीजा सकती है।

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जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन करने वाले आरोपी को 01 वर्ष का सश्रम कारावास

नीमच। श्रीमती स्वागिता पूर्णेश श्रीवास्तव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा जिला मजिस्ट्रेट, नीमच द्वारा दिये गये जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन करने वाले आरोपी नितेश पिता शिवलाल माली, उम्र-36 वर्ष, ग्राम चीताखेड़ा, थाना जीरन, जिला नीमच को मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनिमय, 1980 की धारा 15 के अंतर्गत 01 वर्ष के सश्रम कारावास व 1000रू अर्थदण्ड तथा धारा 188 भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के अंतर्गत 200 रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया।

प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाली एडीपीओं श्री चंद्रकांत नाफडे द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना 07 वर्ष पुरानी होकर दिनांक 14.03.2016 की थाना जीरन क्षेत्र की हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक बी. एल. भाबर को मुखबिर सूचना प्राप्त हुई की आवरी माता मंदिर के पीछे जिला मजिस्ट्रेट, नीमच द्वारा 06 माह की अवधि के लिए जिलाबदर किया गया आरोपी नितेश माली उपस्थित हैं। सूचना की तस्दीक हेतु जब वह आवरी माता मंदिर पहुंचे तो आरोपी पुलिस को देखकर भागने को प्रयास करने लगा, जिसकों फोर्स की सहायता से पकड़ा गया। आरोपी को जिला दण्डाधिकारी नीमच द्वारा 06 माह की अवधि के लिए नीमच व आस-पास के जिलों की सीमा से जिलाबदर किया गया था, किंतू उसके द्वारा जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन कर जिले की सीमाओं में प्रवेश किये जाने के कारण उसे गिरफ्तार कर पुलिस थाना जीरन में अपराध क्रमांक 66/2016 की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर शेष आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से न्यायालय में विवेचक व फोर्स के सदस्यों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराते हुए अपराध को प्रमाणित कराकर आरोपी को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिससे सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी चंद्रकांत नाफडे, एडीपीओ द्वारा की गई।

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भारतीय कला एवं संस्कृति को सृद्ढ बनाने को लेकर सांसद सुधीर गुप्ता ने लोकसभा में किया प्रश्न
मंदसौर – सांसद सुधीर गुप्ता ने भारतीय संस्कृति, लोककला आदि को सृद्ढ  बनाने को लेकर लोकसभा में प्रश्न किया। सांसद गुप्ता ने प्रश्न  करते हुए कहा कि सरकार द्वारा दिल्ली के लाल किले में भारतीय कला, वास्तुकला और डिजाइन द्विवार्षिक 2023 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का क्या उदेश्य है। इससे भारतीय कला को किस प्रकार सृद्ढ़ बनाया जा सकता है। इस आयोजन में क्या कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है और उनके लक्ष्य और उदेश्य क्या है। साथ ही इस आयोजन में कितना व्यय किया जा रहा है। उन्होने कहा कि  सरकार द्वारा इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए देश भर से कलाकारों और क्यूरेटरों को आमंत्रित किया है ।
प्रश्न के जवाब में संस्कृति, पर्यटन एवं पूर्वाेत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बताया कि लाल किला, दिल्ली में 9 से 15 दिसम्बर, 2023 तक भारतीय कला, वास्तुकला डिजाइन द्विवार्षिकी, 2023 का आयोजन किया जा रहा है जिसका उद्घाटन कार्यक्रम 8 दिसम्बर, 2023 को आयोजित किया गया। यह जनता के लिए 31 मार्च 2024 तक खुला रहेगा।

इस द्विवार्षिकी का अभिकल्पन कलाकारों, वास्तुकारों, डिजाइनरों, फोटोग्राफरों, संग्रहकों, कला पारखियों, क्यूरेटरों, कला व्यावसायिकों, गैलरिस्ट, शैक्षणिक संस्थाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और युवाओं के बीच समग्र रूप से वार्तालाप की पहल करने के उद्देश्य से किया गया ताकि सांस्कृतिक संवाद को सुदृढ़ किया जा सके और उन्हें नये मौके और अवसर प्रदान किए जा सकें। उन्होने बताया कि यह एक वैश्विक सांस्कृतिक पहल है और संस्कृति मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम है। सरकार ने पूरे देश से कलाकारों और क्यूरेटरों को आमंत्रित किया है जिनका विवरण अनुलग्नक पर दिया गया है। साथ ही सम्पर्क के लिए सांस्कृतिक स्थान और रचनात्मक उद्योगों को सुदृढ करना और वैश्विक सांस्कृतिक कूटनीति के लिए कलाओं का लाभ उठाना। उन्होने बताया कि इस आयोजन के उदेश्य आयु, जैंडर और विधाओं से परे पारंपरिक, जमीनी स्तर के कारीगरों और समकालीन डिजाइनरों, क्यूरेटरों और विचारकों को प्रदर्शित करना। प्राचीन, आधुनिक, समकालीन और तकनीकी प्रधान कला, वास्तुकला और डिजाइन के क्षेत्रों में हमारे देश में उपलब्ध सर्वाेत्कृष्ट पहलुओं का कीर्तिगान करना। उक्त कार्यक्रम के आयोजन पर कुल 20 करोड़ रुपये (लगभग) का व्यय किया गया है।

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